Friday, 29 May 2026

रीढ़ की हड्डी Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 6

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Class 9 Hindi रीढ़ की हड्डी Extra Question Answer

Class 9 Hindi Chapter 6 रीढ़ की हड्डी Extra Question Answer

रीढ़ की हड्डी Extra Question Answer लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
उमा शादी के नाम पर मुँह क्यों फुला लेती है?
उत्तर:
उमा पढ़ी-लिखी लड़की है। जब उसे पता चलता है कि उसे देखने वाले लोग कम पढ़ी-लिखी लड़की चाहते हैं, तो वह निराश हो जाती है। वह ऐसे लोगों से रिश्ता नहीं जोड़ना चाहती। परंतु उसके माता-पिता उस पर दबाव डालते हैं। इस कारण वह नाराज होकर मुँह फुला लेती है।

प्रश्न 2.
उमा को पाउडर आदि सौंदर्य सामग्री से नफ़रत क्यों है?
उत्तर:
– उमा को दो कारणों से बनावटी श्रृंगार से नफ़रत है-

  • वह सहज सौंदर्य को महत्व देती है। उसका मानना है कि लड़की के गुणों को सम्मान मिलना चाहिए, उसके सौंदर्य को नहीं।
  • वह झूठ बोलकर रिश्ता नहीं करना चाहती। इसलिए भी वह पाउडर नहीं लगाना चाहती।

प्रश्न 3.
प्रेमा अपनी बेटी को इंट्रेंस तक ही क्यों पढ़ाना चाहती थी?
उत्तर:
प्रेमा चाहती थी कि उसकी बेटी उमा कम पढ़े-लिखे। उसे लगता था कि कम पढ़ी-लिखी लड़की के नखरे कम होते हैं। वह माँ-बाप की आज्ञा का पालन करती है। अधिक पढ़ी-लिखी लड़कियाँ किसी की नहीं सुनतीं। अतः माता-पिता को परेशानियाँ झेलनी पड़ती हैं।

प्रश्न 4.
रामस्वरूप प्रेमा के किस स्वभाव के कारण परेशान हो उठते हैं?
उत्तर:
रामस्वरूप प्रेमा के भुलक्कड़पन और वाचालता के कारण परेशान हो उठते हैं। उसे समझाया गया था कि वह अपनी लड़की की पढ़ाई को जबान पर न लाए, परंतु वह बार-बार इस बात को भूल जाती है। दूसरे, वह बोलने लगती है तो बोलती चली जाती है।

प्रश्न 5.
रामस्वरूप उमा की पढ़ाई के बारे में झूठ क्यों बोलते हैं?
उत्तर:
रामस्वरूप ने अनुभव किया कि समाज के लोग पढ़ी-लिखी बहू को पसंद नहीं करते। इस बाधा के कारण उसने निश्चय किया कि वह रिश्ते के लिए झूठ बोलेगा। वह उमा की बी. ए. की पढ़ाई को छिपाएगा।

प्रश्न 6.
शंकर द्वारा कहे गए साल भर के मार्जिन का क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
रामस्वरूप ने शंकर से पूछा कि उसकी पढ़ाई का अंतिम साल रह गया होगा। शंकर ने चालाकीपूर्वक कहा कि नहीं, मुझे साल-दो साल रहते हैं। मैं एकाध साल का मार्जिन रखता हूँ। इस मार्जिन का सीधा सा तात्पर्य यह था कि वह बीच में एकाध साल फेल हुआ है।

रीढ़ की हड्डी Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 6

प्रश्न 7.
गोपालप्रसाद अपने जमाने के मैट्रिक को आज के एम. ए. से बेहतर क्यों कहता है?
उत्तर:
गोपालप्रसाद अपने जमाने के मैट्रिक पास को आजकल के एम. ए. से बेहतर मानता है। इस तरह वह यह कहना चाहता है कि वह आजकल के पढ़े-लिखे लोगों से कहीं अच्छा और योग्य है। इस प्रकार वह आजकल के शिक्षित युवकों का तिरस्कार करके उन पर अपना दबदबा बनाना चाहता है।

प्रश्न 8.
गोपालप्रसाद लड़कियों की पढ़ाई के विरोध में क्यों है?
उत्तर:
गोपालप्रसाद लड़कियों की पढ़ाई के पक्ष में नहीं है। वह उनके लिए पढ़-लिखकर काबिल बनना ज़रूरी नहीं समझता। उसके अनुसार, लड़कियों को घर-गृहस्थी के काम में कुशल होना चाहिए। यदि वे भी पढ़-लिख गईं और अंग्रेजी अखबार पढ़कर पॉलिटिक्स की बातें करना शुरू हो गई तो फिर घर-गृहस्थी कौन चलाएगा?

प्रश्न 9.
गोपालप्रसाद लड़कों और लड़कियों के अंतर को किन तर्कों से सिद्ध करते हैं?
उत्तर:
गोपालप्रसाद लड़कों और लड़कियों को अलग मानते हैं। उनके अनुसार, लड़कों के लिए आवश्यक है – पढ़-लिखकर काबिल बनना और लड़कियों के लिए आवश्यक है – घर-गृहस्थी चलाना। वे अपनी बात को पुष्ट करते हुए कहते हैं – मोर के पंख होते हैं, मोरनी के नहीं, शेर के बाल होते हैं, शेरनी के नहीं।

प्रश्न 10.
चश्मा देखते ही गोपालप्रसाद और शंकर एकदम क्यों उछल पड़े?
उत्तर:
गोपालप्रसाद और शंकर उमा की आँखों पर चश्मा देखकर एकाएक उछल पड़े। उन्हें लगा कि यह लड़की पढ़ी-लिखी है और इसकी आँखों पर पढ़ते-पढ़ते चश्मा लगा है। जबकि उन्हें बताया गया था कि लड़की अधिक पढ़ी-लिखी नहीं है। अतः झूठ और धोखे की संभावना के कारण वे भौंचक्के रह गए।

प्रश्न 11.
उमा गाना गाते-गाते अचानक क्यों रुक गई? उत्तर- उमा सितार पर गाना गा रही थी कि अचानक उसकी नज़र सामने बैठे शंकर पर पड़ी। वह शंकर को देखते ही पहचान गई कि यह वही लड़का है जो उनके होस्टल के बाहर लंपटों की तरह घूमता रहता है और इस 5 कारण पिट भी चुका है। लोगों ने इसे पीटते-पीटते इसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी। ऐसे लड़के के सामने गाना गाना उसे अपना अपमान प्रतीत हुआ। इसलिए उसने अचानक गाना रोक दिया।

Class 9 Hindi Chapter 6 Extra Questions and Answers दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
उमा किसकी तुलना मेज-कुर्सी से करती है और क्यों?
उत्तर:
उमा अपनी और अपने जैसी लाचार लड़कियों की तुलना मेज- कुर्सी से करती है।

क्यों – उसे लगता है कि जैसे बेजान मेज़ – कुर्सियाँ बाज़ार में बेची जाती हैं, उसी प्रकार विवाह के समय उनकी भी नाप-जोख की जाती है। लड़की को देखने आए लोग लड़की से अपमानजनक सवाल करते हैं। लड़की के माँ-बाप भी उसे बिकने योग्य बनाने के लिए उसके गुणों को बढ़ा-चढ़ाकर कहते हैं और दोषों को छिपाते हैं। बेचारी लड़की का कोई महत्व ही नहीं होता। उसे बेजान पदार्थ माना जाता है, मानो उसे कोई चोट न लगती हो।

प्रश्न 2.
उमा किसकी इज्जत उतारती है और क्यों?
उत्तर:
उमा उसे देखने आए गोपालप्रसाद तथा शंकर की इज्ज़त उतारती है।

क्यों – उमा को गोपालप्रसाद के व्यवहार में अपना अपमान प्रतीत होता है। उनका एक-एक बात को पूछना, उसके एक-एक गुण का परीक्षण करना उसे बहुत बुरा प्रतीत होता है। जब वह शंकर को सामने देखती है तो उसकी त्यौरियाँ चढ़ जाती हैं। वह उस आवारा, लफंगे और लंपट युवक को खरी-खोटी सुनाती है क्योंकि वह उसके काले कारनामे अच्छी तरह जानती है।

प्रश्न 3.
उमा ने घर आए मेहमानों के साथ अपमानपूर्ण व्यवहार किया। आप इसे कहाँ तक ठीक मानते हैं?
उत्तर:
उमा ने घर आए मेहमानों के साथ अपमानपूर्ण व्यवहार किया। इसकी सराहना नहीं की जा सकती। परंतु यदि उसकी परिस्थिति देखी जाए तो उसका यह व्यवहार गलत भी नहीं लगता। उसके पास दो ही रास्ते थे या तो वह गोपालप्रसाद और शंकर की करतूतों को सहती जाती और चुप रहती या उनका विरोध करती। गोपालप्रसाद और शंकर ने उमा के घर आकर उसके साथ खरीद-बेच जैसा व्यवहार किया। वह भी तब जबकि शंकर बिल्कुल आवारा और लफंगा था। ऐसे आदमी का उमा की नाप-तौल करना सहनीय नहीं था। इसलिए उसने जैसे को तैसा का व्यवहार किया और उसे खरी-खोटी सुना दी। अपमान करने वाले के साथ नरमी बरतना उसको प्रोत्साहन देना है।

रीढ़ की हड्डी Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 6

प्रश्न 4.
रामस्वरूप अपनी बेटी की शादी में पढ़ाई-लिखाई की बात क्यों छुपाना चाहते हैं? हम इसे किस प्रकार बदल सकते हैं?
उत्तर:
रामस्वरूप लड़की के पिता हैं। उनका दायित्व है। कि वे उसका अच्छे घर में विवाह कर दें। यद्यपि वे लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई के पक्षधर हैं, फिर भी लड़के वालों के सामने उनकी एक नहीं चलती। जो भी घर मिलता है उसके सदस्य कम पढ़ी-लिखी बहू चाहते हैं। इस कारण उन्हें जानबूझकर बेटी की पढ़ाई-लिखाई को छिपाना पड़ता है।

हम समाज के इस गलत विचार को बदलने की कोशिश कर सकते हैं। इसके लिए हर जगह बातचीत में पढ़ी-लिखी लड़कियों के गुण गिना सकते हैं। यदि हमारे घर में भी सुशिक्षित बहू की उपेक्षा की जा रही हो तो खुलकर अपने विचार प्रकट कर सकते हैं। यदि कोई अन्य व्यक्ति कन्या – शिक्षा के विरोध में तर्क दे रहा हो तो उससे प्रश्न पूछ सकते हैं और प्रेमपूर्वक अपनी बात समझा सकते हैं।

प्रश्न 5.
‘रीढ़ की हड्डी’ में किस समस्या को उठाया गया है? क्या आज भी हमें इस समस्या का भयंकर रूप दिखाई देता है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
‘रीढ़ की हड्डी’ में नारी शिक्षा और स्वतंत्रता की समस्या को उठाया गया है। पुरुष तो पुरुष, स्त्रियाँ भी नारी – शिक्षा में बाधा बनकर खड़ी होती हैं। पुरुष प्रधान देश में पुरुष अपना दबदबा बनाए रखना चाहते हैं। इसलिए वे लड़कियों को जानबूझकर अशिक्षित, अल्प- शिक्षित और बेरोजगार बनाए रखना चाहते हैं; ताकि वे पुरुषों से हीन बनी रहें और उनकी हाँ में हाँ मिलाती रहें। दुर्भाग्य से बूढ़ी नारियाँ भी नई पीढ़ी को अशिक्षित रखना चाहती हैं। वे नहीं चाहतीं कि नए जमाने की पढ़ी-लिखी लड़कियाँ उनकी हर बात को चुनौती दें या उनके सामने मुँह खोलें।

वर्तमान समय में यह समस्या जड़मूल से समाप्त नहीं हुई है। हालाँकि आजकल लड़कियों को पढ़ाने और उन्हें लड़कों के बराबर रखने का दौर है, फिर भी अशिक्षित समाज में यह समस्या बनी हुई है। शिक्षित लड़कियाँ उनके रहन-सहन और विचार को चुनौती देती हैं तो वे उन्हें अनपढ़ ही रखना चाहते हैं। छोटे काम करने वाले बहुत मजदूर और नौकर यही चाहते हैं। कि उनके बच्चे उन्हीं की भाँति मजदूरी करें। इसलिए वे उन्हें अशिक्षित और अविकसित बनाए रखना चाहते हैं।

प्रश्न 6.
स्त्री-शिक्षा के बारे में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
स्त्री-शिक्षा के बारे में अलग से बात करना भी दुर्भाग्य की निशानी है। वास्तव में शिक्षा पर नर और नारी दोनों का बराबर का अधिकार है। दोनों को शिक्षित होना चाहिए। इससे दोनों की योग्यता बढ़ती है। परंतु अगर समाज अनपढ़ नारी को पसंद करता हो तो समस्या गहरी हो जाती है। ऐसी स्थिति में दोनों ओर खतरा है। पढ़े तो समाज के कोप का डर और न पढ़े तो अयोग्य होने का डर खतरे दोनों ओर हैं। शिक्षित न होना अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना है। खुद अपनी नजरों में गिरना है। इससे भविष्य के रास्ते भी बंद हो जाते हैं। हो सकता है कि इससे समाज में दूल्हा कुछ जल्दी मिल जाए परंतु ऐसी अशिक्षित नारी को शोषण-भरे वातावरण में जीने के लिए विवश होना पड़ेगा। उसके बच्चे भी अनपढ़ रह जाएँगे। इसके विपरीत शिक्षित होने पर उसके विवाह में देरी तो हो सकती है, परंतु गलती नहीं हो सकती। शिक्षित लड़की अपनी परिस्थितियों से जूझना भी जानती है। वह अपने व्यवहार से सास-ससुर का दिल जीत सकती है और भविष्य के लिए शिक्षा का माहौल बना सकती है।

प्रश्न 7.
अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए रामस्वरूप उमा से जिस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा कर रहे हैं, वह उचित क्यों नहीं है?
उत्तर:
अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए रामस्वरूप अपनी बेटी से अपेक्षा करते हैं कि वह सज धजकर सुंदर रूप में पेश आए। इसके लिए वह पाउडर आदि बनावटी साधनों का उपयोग करे। वह आने वाले मेहमानों के सामने ढंग से बात करे, अपनी व्यवहार कुशलता से उनका दिल जीत ले। उसमें जो-जो गुण हैं, उन्हें ठीक तरह प्रकट करे ताकि वह होने वाले पति और ससुर को पसंद आ जाए। वह उसे कम पढ़ी-लिखी लड़की के रूप में भी पेश करना चाहता है।

रामस्वरूप का व्यवहार ढोंग और दिखावे को बढ़ावा देता है। यह झूठ पर आधारित है। बी. ए. पढ़ी-लिखी होकर भी उसे मैट्रिक बताना सरासर धोखा है। ऐसी ठगी पर खड़े रिश्ते कभी टिकाऊ नहीं होते। इसी प्रकार पाउडर लगाकर सुंदर दीखना भी धोखे में रखने जैसा है। रामस्वरूप के व्यवहार को हम उचित नहीं कह सकते।

प्रश्न 8.
जो लोग अनपढ़ बहू चाहते हैं और शिक्षित बहू का तिरस्कार करते हैं, उनके साथ कैसा व्यवहार होना चाहिए? आपके विचार में गोपालप्रसाद के साथ कैसा बर्ताव होना चाहिए?
उत्तर:
अनपढ़ बहू चाहने वालों की निंदा होनी चाहिए। यह समस्या सामाजिक है। इसका समाधान कानून नहीं कर सकता। इसका समाधान शिक्षित और जागरूक समाज ही कर सकता है। पुरस्कार और तिरस्कार समाज के पास यही दो तरीके हैं। जो आदमी शिक्षित बहू को अपनाए उसका सबके सामने सम्मान होना चाहिए, उसकी तारीफ़ होनी चाहिए। इसके विपरीत अशिक्षा को बढ़ावा देने वालों का अपमान होना चाहिए। मेरे विचार में गोपालप्रसाद के विचारों और व्यवहार का तिरस्कार होना चाहिए। उमा ने ठीक ही किया।

प्रश्न 9.
उमा क्या कहकर लड़कियों की पीड़ा प्रकट करती है?
उत्तर:
उमा बाबू गोपालप्रसाद और शंकर को खरी-खरी सुनाती है। वह लड़कियों की जाँच-पड़ताल के तरीके पर गहरी आपत्ति प्रकट करती है। वह कहती है लड़कियों को देखने के नाम पर उनकी नाप-तोल करना अपमानजनक है। इससे उनके दिल को ठेस पहुँचती है। वे कुर्सी मेज़ की तरह बेजान नहीं हैं कि उन्हें मोल-भाव करके और ठोक-बजाकर खरीद लिया जाए। ऐसा आदमी, जो लड़कियों को भेड़-बकरी समझता है, खुद कसाई के समान होता है।

उमा यह भी कहती है कि उसने बी. ए. पास किया है। पढ़ना-लिखना चोरी या पाप नहीं है। पाप है- मर्यादा तोड़ना।

प्रश्न 10.
गोपालप्रसाद विवाह को ‘बिजनेस’ मानते हैं और रामस्वरूप अपनी बेटी की उच्च शिक्षा छिपाते हैं। क्या आप मानते हैं कि दोनों ही समान रूप से अपराधी हैं? अपने विचार लिखें।
उत्तर:
गोपालप्रसाद विवाह को ‘बिजनेस’ मानते हैं। इसलिए वे बातचीत के बीच कहते हैं- चलो, अब बिज़नेस की बात कर ली जाए। शादी को व्यवसाय मानना पाप है। इससे मानव तथा मानवीय संबंधों की गरिमा कम होती है। व्यक्ति वस्तु में बदल जाता है। शादी एक व्यापार या धंधा बन जाता है। इससे विवाह में लाभ-हानि की भाषा में बातें होती हैं। संबंधों की मधुरता नष्ट हो जाती है।

रामस्वरूप का अपनी बेटी को बी. ए. तक पढ़ाना और फिर उसकी शिक्षा को छिपाना भी गलत है। उसे अपनी सुशिक्षित बेटी पर गर्व होना चाहिए। उसने समाज की धारणा के विपरीत उसे पढ़ाया-लिखाया तो सही, किंतु जब इस कारण रास्ते की बाधाएँ आईं तो मुँह छिपाने लगा। उसका यह व्यवहार कायरतापूर्ण है। उसे समाज में मज़बूती से खड़ा होकर उसके लिए योग्य और स्वाभिमानी वर की तलाश करनी चाहिए।

जहाँ तक दोनों के समान रूप से अपराधी होने की बात है, गोपालप्रसाद अधिक बड़ा अपराधी है। गेंद उसके पाले में है। रामस्वरूप तो उस जैसे लोगों की प्रतिक्रिया पर जीवित है। रामस्वरूप की मजबूरी फिर भी कम बुरी है। उसका वश चलता तो वह गोपालप्रसाद जैसे ढोंगियों की बखिया उधेड़कर रख देता। परंतु इससे उसकी कन्या की जिंदगी खराब हो सकती है।

रीढ़ की हड्डी Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 6

प्रश्न 11.
‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी का उद्देश्य है- भारतीय समाज में नारी सम्मान और नारी शिक्षा को अग्र स्थान दिलाना । समाज में महिलाओं को उचित गरिमा दिलाने हेतु आप कौन-कौन से प्रयास कर सकते हैं?
उत्तर:
हम निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं-

  1. लोगों में सुशिक्षित नारी के लाभों का प्रचार कर सकते हैं।
  2. सुशिक्षित बहू को स्वीकार करके उन्हें सम्मान दे सकते हैं।
  3. सुशिक्षित कन्याओं को नौकरी दिलाकर उन्हें पुरुषों के समान महत्व दे सकते हैं।
  4. कम पढ़ी-लिखी बहू चाहने वालों को समझा-बुझाकर रास्ते पर ला सकते हैं।

प्रश्न 12.
‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी के आधार पर शंकर का चरित्र चित्रण कीजिए।
उत्तर:
शंकर ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी का वह पात्र है जिसके शरीर में रीढ़ की हड्डी नहीं है। वह आवारा किस्म का युवक है। वह मेडिकल कॉलेज में पढ़ते हुए पढ़ाई पर कम और लड़कियों के पीछे मँडराने पर अधिक ध्यान देता है। इसलिए उसकी खूब पिटाई होती है। यहाँ तक कि उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी जाती है। इसलिए वह हमेशा झुककर चलता है। वह तन कर बैठ नहीं पाता।

व्यक्तित्वहीन – शंकर की सबसे बड़ी कमजोरी है उसका व्यक्तित्वहीन होना। उसके अपने विचार नहीं हैं। न ही मन में इतनी शक्ति है कि कुछ सोच सके या सत्य पर डटा रह सके। उसके लिए न कुछ ठीक है, न गलत। वह पिता का पाला हुआ चूहा है, जो हमेशा चूँ-चूँ करता रहता है और उनकी फूहड़ बातों पर हीं हीं करता रहता है। वास्तव में वह युवक न होकर बूढ़ा है। उसमें अपनी बात पर अडिग रहने की शक्ति नहीं है।

प्रश्न 13.
प्रेमा का चरित्र चित्रण कीजिए।
उत्तर:
प्रेमा एक आम भारतीय माँ है, जो जग – विश्वासों पर जीती है। उसके चरित्र की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

अशिक्षित – प्रेमा अनपढ़ है। स्कूली शिक्षा के नाम पर उसने आई पढ़ा है तथा एक पुस्तक ‘स्त्री सुबोधिनी’ पढ़ी है। उसका ज्ञान बस इतना ही है। इसी के बल पर वह स्वयं को एम. ए., बी. ए. से भी अधिक सयानी समझती है। उसके मन में अनपढ़ होने का दुख नहीं है, बल्कि वह अपनी अनपढ़ता को अपना सौभाग्य मानती है। उसे आज की पढ़ी-लिखी लड़कियाँ तो जंजाल जान पड़ती हैं। इस कारण वह अपनी बेटी उमा को भी नहीं सँभाल पाती।

घर गृहस्थी में कुशल – प्रेमा सामान्य भारतीय माँ है। इसलिए वह घरेलू चौका बर्तन और सहेज सँभाल में कुशल है। उसने मेहमानों के आने से पहले सारा प्रबंध कर लिया है। इसलिए जहाँ उसके पति रामस्वरूप मेहमानों के आने पर घबरा जाते हैं, वह सँभली रहती है तथा सारी व्यवस्था ठीक से सँभाल लेती है।

असहाय माँ – प्रेमा शादी-ब्याह के लिए उमा को राजी नहीं कर पाती। यहाँ वह स्वयं को बेबस अनुभव करती है। यद्यपि वह उमा के सामने पाउडर आदि सौंदर्य सामग्री रखती है, किंतु उसे अपने अनुसार ढाल नहीं पाती।

Class 9 Ganga Chapter 6 Extra Question Answer अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न

दिए गए गद्यांशों को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

गद्यांश – 1

(बात काटकर) चुप, चुप!… (दरवाजे में झाँकते हुए) तुम्हें कतई अपनी जबान पर काबू नहीं है। कल ही यह बात बता दी थी कि उन सब लोगों के सामने जिक्र और ढंग से होगा। मगर तुम तो अभी से सब कुछ उगले देती हो। उनके आने तक तो न जाने क्या हाल करोगी। (पृष्ठ 103)

लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
इसमें नारी – शिक्षा का विरोधी कौन है और क्यों?
उत्तर:
प्रेमा नारी शिक्षा विरोधी है।
क्यों – अज्ञानी और अनपढ़ होने के कारण।

प्रश्न 2.
उमा के पिता नारी शिक्षा के बारे में क्या सोचते हैं?
उत्तर:
उमा के पिता नारी शिक्षा के समर्थक हैं।

प्रश्न 3.
प्रेमा पढ़ी-लिखी लड़कियों के किन लच्छनों से दुखी है?
उत्तर:
प्रेमा पढ़ी-लिखी लड़कियों की आज़ादी से दुखी हैं।

गद्यांश – 2

तो मैं ही क्या करूँ? सारे जतन करके तो हार गई। तुम्हीं ने उसे पढ़ा-लिखाकर इतना सिर चढ़ा रखा है। मेरी समझ में तो ये पढ़ाई-लिखाई के जंजाल आते नहीं अपना जमाना अच्छा था। ‘आई’ पढ़ ली, गिनती सीख ली और बहुत हुआ तो ‘स्त्री- सुबोधिनी’ पढ़ ली। सच पूछो तो ‘स्त्री-सुबोधिनी’ में ऐसी-ऐसी बातें लिखी हैं- ऐसी बातें कि क्या तुम्हारी बी. ए., एम.ए. की पढ़ाई में होंगी। और आजकल के तो लच्छन ही अनोखे
हैं। (पृष्ठ 102)

लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
रामस्वरूप अपनी पत्नी को क्या छिपाने के लिए कहते हैं?
उत्तर:
रामस्वरूप अपनी पत्नी को उमा की पढ़ाई का राज छिपाने के लिए कहते हैं।

प्रश्न 2.
रामस्वरूप स्पष्टवादी हैं या व्यावहारिक कारण देते हुए बताइएहैं।
उत्तर:
रामस्वरूप व्यावहारिक आदमी हैं। वह मजबूरी में झूठ बोलना चाहता है। यह उसकी मजबूरी है।

प्रश्न 3.
रामस्वरूप को क्या डर है?
उत्तर:
रामस्वरूप को डर है कि यदि गोपालप्रसाद को उसके पढ़े-लिखे होने के बारे में पता चल गया तो यह रिश्ता नहीं हो पाएगा।

गद्यांश – 3

देखिए, कुछ लोग मुझसे कहते हैं कि जब आपने अपने लड़कों को बी. ए., एम.ए. तक पढ़ाया है तब उनकी बहुएँ भी ग्रेजुएट लीजिए। भला पूछिए इन अक्ल के ठेकेदारों से कि क्या लड़कों की पढ़ाई और लड़कियों की पढ़ाई एक बात है। अरे, मर्दों का काम तो है ही पढ़ना और काबिल होना। अगर औरतें भी वही करने लगीं, अंग्रेजी अखबार पढ़ने लगीं और ‘पालिटिक्स’ वगैरह पर बहस करने लगीं तब तो हो चुकी गृहस्थी। जनाब, मोर के पंख होते हैं, मोरनी के नहीं; शेर के बाल होते हैं, शेरनी के नहीं। (पृष्ठ 109)

लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
लड़कियों के साथ भेदभाव देखकर आपको कैसा लगता है?
उत्तर:
बहुत बुरा और अन्याय लगता है।

प्रश्न 2.
अक्ल का ठेकेदार किन्हें कहा गया है?
उत्तर:
जो लोग लड़का-लड़की को समान मानते हैं, व्यंग्य में उन्हें अक्ल का ठेकेदार कहा गया है?

प्रश्न 3.
वक्ता राजनीति और पढ़ाई पर किसका अधिकार मानता है?
उत्तर:
लड़कों और पुरुषों का।

गद्यांश – 4

अब मुझे कह लेने दीजिए, बाबूजी।… ये जो महाशय मेरे खरीदार बनकर आए हैं, इनसे ज़रा पूछिए कि क्या लड़कियों के दिल नहीं होता? क्या उनके चोट नहीं लगती? क्या वे बेबस भेड़-बकरियाँ हैं, जिन्हें कसाई अच्छी तरह देखभालकर खरीदते हैं? (पृष्ठ 111)

लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
यह कथन किसका है?
उत्तर:
यह कथन उमा का है।

प्रश्न 2.
इसमें ‘ये महाशय’ किसे कहा गया है?
उत्तर:
इसमें गोपालप्रसाद को स्पष्ट रूप से तथा शंकर को अप्रकट रूप से कहा गया है।

प्रश्न 3.
लड़कियों की तुलना भेड़-बकरियों से क्यों की गई है?
उत्तर:
लड़कियों को जिस तरह विवाह के समय देखा-परखा जाता है, उसे देखकर लगता है जैसे वे मानवी न होकर भेड़-बकरियाँ हों।

रीढ़ की हड्डी Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 6

गद्यांश – 5

जी हाँ, मैं कॉलेज में पढ़ी हूँ। मैंने बी.ए. पास किया है। कोई पाप नहीं किया, कोई चोरी नहीं की, और न आपके पुत्र की तरह ताक-झाँककर कायरता दिखाई है। मुझे अपनी इज्जत- अपने मान का खयाल तो है। लेकिन इनसे पूछिए कि ये किस तरह अपना मुँह छिपाकर भागे थे। (पृष्ठ 111)

लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
यह कथन किसका है?
उत्तर:
उमा का।

प्रश्न 2.
उमा पढ़ाई को पाप क्यों कह रही है?
उत्तर:
गोपालप्रसाद लड़कियों की पढ़ाई को पाप कहते थे। उमा उन्हें सुनाकर व्यंग्य-से कह रही है।

प्रश्न 3.
उमा किसकी पोल खोल रही है?
उत्तर:
उमा शंकर की पोल खोल रही है।

Class 9 Hindi Chapter 6 Extra Question Answer for Practice

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
‘रीढ़ की हड्डी’ का सांकेतक अर्थ क्या है?

प्रश्न 2.
क्या रामस्वरूप लड़कियों की शिक्षा के विरोधी हैं?

प्रश्न 3.
कौन-दो पात्र नारी शिक्षा के धुर विरोधी हैं।

प्रश्न 4.
नाटक का सबसे हसौड़ पात्र कौन है?

प्रश्न 5.
किसके शब्दों में व्यंग्य – क्षमता है?

प्रश्न 6.
कौन है, जो बिगड़ी बातें सँभालने में लगा रहता है?

सत्य / असत्य

प्रश्न 1.
लेखक नारी शिक्षा का विरोधी है।

प्रश्न 2.
शंकर चरित्रहीन युवक है।

प्रश्न 3.
गोपालप्रसाद सुंदरता पर टैक्स लगाने का पक्षधर है।

रिक्त स्थान भरें

1. इस नाटक का उद्देश्य है लड़का ……………………..
2. उमा ……………………… विचारों की युवती है।
3. प्रेमा …………………………. विचारों की महिला है।
4. सबसे मज़बूर पात्र है …………………………।

रीढ़ की हड्डी Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 6

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
यदि आप उमा की जगह होते तो क्या करते?

प्रश्न 2.
उमा के विचारों में उसकी शिक्षा का कितना योगदान है?

प्रश्न 3.
उमा के सुशिक्षित होने में किसका योगदान है और क्यों?

प्रश्न 4.
लड़के के पिता में और लड़की के पिता के व्यवहार में कौन-सा अंतर दिखाई देता है?

प्रश्न 5.
रिश्ता न होने पर प्रेमा रोती क्यों है?

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
इस एकांकी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?

प्रश्न 2.
इस नाटक जैसे दृश्य क्यों आज कहीं दीखते हैं? कहाँ और क्यों?

प्रश्न 3.
आप नारी शिक्षा के पक्ष में हैं या विपक्ष में?

प्रश्न 4.
आप अपने लिए कैसा जीवनसाथी चाहेंगे? सुशिक्षित या अल्पशिक्षित?

प्रश्न 5.
उमा के व्यंग्य सुनकर भी क्या आप सुशिक्षित पत्नी की वकालत करेंगे? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

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