Teachers often provide Class 4 Hindi Notes Veena Chapter 5 आसमान गिरा Summary in Hindi Explanation to simplify complex chapters.
आसमान गिरा Class 4 Summary in Hindi
आसमान गिरा Class 4 Hindi Summary
आसमान गिरा का सारांश – आसमान गिरा Class 4 Summary in Hindi
‘आसमान गिरा’ कहानी एक खरगोश की है, जो एक पेड़ के नीचे सो रहा था। अचानक कुछ गिरने की जोर की आवाज़ सुनकर उसे लगता है कि आसमान गिर रहा है। वह डरकर भागने लगता है। रास्ते में उसे एक-एक करके लोमड़ी, भालू व हाथी मिलते हैं। वह सबको आसमान गिरने की बात बताता है। उसके पीछे बिना विचारे सभी जानवर भागने लगते हैं।

उनको भागते देखकर शेर उसका कारण पूछता है। सभी शेर को आसमान गिरने की बात बताते हैं। शेर इस पर विचार करके उस स्थान पर चलने की बात करता है। सभी उस पेड़ के पास जाते हैं, जहाँ खरगोश को आसमान गिरने की आवाज़ आई थी। वहाँ सब एक बड़ा सा फल गिरा हुआ देखते हैं। सभी उसे देखकर हँसने लगते हैं। सबको आसमान गिरने की सच्चाई समझ में आ जाती है। अतः किसी भी बात पर विश्वास करने से पूर्व उसकी सच्चाई का पता लगाना बहुत आवश्यक है।
आसमान गिरा शब्दार्थ
धम्म ! – किसी वस्तु के गिरने पर होने वाली आवाज़,
आसमान – आकाश,
ठहरो – रुको।
Class 4 Hindi Chapter 5 Summary आसमान गिरा
एक खरगोश था। वह पेड़ के नीचे सो रहा था। अचानक जोर की आवाज हुई – धम्म ! खरगोश चौंककर उठ गया। वह बोला, “अरे! क्या गिरा?”
खरगोश ने इधर-उधर देखा। उसे कुछ दिखाई नहीं दिया। उसे लगा आसमान गिर रहा है। खरगोश डर गया और भागने लगा।
भागते-भागते उसे एक लोमड़ी मिली। उसने पूछा, “खरगोश भाई, कहाँ भागे जा रहे हो? जरा सुनो तो।” खरगोश भाग-भाग बोला, “आसमान गिर रहा है, भागो! भागो! जल्दी भागो!”

लोमड़ी भी भागने लगी। आगे जाकर उन्हें एक भालू मिला। भालू बोला, “ठहरो, ठहरो! कहाँ भागे जा रहे हो?” खरगोश और लोमड़ी बोले, “भागो! तुम भी भागो। आसमान गिर रहा है!” भालू भी उनके साथ भागने लगा। खरगोश, लोमड़ी और भालू भागते-भागते एक हाथी के पास से निकले। हाथी बोला, “अरे! सब क्यों भागे जा रहे हो? ठहरो, कुछ बताओ तो ।”

भालू बोला, “आसमान गिर रहा है, तुम भी भागो ।” हाथी भी भागने लगा। सब भाग रहे थे – आगे-आगे खरगोश, उसके पीछे लोमड़ी, उसके पीछे भालू और सबसे पीछे हाथी। भागते-भागते उन्हें शेर मिला। उसने पूछा, “तुम सब क्यों भागे जा रहे हो?”
हाथी बोला, “आसमान गिर रहा है। तुम भी भागो!” शेर ने दहाड़कर कहा, “आसमान गिर रहा है ! कहाँ गिर रहा है? रुको।” यह सुनकर सभी जानवर रुक गए। शेर ने पूछा, “किसने कहा आसमान गिर रहा है?”
हाथी बोला, “भालू ने कहा।” भालू बोला, “मुझसे तो लोमड़ी ने कहा।”

लोमड़ी बोली, “मुझसे तो खरगोश ने कहा…. सबसे पहले इसी ने कहा था । ” खरगोश चुप रहा। शेर बोला, “कहो खरगोश ! कहाँ गिर रहा है आसमान ?” खरगोश ने कहा, “मैं पेड़ के नीचे सो रहा था । वहीं धम्म से आसमान गिरा।” शेर ने कहा, “चलो, चलकर देखें।”
वे सब उस पेड़ के नीचे गए। सबने पेड़ के नीचे देखा । वहाँ एक बड़ा-सा फल गिरा पड़ा था। तभी वैसा ही एक और फल गिरा – धम्म! खरगोश चौंक गया। शेर बोला, “तो यही तुम्हारा आसमान था। लो फिर आसमान गिरा। भागो!” और सभी हँसने लगे।
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