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Class 9 Hindi घर की याद Extra Question Answer
Class 9 Hindi Chapter 12 घर की याद Extra Question Answer
NCERT Class 9 Hindi Chapter 12 Extra Question Answer अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
माँ बेटे की किस बात पर गर्वित है?
उत्तर:
माँ अपने बेटे की उच्च भावना के कारण गर्वित है।
प्रश्न 2.
पिता को अपने अन्य बेटे किससे छोटे लगे होंगे?
उत्तर:
पिताजी को अपने अन्य सुपुत्र भवानीप्रसाद से छोटे लगे होंगे।
प्रश्न 3.
पिता भवानी को सोने पर सुहागा क्यों कहते हैं?
उत्तर:
पिता के अन्य बेटे भी स्वर्ण के समान हैं किंतु भवानी देशप्रेम के कारण सर्वोच्च है। उसके कारण अन्य पुत्रों की भी महिमा बढ़ी है।
प्रश्न 4.
काम में झंझा लरजने का क्या आशय है?
उत्तर:
हर काम को बहुत चुस्ती और तेज़ी से करना।
घर की याद Extra Question Answer लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
कवि को किस कारण जेल में बंद होना पड़ा?
उत्तर:
कवि ने सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया था। अंग्रेजी सरकार ने सभी क्रांतिकारियों को जेल में बंद कर दिया था।
प्रश्न 2.
कवि के पिता के रोने का कारण लिखें?
उत्तर:
कवि के पिता बहुत भावुक और कोमल थे। उनसे अपने बेटे का वियोग सहा नहीं गया। उनके रोने का कारण कमजोरी नहीं, पुत्र- प्रेम था।
प्रश्न 3.
कवि की माँ भवानी के जेल में बंद होने पर भी क्यों नहीं रोई?
उत्तर:
कवि भवानीप्रसाद मिश्र की माँ बहुत देशभक्त और सशक्त महिला थीं। वे पुत्र भवानी को मनोबल देने के लिए, जेल में उसका साहस बढ़ाने के लिए खुद कभी नहीं रोईं।
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प्रश्न 4.
कवि के भाई-बहनों की जेल यात्रा पर क्या प्रतिक्रिया थी?
उत्तर
कवि के भाई बहन अपने भाई के त्याग और बलिदान के साथ खड़े थे। उन्हें पीछे से अपने भाई की बहुत याद आती थी। वे उसके वियोग में रोते भी थे, किंतु उसे हिम्मत भी देते थे।
प्रश्न 5.
कवि की विवाहित बहन को घर में आकर कैसा लगा?
उत्तर:
वे अपने मायके में आकर बहुत दुखी हुई। उन्हें लगा कि भवानी के बिना घर घर नहीं, ‘परिताप का घर’ है।
Class 9 Hindi Chapter 12 Extra Questions and Answers दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
भवानीप्रसाद मिश्र के परिवार के लगाव पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
भवानीप्रसाद मिश्र का परिवार संयुक्त परिवार का आदर्श उदाहरण है। उनके घर के सब सदस्य आपस में गहरे जुड़े हुए हैं। पिता अपने बच्चों से असीम वात्सल्य रखते हैं। माँ ममता की मूर्ति है। भाई भुजा के समान सहयोगी हैं। बहनें प्यार की भंडार हैं। भवानी जेल में रहकर सबके लिए तरसता है। उसे अपने माता-पिता, भाई-बहन सबकी याद आती है।
प्रश्न 2.
कवि सावन से अपने बारे में क्या-क्या बताने का अनुरोध करता है?
उत्तर:
कवि सावन से अनुरोध करता है कि वह पिता को उसके बारे में बस इतना बताए कि भवानी जेल में रहकर मस्त है। उसे किसी प्रकार की चिंता नहीं है। वह जेल में पढ़ रहा है, लिख रहा है, कूद रहा है। वह किसी प्रकार की निराशा या उदासी को अपने नजदीक फटकने नहीं दे रहा है।
प्रश्न 3.
जेल में जाकर कवि की मनःस्थिति कैसी हो गई थी?
उत्तर:
जेल में रहकर कवि को अपने घर परिवार की खूब याद आई। उसे अपने स्वजनों की चिंता में रात भर नींद नहीं आती थी, न ही उसे अन्य किसी से मिलना अच्छा लगता था। वह सदा मौन होकर एकांत में ही अपने परिवार की चिंता में मग्न रहने लगा था। कभी-कभी वह स्वयं अपने को ही भूल जाता था। इस प्रकार जेल में जाकर कवि का मन घर की याद में परेशान हो उठा था।
प्रश्न 4
उम्र बड़ी होने पर भी पिता को बुढ़ापा छू तक नहीं गया है- कवि ने इसके क्या प्रमाण दिए हैं?
उत्तर:
बड़ी उम्र होने पर भी कवि के पिता को बुढ़ापा नहीं आया । प्रमाण यह है कि वे अब भी दौड़ लगा सकते हैं। ठहाका मारकर हँस सकते हैं। वे आज भी 260 दंड पेलते हैं। इतना व्यायाम तो नौजवान भी नहीं कर पाते। वे हर काम तूफान की गति से करते हैं। उनकी वाणी में बादलों के समान गर्जन तर्जन है। वे आज भी इतने साहसी हैं कि मौत से भी नहीं डरते।
प्रश्न 5.
अपनी माँ के बारे में कवि ने क्या भाव प्रकट किए हैं?
उत्तर:
अपनी माँ के बारे में कवि ने उसकी याद करते हुए कहा है कि यदि वह पढ़ी-लिखी होती तो अपना स्नेहभरा पत्र लिखकर अवश्य भेजती । कवि की माता स्वाभिमान और देशभक्ति से ओत-प्रोत है। वह पुत्र की याद में रोते हुए अपने पति को समझाती है कि भवानी ने देश हित में कारावास जाकर उचित ही किया है। वह ऐसा न करता, तो मेरी कोख को लजाता। इस प्रकार कवि ने अपनी माता के स्नेह और देश-प्रेम के प्रति पूज्य भाव प्रकट किया है।
प्रश्न 6.
कवि के काराबद्ध होने पर उसके माता-पिता की क्या प्रतिक्रिया थी, बतलाइए।
उत्तर:
कवि के देशहित में काराबद्ध होने पर माता-1 ता-पिता दोनों गौरव अनुभव कर रहे थे। पिताजी यद्यपि भावुक होने के कारण भवानी की याद में दिन-रात रोते थे, तो भी उन्हें इस बात पर गर्व था कि उनका भवानी देशहित में लगा है। इसी प्रकार भवानी की माता भी सगर्व कहती है-
गया है सो ठीक ही है
यह तुम्हारी लीक ही है
पाँव जो पीछे हटाता
कोख को मेरी लजाता।
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प्रश्न 7.
‘घर की याद’ कविता में कवि क्या कहना चाहता है?
उत्तर:
‘घर की याद’ कविता में कवि ने अपने पारिवारिक स्नेह को वाणी दी है। कारागृह में रहते हुए उसे अपने प्रियजनों की याद आती है तो उसका मन करुणा से भर उठता है। उसे अपने कोमल हृदय पिता स्नेहमयी माता, स्वर्ण- भाइयों व प्रेमिल बहनों की स्मृति कचोटने लगती है। सावन में बरसते बादल उसकी इस वियोग- पीड़ा को और अधिक उजागर कर जाते हैं। इस प्रकार देशभक्त कवि अपनी पारिवारिक ममता को इस कविता के माध्यम से वाणी देता है।
प्रश्न 8.
‘घर की याद’ कविता के आधार पर भवानीप्रसाद मिश्र की भाषा शैली पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
मिश्र जी की भाषा की विशेषता है उसकी सहजता। वे बोलचाल की सरल, मोहक भाषा के धनी हैं। प्रवाह और गति उनकी भाषा के अन्य गुण हैं। उनकी कविता को पढ़कर ऐसा प्रतीत होता है जैसे वे कविता में बातचीत कर रहे हों। इसलिए उनकी भाषा में अलंकारों की सज्जा या काव्य- -गुणों का प्रयास समावेश नहीं है, अपितु है, अभिव्यक्ति का निश्छल प्रवाह। कहीं-कहीं उन्होंने सुंदर उपमाएँ भी दी हैं। वे उपमाएँ निश्चित ही साहित्यिक गौरव से संपन्न हैं।
प्रश्न 9.
कवि सावन से क्या इच्छा करता है? कारागृह में कवि ने किस प्रकार अपने दिन काटे?
उत्तर-
कवि सावन को अपना दूत बनाकर अपने घर यह संदेश भेजना चाहता है कि भवानी कारागृह में प्रसन्नचित है। वह चाहता है कि घर में सावन भवानी का ऐसा कुशल समाचार दे कि उसके परिवारजन उसके लिए तरस कर अपने आँसू न बहाएँ । कवि ने कारागृह में वियोग का तीव्र दुख झेला। वह दिन-रात जागता रहता था। उसे धीरे-धीरे आदमी से भी भय लगने लगा था। कभी-कभी वह स्वयं को भी भूल जाता था।
Class 9 Ganga Chapter 12 Extra Question Answer अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
दिए गए काव्यांशों को पढ़कर उन पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
काव्यांश – 1
आज पानी गिर रहा है,
बहुत पानी गिर रहा है,
रात भर गिरता रहा है,
प्राण मन घिरता रहा है,
अब सबेरा हो गया है,
कब सबेरा हो गया है,
ठीक से मैंने न जाना,
बहुत सोकर सिर्फ माना-
क्योंकि बादल की अँधेरी,
है अभी तक भी घनेरी,
अभी तक चुपचाप है सब,
रातवाली छाप है सब,
गिर रहा पानी झरा झर,
हिल रहे पत्ते हरा-हर,
बह रही है हवा सर-सर,
काँपते हैं प्राण थर-थर, (पृष्ठ 195)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
बरसात का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर:
लगातार वर्षा हो रही है। पूरी रात पानी बरसता रहा है। इस निरंतर वर्षा से कवि का मन-प्राण भीग गया है।
प्रश्न 2.
कवि के हृदय पर बरसात का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
लगातार और घनी बरसात के कारण कवि का हृदय पुरानी यादों में खो गया। उसे जेल में रहते हुए अपने घर-आँगन की याद आ गई।
प्रश्न 3.
कवि को दिन होने का पता क्यों नहीं चला?
उत्तर:
कवि को दिन होने का पता इसलिए नहीं चला क्योंकि रात से दिन तक आकाश में एक जैसे काले बादलों ने घेरे रखा है।
काव्यांश – 2
बहुत पानी गिर रहा है,
घर नजर में तिर रहा है,
घर कि मुझसे दूर है जो,
घर खुशी का पूर है जो,
घर कि घर में चार भाई,
मायके में बहिन आई,
बहिन आई बाप के घर,
हाय रे परिताप के घर! (पृष्ठ 195)
लघुत्तरात्मक प्रश्न:
प्रश्न 1.
कवि कहाँ से लिख रहा है?
उत्तर:
कवि जेल में बैठा लिख रहा है।
प्रश्न 2.
घर के तिरने का क्या आशय है?
उत्तर:
बारिश के समय अकेले कवि को अपने घर के एक-एक सदस्य की याद आ रही है।
प्रश्न 3.
कवि ने अपने घर को परिताप का घर क्यों कहा है?
उत्तर:
भवानी जेल में बंद है। उसके न होने से पूरे घर में निराशा का अँधेरा है। सभी वियोग की पीड़ा से व्यथित हैं। इसलिए कवि ने इसे ‘परिताप’ का घर’ कहा है।
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काव्यांश – 3
आज का दिन दिन नहीं है,
क्योंकि इसका छिन नहीं है,
एक छिन सौ बरस है रे,
हाय कैसा तरस है रे,
घर कि घर में सब जुड़े हैं,
सब कि इतने कब जुड़े हैं,
चार भाई चार बहिनें
भुजा भाई प्यार बहिनें, (पृष्ठ 195)
लघूत्तरात्मक प्रश्न:
प्रश्न 1.
कवि को आज का दिन दिन क्यों नहीं लग रहा?
उत्तर:
आज वियोग के कारण समय बिताए नहीं बीत रहा।
प्रश्न 2.
कवि को एक क्षण सौ बरस क्यों लग रहा है?
उत्तर:
प्रतीक्षा की व्याकुलता के कारण
प्रश्न 3.
‘एक छन सौ बरस है रे’ में कौन-सा अलंकार है?
उत्तर:
अतिशयोक्ति अलंकार।
काव्यांश – 4
और माँ बिन पढ़ी मेरी,
दुख में वह गढ़ी मेरी,
माँ कि जिसकी गोद में सिर,
रख लिया तो दुख नहीं फिर,
माँ कि जिसकी स्नेह धारा
का यहाँ तक भी पसारा,
उसे लिखना नहीं आता,
जो कि उसका पत्र पाता। (पृष्ठ 195)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
कवि की माता किस दुख से गढ़ी होगी?
उत्तर:
भवानी प्रसाद 1942 के भारत- – छोड़ो आंदोलन के कारण जेल में बंद है। यद्यपि उसकी माँ को इस बात का गर्व
है। फिर भी सहज ममता और स्नेह के कारण वह दुख में डूब गई होगी।
प्रश्न 2.
कवि की माता भवानी को पत्र क्यों नहीं लिख पाती?
उत्तर:
कवि की माता अनपढ़ है। इस कारण वह चाहकर भी भवानी को पत्र नहीं लिख पाती।
प्रश्न 3.
माँ के स्वभाव पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
कवि की माता स्वभाव से अत्यंत स्नेही तथा ममतामयी है। वह अपने बच्चों के सभी दुख अपने ऊपर ले लेती है। वह अपनी ममता के आँचल से भवानी को हर प्रकार का सुख प्रदान करती है।
काव्यांश – 5
और पानी गिर रहा है,
घर चतुर्दिक घिर रहा है,
पिताजी भोले बहादुर,
वज्र-भुज नवनीत-सा उर,
पिताजी जिनको बुढ़ापा,
एक क्षण भी नहीं व्यापा,
जो अभी भी दौड़ जाएँ,
जो अभी भी खिलखिलाएँ,
मौत के आगे न हिचकें,
शेर के आगे न बिचकें.
बोल में बादल गरजता,
काम में झंझा लरजता, (पृष्ठ 195-196)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
पिताजी को बुढ़ापा नहीं व्यापा-सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
पिताजी बुढ़ापे में भी खिलखिलाते हैं, हँसते हैं, भाग-भाग कर काम करते हैं। उनकी आवाज़ में बादल-सी गर्जन और काम में तूफान-सी गति है।
प्रश्न 2.
पिता की जिंदादिली का उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
कवि के पिता हँसते-खिलखिलाते हैं। वे बहुत तेज गति से दौड़ते हैं और निडर होकर जीते हैं। उनकी वाणी में बादल-सी गर्जन है। ये जिंदादिल होने के प्रमाण हैं।
प्रश्न 3.
पिता के साहस का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
कवि के पिता मौत से भी नहीं डरते। सामने शेर को पाकर भी भयभीत नहीं होते। इससे उनके साहसी होने का प्रमाण मिलता है।
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काव्यांश – 6
आज गीता-पाठ करके,
दंड दो सौ साठ करके,
खूब मुगदर हिला लेकर,
मूठ उनकी मिला लेकर,
जब कि नीचे आए होंगे,
नैन जल से छाए होंगे,
हाय, पानी गिर रहा है,
घर नज़र में तिर रहा है,
चार भाई चार बहिनें,
भुजा भाई प्यार बहिनें,
खेलते या खड़े होंगे,
नजर उनको पड़े होंगे। (पृष्ठ 196)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
भवानी के पिता तन-मन से सुदृढ़ थे सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
भवानी के पिता कसरती शरीर के स्वामी थे। वे रोज 260 दंड पेलते थे। उसके बाद मुगदर हिलाते थे। इससे उनका तन मजबूत बन गया होगा। वे नित्य गीता पाठ करते थे। इस कारण उनका मन भी साहसी हो गया होगा।
प्रश्न 2.
पिता के नयन क्यों भीगे होंगे?
उत्तर:
जब कवि के पिता गीता पाठ और व्यायाम करके नीचे आए होंगे तो उन्हें अपने छोटे पुत्र भवानी की याद आई होगी। भवानी जेल में था। अतः उसके वियोग में उनकी आँखों से आँसू उमड़ आए होंगे।
प्रश्न 3.
कवि की दशा और मनोदशा पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
कवि जेल में है। जेल में बरसात हो रही है। अतः उसे मन-ही-मन अपने घर, परिवार, पारिवारिक स्नेह और पिता की याद आ रही है। वह पिता की ममता को याद करके भावुक हो उठा है।
काव्यांश – 7
पिताजी जिनको बुढ़ापा,
एक क्षण भी नहीं व्यापा,
रो पड़े होंगे बराबर,
पाँचवें का नाम लेकर,
पाँचवाँ मैं हूँ अभागा,
जिसे सोने पर सुहागा,
पिताजी कहते रहे हैं,
प्यार में बहते रहे हैं,
आज उनके स्वर्ण बेटे,
लगे होंगे उन्हें हेटे,
क्योंकि मैं उन पर सुहागा,
बँधा बैठा हूँ अभागा, (पृष्ठ 196)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
कवि के पिता क्यों रो पड़े होंगे?
उत्तर:
कवि के पिता अपने छोटे पुत्र भवानी को घर में न देखकर उसकी याद में रो पड़े होंगे। उनका पाँचवाँ बेटा देशभक्ति दिखाता हुआ जेल में बंद है। यह सोचकर उनका हृदय और अधिक उमड़ आया होगा।
प्रश्न 2.
कवि के पिता में किन विरोधी गुणों का संगम दिखाई देता है?
उत्तर:
कवि के पिता एक ओर चिरयुवा हैं, साहसी हैं; उत्साही हैं और सुदृढ़ हैं। दूसरी ओर, वे बहुत भावुक हैं, स्नेही हैं और वात्सल्यपूर्ण हैं। इस प्रकार दृढ़ता और कोमलता दोनों विरोधी गुण उनके व्यक्तित्व में समा गए हैं।
प्रश्न 3.
कवि स्वयं को अभागा क्यों कहता है?
उत्तर:
कवि जेल में बदं है। उसे अपने घर की याद आ रही है। अतः वियोग की मनोदशा में वह सोचता है कि उसे आज अपने घर-परिवार में होना चाहिए था । इसी अभाव के कारण वह स्वयं को अभागा कहता है।
प्रश्न 4.
कवि के पिता कवि के प्रति कैसा स्नेह रखते हैं?
उत्तर:
कवि के पिता कवि के प्रति असीम स्नेह रखते हैं। वे भवानी को सोने पर सुहागा कहकर अतिरिक्त प्यार देते हैं। उन्हें भवानी के प्रति विशेष मोह है।
काव्यांश – 8
और माँ ने कहा होगा,
दुख कितना बहा होगा
आँख में किसलिए पानी,
वहाँ अच्छा है भवानी,
वह तुम्हारा मन समझकर,
और अपनापन समझकर,
गया है सो ठीक ही है
यह तुम्हारी लीक ही है,
पाँव जो पीछे हटाता,
कोख को मेरी लजाता,
इस तरह होओ न कच्चे,
रो पड़ेंगे और बच्चे, (पृष्ठ 196)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
माँ ने भवानी के पिता को क्या कहकर सांत्वना दी होगी?
उत्तर:
माँ ने भवानी के पिता को कहा होगा अपना भवानी जेल में प्रसन्न है। वह तुम्हारी (पिता की) देश-भावना को समझकर ही जेल में गया है। उसने जेल में जाकर मेरी कोख को भी सफल कर दिया है।
प्रश्न 2.
भवानी के जेल जाने में माता-पिता का कितना योगदान था?
उत्तर:
भवानी के पिता देशभक्त थे। वे अंग्रेजों को देश से निकालने के पक्षधर थे। इसलिए भवानी अपने पिता का मन समझकर जेल में गया था। उसकी माँ भी देशभक्तिपूर्ण जीवन को सार्थक समझती थी।
प्रश्न 3.
माँ की देशभक्ति पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
भवानी की माँ देशभक्त महिला है। वह भवानी जैसे देशप्रेमी और त्यागी पुत्र को पाकर प्रसन्न है। वह मन से भी सुदृढ़ है। इसलिए अपने पति को भी ढाढ़स बँधाती है।
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काव्यांश – 9
पिताजी ने कहा होगा,
हाय, कितना सहा होगा,
कहाँ, मैं रोता कहाँ हूँ,
धीर मैं खोता, कहाँ हूँ,
गिर रहा है आज पानी,
याद आता है भवानी,
उसे थी बरसात प्यारी,
रात दिन की झड़ी झारी,
खुले सिर नंगे बदन वह,
घूमता फिरता मगन वह,
बड़े बाड़े में कि जाता,
बीज लौकी का लगाता,
तुझे बतलाता कि बेला
ने फलानी फूल झेला,
तू कि उसके साथ जाती,
आज इससे याद आती, (पृष्ठ 197)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
पिता अपने रुदन को छिपा क्यों रहे हैं?
उत्तर:
पिता अपनी रुलाई से पत्नी और बच्चों को कमजोर नहीं करना चाहते। इसलिए अपनी रुलाई को छिपा रहे हैं।
प्रश्न 2.
कवि को बरसात में किस चीज का शौक था?
उत्तर:
कवि को बरसात में नंगे बदन भीगने का और खेत में लौकी के बीज बोने का शौक था।
प्रश्न 3.
धीर खोने का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कमजोर पड़ना।
काव्यांश – 10
मैं न रोऊँगा-कहा होगा,
और फिर पानी बहा होगा,
दृश्य उसके बाद का रे,
पाँचवें की याद का रे,
भाई पागल, बहिन पागल,
और अम्मा ठीक बादल,
और भौजी और सरला,
सहज पानी सहज तरला,
शर्म से रो भी न पाएँ,
खूब भीतर छटपटाएँ.
आज ऐसा कुछ हुआ होगा
आज सबका मन चुआ होगा।। (पृष्ठ 197)
लघूत्तरात्मक प्रश्न:
प्रश्न 1.
भाई बहन के पागल होने का क्या आशय है?
उत्तर:
भाई-बहन का रो-रोकर पागलों जैसा हाल बना लेना।
प्रश्न 2.
भाभी की छटपटाहट का कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भाभी का अपने देवर के लिए फूट-फूटकर रीना उनकी लज्जा का कारण बनता है।
प्रश्न 3.
संवाद-शैली का एक उदाहरण छाँटिए।
उत्तर:
‘मैं न रोऊँगा।’
काव्यांश – 11
अभी पानी थम गया है,
मन निहायत नम गया है,
एक-से बादल जमे हैं,
गगन-भर फैले रमे हैं,
ढेर है उनका, न फाँकें,
जो कि किरनें झुकें-झाँकें,
लग रहे हैं वे मुझे यों,
माँ कि आँगन लीप दे ज्यों;
गगन-आँगन की लुनाई
दिशा के मन में समाई
दश दिशा चुपचाप है रे,
स्वस्थ की लय छाप है रे
झाड़ आँखें बंद करके
साँस सुस्थिर मंद करके,
हिले बिन चुपके खड़े हैं,
क्षितिज पर जैसे जड़े हैं (पृष्ठ 197)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
सूरज की किरणें धरती पर क्यों नहीं आ पा रही हैं?
उत्तर:
घने बादलों के छाने के कारण सूरज की किरणें धरती पर नहीं आ पा रही।
प्रश्न 2.
आँगन के लीपने और बादलों के छाने में क्या समानता है?
उत्तर:
दोनों में इतना घनापन है कि जरा भी छिद्र, दरार या रास्ता नहीं है।
प्रश्न 3.
जमे हैं, रमे हैं; लुनाई-समाई-इस विशेषता को आप क्या कहेंगे?
उत्तर:
तुकांतता
प्रश्न 4.
इस अंश में किस ऋतु का वर्णन है?
उत्तर:
वर्षा ऋतु का
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काव्यांश – 12
एक पंछी बोलता है,
घाव उर के खोलता है,
आदमी के उर बिचारे,
किसलिए इतनी तृषा रे,
तू जरा-सा दुख कितना,
सह सकेगा क्या कि इतना,
और इस पर बस नहीं है,
बस बिना कुछ रस नहीं है,
हवा आई उड़ चला तू,
लहर आई मुड़ चला तू,
लगा झटका टूट बैठा,
गिरा नीचे फूट बैठा,
तू कि प्रिय से दूर होकर,
बह चला रे पूर होकर,
दुख भर क्या पास तेरे,
अश्रु सिंचित हास तेरे! (पृष्ठ 197-198)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
किस पर मनुष्य का वश नहीं है?
उत्तर:
वियोग की पीड़ा पर किसी का वश नहीं चलता।
प्रश्न 2.
लहर और झटका किसकी ओर संकेत कर रहे हैं?
उत्तर:
लहर और झटका किसी वेदना के अनुभव की ओर संकेत कर रहे हैं।
प्रश्न 3.
अश्रु – सिंचित हास से क्या आशय है?
उत्तर:
हँसी में भी आँसुओं का प्रवेश।
काव्यांश – 13
पिताजी का वेश मुझको,
दे रहा है क्लेश मुझको,
देह एक पहाड़ जैसे,
मनकि बड़ का झाड़ जैसे,
एक पत्ता टूट जाए,
बस कि धारा फूट जाए,
एक हल्की चोट लग ले,
दूध की नद्दी उमगले, (पृष्ठ 198)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
‘दूध की नदी’ में कौन-सा अलंकार है?
उत्तर:
रूपक
प्रश्न 2.
पत्ता टूटने का क्या आशय है?
उत्तर:
एक भी सदस्य का कम होना।
प्रश्न 3.
इन पद्यांश का विषय क्या है?
उत्तर:
इस पद्यांश का विषय है- पिता के विशाल और कोमल व्यक्तित्व का वर्णन।
काव्यांश – 14
हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पाँचवें को वे न तरसें,
मैं मजे में हूँ सही है,
घर नहीं हूँ बस यही है,
किंतु यह बस बड़ा बस है,
इसी बस से सब विरस है, (पृष्ठ 198)
लघुत्तरात्मक प्रश्न:
प्रश्न 1.
इस काव्यांश के आधार पर भवानी की मनोदशा पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
भवानीप्रसाद मिश्र भावुक युवक थे। उन्हें अपने घर-परिवार से, विशेषकर अपने पिता से बहुत प्रेम था। इसलिए वे जेल में बंद होकर अपने पिता के बारे में सोच-सोचकर रोने लगते हैं।
प्रश्न 2.
भवानी के पिता के स्वभाव पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
भवानी के पिता स्वभाव से अत्यंत स्नेही, वात्सल्यपूर्ण और भावुक थे। वे अपने प्रिय पुत्र भवानी को घर में न पाकर बहुत बेचैन हो गए थे।
प्रश्न 3.
कवि सावन को क्यों संबोधित करता है?
उत्तर:
सावन के माध्यम से अपनी भावना को प्रकट करना पुरानी परंपरा है। भवानी उसी परंपरा को निभाते हुए सावन को संबोधित करते हैं।
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काव्यांश – 15
किंतु उनसे यह न कहना,
उन्हें देते धीर रहना,
उन्हें कहना लिख रहा हूँ,
उन्हें कहना पढ़ रहा हूँ,
काम करता हूँ कि कहना,
नाम करता हूँ कि कहना,
चाहते हैं लोग, कहना
मत करो कुछ शोक, कहना,(पृष्ठ 198)
लघूत्तरात्मक प्रश्न:
प्रश्न 1.
कवि किसे संबोधित कर रहा है?
उत्तर:
कवि सावन को संबोधित करके अपने मन की भावनाएँ प्रकट कर रहा है।
प्रश्न 2.
कवि जान-बूझकर झूठ क्यों बोल रहा है?
उत्तर:
कवि जेल में रहकर बहुत उदास और व्यथित है। परंतु उसे यह भी डर है कि उसे उदास जानकर उसके माता-पिता तथा परिजन और दुखी होंगे। अतः वह उन्हें पीड़ा से बचाने के लिए झूठ बोल रहा है।
प्रश्न 3.
कवि की मनोदशा पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
कवि जेल में रहकर उदास और दुखी है। वह अपने माता-पिता और परिवार जनों के बीच रहना चाहता है; परंतु देशभक्ति का कदम भी पीछे नहीं हटाना चाहता। इसलिए घरवालों को झूठी सांत्वना देना चाहता है।
काव्यांश – 16
और कहना मस्त हूँ मैं,
कातने में व्यस्त हूँ मैं,
वज़न सत्तर सेर मेरा,
और भोजन ढेर मेरा,
कूदता हूँ, खेलता हूँ,
दुख डटकर ठेलता हूँ,
और कहना मस्त हूँ मैं,
यों न कहना अस्त हूँ मैं, (पृष्ठ 198)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
कवि जानबूझकर झूठ क्यों बोल रहा है?
उत्तर:
कवि नहीं चाहता कि उसके माता-पिता तथा परिवार जन उसके वियोग में दुखी हों। इसलिए वह उन्हें झूठी सांत्वना देता है कि वह जेल में खूब मस्ती से जी रहा है।
प्रश्न 2.
‘अस्त होने’ का क्या आशय है ? कवि क्यों अस्त है?
उत्तर:
‘अस्त होने’ का आशय है- बुझा-बुझा और निराश – हताश रहना । कवि जेल में रहने के कारण परिवारजनों के वियोग के कारण उदास है।
काव्यांश – 17
हाय रे, ऐसा न कहना,
है कि जो वैसा न कहना,
कह न देना जागता हूँ,
आदमी से भागता हूँ,
कह न देना मौन हूँ मैं,
खुद न समझैं कौन हूँ मैं,
देखना कुछ बक न देना,
उन्हें कोई शक न देना,
हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पाँचवें को वे न तरसें। (पृष्ठ 198-199)
लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
कवि झूठ क्यों बोलना चाहता है?
उत्तर:
कवि नहीं चाहता कि उसके माता-पिता तथा अन्य परिवारजन उसके वियोग में दुखी हों। इसलिए वह उन्हें झूठी सांत्वना देना चाहता है। वह जेल की मस्ती और खुशी का भ्रम पैदा करके उनकी पीड़ा को हरना चाहता है।
प्रश्न 2.
कवि की मनोदशा पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
कवि वियोग की पीड़ा से व्यथित है। जेल में रहते हुए वह बहुत उदास, भावुक और मौन है। वह एकांतप्रिय होकर घर की यादों में खोया रहने वाला इन्सान बन चुका है।
प्रश्न 3.
‘पाँचवें को वे न तरसें’ का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भवानी अपने माता-पिता का पाँचवाँ पुत्र है। वह चाहता है कि उसके माता-पिता उसके वियोग में पीड़ित न हों।
Class 9 Hindi Chapter 12 Extra Question Answer for Practice
रिक्त स्थान भरें
1. कवि के पिता भवानी के जेल में जाने पर ………………………. थे।
2. भवानी की माँ ने जेल में बंद कवि का …………………………
3. भवानीप्रसाद मिश्र के सभी भाई …………………….. के समान थे।
4. कवि को जेल में एक-एक क्षण ………………………. के समान लगता था।
बहुविकल्पी प्रश्न
प्रश्न 1.
कवि जेल में बहुत व्यथित था, क्योंकि-
(i) वह बहुत पीटा गया था।
(ii) वह बहुत अकेला था।
(iii) उसे घर की याद सता रही थी।
(iv) वह जबरदस्ती जेल में दूंसा गया था।
(क) (i) तथा (iv) ठीक हैं।
(ख) (i) तथा (ii) ठीक हैं।
(ग) (ii) तथा (iii) ठीक हैं।
(घ) (iv) ठीक है।
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अति लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
1942 का भारत छोड़ो आंदोलन किसलिए हुआ था?
प्रश्न 2.
कवि को किस सरकार ने पकड़कर जेल में डाला?
लघुत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
कवि की देशभक्ति का प्रमाण दीजिए।
प्रश्न 2.
कवि के अकेलेपन का क्या कारण था?
प्रश्न 3.
पिता का मन बड़ का पेड़ था प्रमाणित कीजिए।
प्रश्न 4.
कवि सावन को ‘सजीले हरे’ कहकर क्यों संबोधित करता है?
प्रश्न 5.
कवि के पिता कौन-कौन से कार्य रोज किया करते थे?
दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
स्वतंत्रता संग्राम के लिए जेल जाने को आप कैसा कार्य समझते हैं?
प्रश्न 2.
यदि आपके जीवन में अन्याय का विरोध करने का समय आए तो आप कैसे योगदान करेंगे?
प्रश्न 3.
कवि के पिता स्वयं जेल नहीं गए, पर पुत्र को जेल भेजने पर राजी थे। इस बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
प्रश्न 4.
कविता के आधार पर लिखिए कि कोई नारी घर में बैठे-बैठे भी कैसे देशभक्ति का काम कर सकती है?
प्रश्न 5.
भवानीप्रसाद मिश्र के संयुक्त परिवार पर अपने विचार लिखिए।
प्रश्न 6.
कविता के आधार पर पारिवारिक भावना के लाभ लिखिए।
प्रश्न 7.
पारिवारिक प्रेम का पता कब चलता है? ‘घर की याद’ के आधार पर लिखिए।
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