Thursday, 19 March 2026

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

Students revise important topics using Extra Questions for Class 7 Social Science and Class 7 SST Part 1 Chapter 6 पुनर्गठन का काल Extra Questions before exams.

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Question Answer

Class 7 SST Chapter 6 Extra Question Answer in Hindi पुनर्गठन का काल

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
पुनर्गठन का युग क्या है?
उत्तर:
मौयौत्तर काल का समय, जब पूरे भारत में छोटे-छोटे राज्यों का उदय हुआ और अलग-अलग राजवंशों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में शासन किया, पुनर्गठन का युग कहलाया।

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 2.
मौर्यों के बाद दक्कन में किस राजवंश ने शासन किया?
उत्तर:
मौर्यो के बाद दक्कन में सातवाहन राजवंश ने शासन किया।

प्रश्न 3.
पांड्य साम्राज्य का प्रतीक चिह्न क्या था?
उत्तर:
पांड्य साम्राज्य का प्रतीक चिह्न मछली था।

प्रश्न 4.
किस राजवंश ने ‘बाघ’ को शाही प्रतीक के रूप में प्रयोग किया?
उत्तर:
चोल राजवंश ने ‘बाघ’ को शाही प्रतीक के रूप में प्रयोग किया।

प्रश्न 5.
इंडो-ग्रीक कौन थे और उन्होंने क्या योगदान दिया?
उत्तर:
इंडो-ग्रीक सिकंदर द्वारा जीते गए क्षेत्रों से पीछे हटते समय छोड़े गए क्षत्रप थे और जो भारत में बस गए थे। वे समृद्ध स्थानीय संस्कृति से बहुत प्रभावित थे। इससे शासन, कला, भाषा और दैनिक जीवन में भारतीय और यूनानी तत्वों का मिश्रण हुआ।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
कुषाणों के उदय और उनके सबसे शक्तिशाली राजा कनिष्क पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
कुषाण एक शक्तिशाली राजवंश था जो पहली शताब्दी ई. के आस-पास उदित हुआ। वे मध्य एशिया में आए और उत्तर-पश्चिमी भारत में बस गए। उनके सबसे प्रसिद्ध शासक कनिष्क थे जिन्हें एक मजबूत राजा और बौद्ध धर्म के महान समर्थक के रूप में जाना जाता है। कनिष्क ने चीन और मध्य एशिया जैसे अन्य देशों में बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार में मदद की। उन्होंने कला और संस्कृति का भी समर्थन किया और उनके शासनकाल में गांधार और मथुरा कला शैली बहुत लोकप्रिय हुई।

कनिष्क ने अपने साम्राज्य में संस्कृतियों के मिश्रण को दर्शाते हुए उन पर भारतीय और यूनानी देवताओं के साथ सोने के सिक्के चलाना शुरू किया। उनका समय व्यापार, धर्म और कला के लिए महत्त्वपूर्ण था। पहली शताब्दी ई. में कनिष्क ने शक कैलेंडर की शुरूआत की। आज भी भारत सरकार अपने अधिकारिक दस्तावेजों में ग्रेगोरियन कैलेंडर की तारीखों के साथ शक संवत् की तारीखों का उल्लेख करती है।

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 2.
पांड्यों द्वारा उपयोग किए गए मछली के प्रतीक के महत्त्व की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
मछली का प्रतीक पांड्य साम्राज्य द्वारा प्रयोग किया जाता था और यह राजवंश का प्रतिनिधित्व करता था और यह राजवंश का प्रतिनिधित्व करने वाला महत्वपूर्ण प्रतीक था। यह समुद्र और व्यापार का प्रतीक था, विशेष रूप से मोती, मत्स्य पालने जिसे पांड्यों द्वारा नियंत्रित किया जाता था, जिससे मोती उनके साम्राज्य का एक महत्त्वपूर्ण निर्यात बन गया।

प्रश्न 3.
चोल साम्राज्य ने वास्तुकला में कैसे योगदान दिया?
उत्तर:
चोल साम्राज्य वास्तुकला में अपनी प्रगति के लिए जाना जाता था, विशेष रूप से मंदिरों के निर्माण में। इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण तंजावुर में बृहदेश्वर मंदिर है, जिसका निर्माण राजराजा चोल के शासनकाल के दौरान हुआ था। चोलों ने विशाल मूर्तियों के साथ-साथ भव्य पत्थरों के मंदिरों के निर्माण की प्रथा भी शुरू की।

प्रश्न 4.
भारत के इतिहास में इंडो-ग्रीक शासकों की क्या भूमिका रही?
उत्तर:
इंडो-ग्रीक शासक भारतीय कला और संस्कृति पर अपने प्रभाव के लिए महत्त्वपूर्ण थे। उन्होंने यूनानी शैली को प्रचलित किया और अपने सिक्कों पर बुद्ध जैसे भारतीय देवी-देवताओं और महापुरुषों को दर्शाया। उन्होंने अपने संरक्षण में मध्य एशिया के साथ अपने संबंधों के माध्यम से बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
गांधार और मधुरा कला शैलियों की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
कुषाण काल में गांधार और मथुरा कला शैली विकसित हुई और भारतीय तथा यूनानी शैलियों के सम्मिश्रण के लिए जानी जाती है। पश्चिमी पंजाब क्षेत्र से आने वाली गांधार शैली में घूसर काले शिष्ट पत्थर का प्रयोग हुआ है और ग्रीक रोमन प्रभाववाली यथार्थवादी मानव आकृतियाँ, विशेष रूप से बुद्ध की प्रतिमाओं में, चित्रित की गई। मथुरा शैली में कुछ विदेशी तत्वों के साथ स्वदेशी भारतीय शैलियों का समावेश था। दोनों शैलियों ने देवताओं के मानव रूप में चित्रण को बढ़ावा दिया और भारत में धार्मिक कला और आरंभिक मंदिर वास्तुकला के विकास में योगदान दिया।

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 2.
मौर्योत्तर काल में दक्षिण भारत की राजनीतिक और आर्थिक स्थितियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मौर्योत्तर काल में दक्षिण भारत कई महत्वपूर्ण राज्यों में विभाजित था, जिनमें मुख्यतः चोल, चेर और पांड्य थे। इन राज्यों ने इस क्षेत्र के राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • राजनीतिक स्थिति-चोल, चेर और पांड्य राजवंशों ने दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नियंत्रण किया और इस क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए लगातार सत्ता संघर्ष में लगे रहे। इन राज्यों के शासक अपने शक्तिशाली सैन्य अभियानों और केंद्रीकृत शासन की स्थापना के लिए जाने जाते थे। चोल शासक विशेष रूप से अपने प्रभावी प्रशासन और सांस्कृतिक उपलब्धियों के लिए जाने जाते थे।
  • आर्थिक स्थिति—दक्षिण भारत अपने रणनीतिक तटीय स्थानों के कारण आर्थिक रूप से समृद्ध था, जिससे विदेशी क्षेत्रों, विशेष रूप से रोमन साम्राज्य, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व के साथ व्यापार सुगम हुआ। पांड्य अपने मोतियों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थे, जिनका अत्यधिक मूल्य था और जिनका व्यापार होता था। चोल और चेर राज्य मसालों, कपास और हाथी दांत जैसी वस्तुओं के व्यापार में शामिल थे, जिससे इस क्षेत्र में धन और समृद्धि आई।

प्रश्न 3.
चोल राजवंश के उदय ने दक्षिण भारतीय संस्कृति और वास्तुकला पर क्या प्रभाव डाला?
उत्तर:
9वीं शताब्दी ई. में चोल राजवंश के उद्य का दक्षिण भारतीय संस्कृति और वास्तुकला पर गहरा प्रभाव पड़ा।

  • सांस्कृतिक योगदान-चोल कला, साहित्य और मंदिर निर्माण के महान संरक्षक थे। उन्होंन तमिल साहित्य को बढ़ावा दिया और उनके शासनकाल में तमिल संस्कृति फली-फूली। तंजावुर में बृहदीश्वर मंदिर, जिसे राजराजा चोल ने बनवाया था, चोल वास्तुकला और संस्कृति के सबसे प्रतिष्ठित उदाहरणों में से एक है।
  • वास्तुशिल्प योगदान-चोलों ने विशाल मृर्तियों और जटिल कला-कृतियों वाले भव्य पत्थर के मंदिरों की शुरूआत की, जो न केवल पूजा स्थल थे बल्कि साम्राज्य की शक्ति और धन का भी प्रतिनिधित्व करते थे। चोल वास्तुकला की विशेषता ग्रेनाइट के शिखर, आंगन और स्तम्भ वाले हॉल थे, जिन्होंने बाद की दक्षिण भारतीय मंदिर शैलियों के लिए एक नींव का काम किया। चोलों ने कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और साम्राज्य की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सिंचाई प्रणालियों भी बनाई।

दक्षता आधारित प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
पुनर्गठन काल के पश्चात् सैन्य विजय, कूटनीति और गठबंधनों के अलावा, गुप्तों ने अपने साम्राज्य का विस्तार करने के लिए किन अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया?
उत्तर:
सैन्य विजय, कूटनीति और गठबंधनों के अलावा, गुप्तों ने विवाह गठबंधनों, प्रशासनिक एकीकरण और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देकर अपने साम्राज्य का विस्तार किया। उन्होने अपने शासन के अंतर्गत विविध क्षेत्रों को एकजुट करने के लिए धर्म और संस्कृति का भी प्रयोग किया।

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 2.
पांड्य राजाओं ने मछली को, तो चोल राजाओं ने बाघ को अपना शाही प्रतीक बनाया। आपके अनुसार ये प्रतीक राज्य के मूल्यों और सिद्धांतों के बारे में क्या सूचना प्रदान करते हैं?
उत्तर:

  • मछली (पांड्य)-सम्पन्नता. समृद्धि और संभवतः समुद्री जीवन और मांती निकालने सं संबंधित होने का प्रतीक।
  • बाघ (चोल)-शक्ति, ताकत और शौर्य का प्रतीक, जो अपने में उनके प्रभुत्व और युद्ध संबंधी पराक्रमों को दर्शाता है।

कौशल आधारित प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
क्या आपको लगता है कि हमारी संस्कृति में आज भी इंडो-ग्रीक प्रभाव दिखाई देता है? कारण सहित बताइए।
उत्तर:
हमारी संस्कृति आज भी इंडो-ग्रीक संस्कृति से प्रभावित प्रतीत होती है। सिक्कों के डिजाइन, ग्रीक शैली की विशेषताओं वाली मूर्तियाँ और प्राचीन युग के स्तूपों में स्थापत्य शैली जैसे तत्वों का मिश्रण दिखाई देता है। भारतीय कला में यथार्थवादी मानव आकृतियों का उपयोग और कुछ दार्शनिक विचारों में भी ग्रीक परंपराओं का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। जो ये दर्शाता है कि कैसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने भारतीय विरासत को संजोया हुआ है।

केस/स्रोत आधारित प्रश्नोत्तर

नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर दें-

सातवाहन सबसे शक्तिशाली राजवंशों में से एक था, जो मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद उभरा। उन्होने मध्य और दक्षिणी भारत के क्षेत्रों में शासन किया। उनके शासक अक्सर अपने शीर्षकों में अपनी माँ के नाम का उपयोग करते थे, जैसे गौतमीपुत्र शातकर्णी। सातवाहनों ने अंतर्दशीय और समुद्री मागों का विकास करके व्यापार को बढ़ावा दिया। उन्होंने सिक्के जारी किए और मूर्तिकारों तथा कलाकारों का समर्थन किया। उनकी राजधानी, अमरावती व्यापार और कला का केंद्र बन गई।

प्रश्न 1.
शाही उपाधियों में माँ के नाम का प्रयोग क्या दर्शाता है?
उत्तर:
यह समाज में महिलाओं की उच्च स्थिति और संभवतः एक मातृवंशीय परपरा को दर्शाता है। यह शाही पहचान में माँ के वंश के प्रति सम्मान को भी दर्शाता है।

प्रश्न 2.
सातवाहनों ने व्यापार को कैसे समर्थन दिया?
उत्तर:
अंतर्देशीय और समुद्री व्यापार मार्गों का विकास करना, विनिमय को सुविधाजनक बनाने के लिए सिक्के जारी करना, व्यापार केंद्र बनाना और बंदरगाह शहरों को बढ़ावा देना।

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 3.
अमरावती, एक महत्तपपूर्ण शहर क्यों था?
उत्तर:
एक प्रमुख व्यापार केंद्र, कला और मूर्तिकला का केंद्र तथा सातवाहनों के अधीन एक प्रमुख शहर व राजधानी होने के कारण एक महत्त्वपूर्ण शहर था।

प्रश्न 4.
सातवाहनों का कला और संस्कृति में दिए गए दो योगदानों का नाम बताइए।
उत्तर:
मूर्तिकारों और कारीगरों को समर्थन, सास्कृतिक और राजनीतिक प्रतीकों को दर्शाने वाले सिक्के जारी करना।

प्रश्न 5.
उस समय व्यापार में सिक्कों ने कैसे मदब की?
उत्तर:
सिक्कों ने मूल्य मापने, वस्तुओं का आदान-प्रदान करने और व्यापार को मानकीकृत करने को आसान बना दिया। उन्होंने शासक के नाम और आर्थिक लेन-देन को भी विश्वसनीय बनाया।

चित्र आधारित प्रश्नोत्तर

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6 1

प्रश्न 1.
चित्र को पहचानिए।
उत्तर:
यह चित्र कल्लनई या ग्रैंड एनीकट का है. जो एक संश्लिष्ट जल-वितरण प्रणाली है।

प्रश्न 2.
इसका निर्माण किसने किया?
उत्तर:
इसका निर्माण चोल राजा करिकाल ने करवाया था।

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 3.
यह संरचना क्यों बनाई गई?
उत्तर:
यह संरचना कावेरी नदी के पानी को कावेरी डेल्टा के मध्य और दक्षिणी भागों की ओर मोड़ने के लिए बनाई गई थी।

प्रश्न 4.
इस परियोजना का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
इस परियोजना से अधिक भूमि पर खेती संभव हो सकी, जिससे इस क्षेत्र को ‘दक्षिण का अन्न भंडार’ नाम मिला।

प्रश्न 5.
क्या यह परियोजना अभी भी प्रयोग में है?
उत्तर:
हाँ, यह अभी भी प्रयोग में है और तमिलनाडु में लाखों लोगों को सिचाई के लिये पानी उपलब्ध कराकर उनकी मदद करता है।

पुनर्गठन का काल Class 7 MCQ

बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मौर्योत्तर काल के बाद के समय को जाना जाता है-
(i) गुप्त काल
(ii) वैदिक युग
(iii) पुनर्गठन काल
(iv) मुगलकाल
उत्तर:
(iii) पुनर्गठन काल

प्रश्न 2.
निम्न में से किस साम्राज्य का मौयों के बाद दक्षिण भारत में वर्चस्व था?
(i) गुप्त
(ii) सातवाहन
(iii) शुंग
(iv) इंडो-यूनानी
उत्तर:
(ii) सातवाहन

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 3.
सातवाहन शासकों ने अक्सर अपने शाही उपाधियों में किसका नाम शामिल किया?
(i) पिता का
(ii) गुरु का
(iii) मंत्री का
(iv) माता का
उत्तर:
(iv) माता का

प्रश्न 4.
झण्डे पर दो मछली किस राजवंश का प्रतीक थे?
(i) चोल
(ii) चर
(iii) पांड्य
(iv) सातवाहन
उत्तर:
(iii) पांड्य

प्रश्न 5.
मदुरें किस राज्य की राजधानी थी?
(i) चोल राज्य
(ii) पांड्य राज्य
(iii) चेर राज्य
(iv) कुषाण राज्य
उत्तर:
(ii) पाइय राज्य

प्रश्न 6.
संगम साहित्य मुख्य रूप से किस भाषा में लिखा गया है?
(i) संस्कृत
(ii) प्राकृत
(iii) तमिल
(iv) पाली
उत्तर:
(iii) तमिल

प्रश्न 7.
इंडो-ग्रीक सिक्कों की मुख्य विशेषता कौन-सी थी?
(i) केवल पशु नक्काशी
(ii) राजा और देवताओं के चित्र
(iii) मंदिर के चित्र
(iv) संस्कृत विधा
उत्तर:
(ii) राजा और देवताओं के चित्र

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 8.
गांधार किसलिए प्रसिद्ध था?
(i) विज्ञान की किताबें
(ii) चीन के साथ व्यापार
(iii) यूनानी शैली से प्रभावित कला का एक स्थान
(iv) चोल मंदिर
उत्तर:
(iii) यूनानी शैली से प्रभावित कला का एक स्थान

प्रश्न 9.
मौर्य साम्राज्य के बाद उत्तर-पश्चिमी भारत में कौन-से विदेशी शासक बसे?
(i) गुप्त
(ii) कुषाण
(iii) चोल
(iv) मौर्य
उत्तर:
(ii) कुषाण

प्रश्न 10.
शक संबत् का विकास किस काल में हुआ था?
(i) पहली शताब्दी ई.पू.
(ii) पहली शताब्दी ई.
(iii) पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व
(iv) पाँचवीं शताब्दी ई.
उत्तर:
(ii) पहली शताब्दी ई.

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:

प्रश्न 1.
मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद की अवधि को ……………… के नाम से जाना जाता है।
उत्तर:
पुनर्गठन का युग

प्रश्न 2.
……………… राजवंश ने मौर्यों के बाद दक्कन के एक बड़े भाग पर शासन किया।
उत्तर:
सातवाहन

प्रश्न 3.
……………… शासकों ने अपनी उपाधियों में अपनी माँ का नाम शामिल किया।
उत्तर:
सातवाहन

प्रश्न 4.
……………… मोतियों के व्यापार के लिए जाने जाते थे और दक्षिण भारत में स्थित थे।
उत्तर:
पांड्य

प्रश्न 5.
चोल साम्राज्य ने ……………… को अपने शाही प्रतीक के रूप में प्रयोग किया।
उत्तर:
बाघ

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 6.
साम्राज्य ने धनुष और तीर को अपने प्रतीक के रूप में प्रयोग किया।
उत्तर:
चर

प्रश्न 7.
साहित्य प्रारंभिक तमिल साहित्य के साम्राज्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता है।
उत्तर:
संगम

प्रश्न 8.
भारत-ग्रीक राजाओं ने …………कला की शुरूआत की जिसने भारतीय और ग्रीक शैलियों को मिश्रित किया।
उत्तर:
गाधार

प्रश्न 9.
…………धन का देवता माना जाता है।
उत्तर:
कुबेर

प्रश्न 10.
इंडो-ग्रीक शासकों के सिक्कों पर कभी-कभी …………और …………जैसे भारतीय देवताओं को दर्शाया जाता था।
उत्तर:
वासुदेव-कृष्ण और लक्ष्मी

मिलान करें:

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6 2
उत्तर:

सारणी A सारणी B
1. कुषाण (iv) शक संवत् की शुरूआत
2. संगम (v) तमिल
3. पांड्य (i) मछली प्रतीक
4. चोल (ii) बाघ प्रतीक
5. चेर (iii) धनुष और बाण

अभिकथन और कारण पर आधारित प्रश्नोत्तर

नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। नीचे दिए गए विकल्प के अनुसार अपना उत्तर चुनिए-

प्रश्न 1.
अभिकथन (A): कनिष्क कुषाण वंश का एक प्रमुख शासक था।
कारण (R): उसने शक युग की शुरूआत की और बौद्ध धर्म का समर्थन किया।
विकल्प:
(a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R),(A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), (A) का सही म्पप्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सत्य है परंतु (R) अमत्य है।
(d) (A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है।
उत्तर:
(d) (A) असत्य है परंतु (R) सत्य है। स्पष्टीकरण-क्योंकि संगम साहित्य प्राचीन तमिल में लिखा गया है न कि संस्कृत में और इसकी रचना दक्षिण भारत के क्षेत्रों में हुई थी।

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 2.
अभिकथन (A): संगम साहित्य संस्कृत में लिखा गया है।
कारण (R): इसकी रचना दक्षिण भारत के क्षेत्रों में हुई थी।
विकल्प:
(a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सत्य है परंतु (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है।
उत्तर:
(d) (A) असत्य है परंतु (R) सत्य है। स्पष्टीकरण-क्योंकि संगम साहित्य प्राचीन तमिल में लिखा गया है न कि संस्कृत में और इसकी रचना दक्षिण भारत के क्षेत्रों में हुई थी।

सत्य कथन पर (✓) और असत्य कथन पर (✗) का चिह्न लगाइए-

(i) कुषाण मूलतः मध्य एशिया से थे। ( )
उत्तर:
सत्य।

(ii) गांधार शैली की उत्पत्ति भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में हुई। ( )
उत्तर:
असत्य (क्योंकि गांधार कला शैली का विकास पश्चिमी भारत में हुआ न कि दक्षिणी भारत।)

(iii) इण्डिका में मेगस्थनीज ने पांड्य राजवंश का उल्लेख किया। ( )
उत्तर:
सत्य।

(iv) चेरों को ‘केरलपुत्र’ के नाम से जाना जाता था। ( )
उत्तर:
सत्य।

(v) मदुरै चोल साम्राज्य की राजधानी थी। ( )
उत्तर:
असत्य (क्योंकि मदुरै पांड्य राजवंश की राजधानी थी, न कि चोलों की।)

Class 7 पुनर्गठन का काल Extra Question Answer for Practice

बहुवैकल्पिक प्रश्न

प्रश्न 1.
शाही उपाधियों में माँ का नाम शामिल करने का क्या महत्त्व था?
(i) सैन्य शक्ति दिखाना।
(ii) मातृवंशीय विरासत का सम्मान।
(iii) इतिहासकारों को भ्रमित करना।
(iv) धन का प्रदर्शन।

प्रश्न 2.
संगम साहित्य हमें मुख्य रूप से किसके बारे में जानकारी देता है?
(i) मौर्य शासक
(ii) दक्षिण भारतीय राज्य
(iii) गुप्त सम्राट
(iv) हड़प्पा शहर

प्रश्न 3.
किस प्राचीन राज्य का प्रतीक धनुष और बाण था?
(i) पांड्य
(ii) चेर
(iii) चोल
(iv) सातवाहन

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प्रश्न 4.
उस समय दक्षिण भारत से व्यापार का मुख्य लेख था-
(i) मसाले
(ii) मोती
(iii) रेशम
(iv) सोना

प्रश्न 5.
इंडो-ग्रीक ने अपने सिक्कों और कला के माध्यम से किस धर्म को बढ़ावा दिया?
(i) जैन धर्म
(ii) पारसी धर्म
(iii) बौद्ध धर्म
(iv) ईसाई धर्म

खाली स्थान भरें:

प्रश्न 1.
मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद, भारत में कई छोटे और बड़े ………… का उदय हुआ।

प्रश्न 2.
संगम साहित्य ………… भाषा में रचा गया था।

प्रश्न 3.
………… क्षेत्र उत्तम गुणवत्ता वाले मोतियों के उत्पादन और निर्यांत के लिए जाना जाता था।

प्रश्न 4.
धनुष ………… राजवंश का प्रतीक था।

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प्रश्न 5.
………… कैलेंडर शक शासकों के शासनकाल के दौरान शुरू हुआ।

सही/गलत चुनिए:

प्रश्न 1.
सातवाहन मौर्य साम्राज्य से पहले शासन करते थे।

प्रश्न 2.
इंडो-ग्रीक शासकों ने अपने सिक्कों पर केवल ग्रीक प्रतीकों का प्रयोग किया।

प्रश्न 3.
संगम साहित्य संस्कृत में लिखा गया था।

प्रश्न 4.
बाघ चोल राजवंश का शाही प्रतीक था।

प्रश्न 5.
चेर धनुर्विद्या में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते थे।

मिलान करें:

कॉलम A कॉलम B
1. पुष्यमित्र (i) चेदि साम्राज्य
2. गौतमीपुत्र शातकर्णी (ii) कुषाण राजवंश
3. खारवेल (iii) सातवाहन
4. करिकाल (iv) शुंग राजवंश
5. कनिष्क (v) चोल राजवंश

अभिकथन और कारण प्रश्न

नीचे दो कथन दिए गए है- अभिकथन (A) और कारण (R)। नीचे दिए गए विकल्प के अनुसार अपना उत्तर चुनिए-

प्रश्न 1.
अभिकथन (A): कनिष्क कुषाण वंश का एक महत्त्वपूर्ण शासक था।
कारण (R): उन्होंने शक संवत् की शुरूआत की और बौद्ध धर्म का समर्थन किया।
विकल्प:
(a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सत्य है लेकिन (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 2.
अभिकथन (A): संगम साहित्य संस्कृत में लिखा गया है।
कारण (R): यह उत्तर भारत के शाही दरबारों में रचा गया।
विकल्प:
(a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सत्य है लेकिन (R) असत्य है।
(d) (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संगम साहित्य की मुख्य भाषा क्या थी?

प्रश्न 2.
किस शासक ने शक युग की शुरूआत की थी?

प्रश्न 3.
चोल साम्राज्य की राजधानी कहाँ थी?

प्रश्न 4.
सातवाहन वंश का मुख्य योगदान क्या था?

प्रश्न 5.
प्राचीन दक्षिण भारतीय व्यापार में मोती क्यों महत्त्वपूर्ण थे?

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संगम साहित्य के महत्व का वर्णन करें।

प्रश्न 2.
शक युग क्या था और इसकी शुरूआत किसने की थी?

पुनर्गठन का काल Class 7 Extra Questions and Answers SST Chapter 6

प्रश्न 3.
प्राचीन दक्षिण भारतीय व्यापार में मोती क्यों महत्त्वपूर्ण थे?

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संगम साहित्य के महत्व और प्रारंभिक तमिल समाज को समझने में इसके योगदान पर चर्चा करे।

प्रश्न 2.
भारत-यूनान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान में तत्कालीन राजाओं की क्या भूमिका थी?

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