To prepare smartly, include Kaushal Bodh Class 7 NCERT Solutions in Hindi Project 3 बँधाई एवं रंगाई Question Answer in your study plan.
Kaushal Bodh Class 7 Chapter 3 Solutions in Hindi बँधाई एवं रंगाई
Class 7 Vocational Education Chapter 3 Question Answer in Hindi बँधाई एवं रंगाई
गतिविधि 1 (पृष्ठ 58)

प्रश्न 1.
क्या बँधाई एवं रंगाई उपलब्ध है?
उत्तर:
हाँ, बँधाई और रंगाई विभिन्न प्रकार के वस्त्रों पर उपलब्ध है। यह एक लोकप्रिय कला है।

उत्तर:

प्रश्न 2.
यदि हाँ, तो किस प्रकार में उपलब्ध है? (जैसेशिबोरी, लहरिया, बाँधनी आदि)?
उत्तर:
बंधाई एवं रंगाई में शिबोरी, लहिया, और बाँधनी जैसे विभिन्न प्रकार उपलब्ध हैं। ये सभी खूबसूरत हैं।
प्रश्न 3.
सबसे अधिक प्रसिद्ध परिधान कौन-से हैं? (जैसेसाड़ी, दुपट्टा, कुर्ता आदि )?
उत्तर:
सबसे प्रसिद्ध परिधान साड़ी, दुपट्टा और कुर्ता हैं। ये भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं।
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प्रश्न 4.
विक्रेताओं के मध्य कौन-से वस्त्र और रंग सबसे प्रसिद्ध हैं?
उत्तर:
विक्रेताओं के बीच सूती साड़ी और लाल रंग सबसे प्रसिद्ध हैं। ये हर अवसर पर प़हने जाते हैं।
प्रश्न 5.
आपको क्या लगता है कि बँधाई एवं रंगाई अभिकल्पना का उपयोग केवल वस्त्रों पर ही नहीं अपितु अन्य वस्तुओं पर भी किया जाता है, जैसे-कुर्ता , पगड़ी, शर्ट, साड़ी, दुपट्टा। सोचिए और अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
बाँधाई और रंगाई का उपयोग वस्त्रों के अलावा अन्य चीजों पर भी होता है। यह कला हमारी संस्कृति और पहचान को दर्शाती है। कुर्ता, पगड़ी, और साड़ी पर बँधाई और रंगाई की जाती है। यह सजावटी सामान में भी उपयोग होती है, जैसे पर्दे और तकिए।
गतिविधि 2 (पृष्ठ 59)

प्रश्न 1.
आप वस्त्रों को कैसे खाँधते हैं? आप यह कैसे सुनिश्चित करते हैं कि सभी आकृतियाँ एक समान आकार की हैं? आप आकृतियों को बड़ा या छोटा कैसे बनाते हैं?
उत्तर:
वस्त्र को बाँधने के लिए, आप धागा या खर बैंड का उपयोग करते हैं। आकृतियों को समान आकार में रखने के लिए, आप माप लेते हैं। आकृतियों को बड़ा या छोटा करने के लिए, आप माप को बढ़ाते या घटाते हैं।
प्रश्न 2.
रंगाई के लिए आप किन साधनों और सामग्रियों का उपयोग करते हैं और रंग कहाँ से प्राप्त करते हैं?
उत्तर:
मैं प्राकृतिक रंग जैसे हल्दी, चुकंदर, और कॉफी का उपयोग करता हूँ। रंग बाजार से भी मिलते हैं और आप घरेलू वस्तुओं का भी उपयोग कर सकते हैं जैसे की हल्दी।
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प्रश्न 3.
किस प्रकार के वस्त्रों को सरलता से रंगा जा सकता है? क्या ये सभी वस्त्र बँधाई एवं रंगाई के लिए भी उपयुक्त हैं?
उत्तर:
साधारण कपड़े जैसे सूती, रेशमी और ऊनी वस्त्र आसानी से रंगे जा सकते हैं। ये सभी बँधाई और रंगाई के लिए उपयुक्त हैं।
प्रश्न 4.
आप यह कैसे सुनिश्चित करते हैं कि रंगाई के पश्चात वस्त्रों से रंग न निकले?
उत्तर:
रंगाई के बाद वस्त्र को ठंडे पानी में अच्छी तरह धोएँ और वस्त्र को धूप’में सुखाने के लिए रखे, जिससे रंग स्थायी होता है।
प्रश्न 5.
जब आप बस्ब को रंगयुक्त जल में डुबोते हैं तो उसका तापमान कितना होना चाहिए? क्या सभी वस्बों और सभी रंगों के लिए जल का तापमान समान होना चाहिए?
उत्तर:
रंगाई के लिए जल का तापमान 60-70 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। सभी वस्त्रों के लिए त्रापमान समान नहीं होता।
प्रश्न 6.
वस्त्र को कितनी ब्रार रंग के जल में भिगोया जाता है?
उत्तर:
वस्त्र को आमतौर पर 2-3 बार रंग के जल में भिगोया जाता है, ताकि रंग अच्छी तरह से लग सके।
प्रश्न 7.
वस्त्र को कैसे रंगा जाता है? इस प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
उत्तर:
वस्त्र को रंग में डुबोकर कुछ समय के लिए छोड़ते हैं। इस प्रक्रिया में लगभग 30 मिनट से 1 घंटा लगता है।
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प्रश्न 8.
क्या वस्त्र के विभिन्न भागों को भिन्न-भिन्न रंगों में रंगना संभव है? यदि हाँ, तो क्या आप इस प्रक्रिया को समझा सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, वस्त्र के विभिन्न भागों को भिन्न-भिन्न रंगों में रंगना संभव है। इसके लिए पहले हर भाग को अलग-अलग रंगों से रंगा जाता है। जैसे, एक भाग नीला और दूसरा भाग पीला किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में, सबसे पहले वस्त्र को सही तरीके से साफ करना होता है। फिर, हर भाग को अलग-अलग रंग में डुबोया जाता है या ब्रश से रंगा जाता है। अंत में, वस्त्र को सुखाने के लिए छोड़ दिया जाता है।
गतिविधि 3 ( पृष्ठ 62)


उत्तर:



उत्तर:

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तालिका 3.6 – विभिन्न पौधों से रंग तैयार करना

उत्तर:

प्रतिदर्शों को ध्यानपूर्वक देखें- ( पृष्ठ 74)
प्रतिदर्श 1 से 5 तक के बीच कार्य करते समय आपने ‘क्या करना’ या ‘क्या नहीं करना’ सीखा, उल्लेख करें।
उत्तर:
क्या करना : जब मैंने अपने प्रतिदर्शों को देखा, तो मैंने सीखा कि कपड़े को कसकर बाँधना कितना महत्वपूर्ण है। पहले प्रतिदर्श में, रंग बहुत फैल गया क्योंकि मैंने इसे ठीक से नहीं बाँधा था। लेकिन पाँचवे नमूने में, मैंने सुनिश्चित किया कि कपड़े को सुरक्षित रूप से बाँधूँ, जिससे स्पष्ट पैटर्न बनाने में मदद मिली। मैंने यह भी खोजा कि विभिन्न तकनीकों का उपयोग करना, जैसे कपड़े को मोड़ना या घुमाना, डिजाइन को बहुत बदल सकता है।
क्या नहीं करना : मैंने यह भी सीखा कि रंगाई की प्रक्रिया में जल्दी नहीं करनी चाहिए। चौथे नमूने में, मैंने रंग को सेट होने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया, जिससे रंग फीके दिखने लगे। मैंने यह भी महसूस किया कि कपड़े को खोलते समय धागे को काटने के लिए कैंची का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, मुझे इसे हाथ से सावधानीपूर्वक खोलना चाहिए, क्योंकि मैंने एक प्रतिदर्श में गलती से कपड़े को काट दिया। इन गलतियों ने मुझे धैर्य और सावधानी बरतने का पाठ सिखाया।
गतिविधि 4 ( पृष्ठ 76)
प्रश्न 1.
आप कौन-सा उत्पाद बनाएँगे?
उत्तर:
मैं एक रंग-बिरंगा दुपट्टा बनाऊँगा। यह सुंदर दिखेगा और इसे मैं खास अवसरों पर पहन सकता हूँ।
प्रश्न 2.
आपने कौन-से वस्त्र का चयन किया? क्यों?
उत्तर:
मैंने पुरानी चादर का चयन किया। यह अब उपयोग में नहीं है, इसलिए इसे नया रूप देने का अच्छा मौका है।
प्रश्न 3.
अपने उत्पाद की आकृति माप सहित चित्रित करें।
उत्तर:

( पृष्ठ 78 )

प्रश्न 1.
आपकी अभिकल्पना प्रेरणा क्या है?
उत्तर:
मेरी अभिकल्पना प्रेरणा गुलाब के फूलों से आती है। उनके चमकीले रंग और अद्वितीय आकार मुझे अपने कपड़े पर एक सुंदर पैटर्न बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रश्न 2.
अपने उत्पाद पर इच्छित अभिकल्पना को दिए गए बॉक्स में बनाएँ।
उत्तर:

प्रश्न 3.
आप डाई बनाने के लिए किस पौधे (सब्जियाँ या फूल या फल) या अन्य सामग्री (जैसे-चाय या कॉफी) का उपयोग करेंगे?
उत्तर:
मैं एक चमकीले पीले रंग के लिए हल्दी का उपयोग करूँगा और एक सुंदर गुलाबी रंग के लिए चुकंदर का उपयोग करूँगा। हल्दी एक मसाला है, और चुकंदर एक सब्जी है। दोनों प्राकृतिक हैं और कपड़े को रंगने के लिए सुरक्षित हैं।
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प्रश्न 4.
आप बँधाई एवं रंगाई की किस विधि का उपयोग करेंगे?
उत्तर:
मैं बँधनी तकनीक का उपयोग करूँगा। इसमें कपड़े के छोटे हिस्सों को धागे से बाँधना शामिल है, जिससे बिंदु और पैटर्न बनते हैं। यह मजेदार है और मुझे सुंदर डिजाइन बनाने की अनुमति देता है जो रंग को रोकते हैं।
तालिका 3.8- उत्पाद निर्माण की अंतिम प्रक्रिया का विवरण

उत्तर:

गतिविधि 5 (पृष्ठ 80 )

उत्तर:

मैंने दूसरों से क्या सीखा? (पृष्ठ 80)
प्रश्न 1.
आपने विशेषज्ञों, परिवार के सदस्यों, सहपाठियों, समुदाय के सदस्यों और अन्य स्रोतों के साथ प्रत्यक्ष ( क्षेत्रभ्रमण ) और अप्रत्यक्ष (ऑनलाइन संवाद) रूप से बहुत कुछ सीखा। आपको इनमें से सबसे रोचक बात क्या लगी?
उत्तर:
मुझे सबसे रोचक बात यह लगी कि बाँधाई और रंगाई की तकनीकें कितनी विविध हैं। मैंने सीखा कि विभिन्न रंगों और पैटर्न्स से कपड़ों को सुंदर बनाया जा सकता है। यह प्रक्रिया बहुत मजेदार है और इसमें रचनात्मकता का उपयोग होता है।
प्रश्न 2.
आपने परिवार या समुदाय के सदस्यों से क्या सीखा (जैसे-घर पर पारंपरिक वस्त्रों के संबंध में कोई जानकारी, वस्त्र निर्माण की कहानियाँ या वस्त्रों से संबंधित कोई विशेष स्मृति)?
उत्तर:
मैंने अपने परिवार से पारंपरिक वस्त्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मुझे बताया कि कैसे ये वस्त्र हमारे संस्कृति और पहचान को दर्शाते हैं। इसके अलावा, उन्होने वस्त्र निर्माण की कहानियाँ भी साझा की, जो बहुत दिलचस्प थीं।
सोचिए और उत्तर दीजिए ( पृष्ठ 82)
प्रश्न 1.
दी गई गतिविधियों को करने में आपको क्या आनंद आया?
उत्तर:
मुझे इन गतिविधियों में बहुत मजा आया। मैंने रंगों और डिजाइनों के साथ प्रयोग किया। जब मैंने अपने हाथों से कुछ बनाया, तो मुझे खुशी हुई।
प्रश्न 2.
आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
उत्तर:
मुझे कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे रंगों का सही मिश्रण करना। कभी-कभी रंग गलत हो जाते थे या मैं सही आकार नहीं बना पाता था। लेकिन मैंने धैर्य रखा और कोशिश की, जिससे मैंने सीखा।
प्रश्न 3.
अगली बार आप भिन्न प्रकार से क्या करेंगे?
उत्तर:
अगली बार, मैं और अधिक रंगों का उपयोग करुँगा और नए डिजाइन बनाने की कोशिश करूँगा। मैं अलग-अलग सामग्रियों का प्रयोग करूँगा, जैसे बटन और रिबन, ताकि मेरे उत्पाद और भी आकर्षक बन सकें।
प्रश्न 4.
कच्चे माल के उत्पादन से लेकर विक्रय स्थल तक पहुँचने तक एक बँधाई एवं रंगाई उत्पाद की यात्रा लिखें। इस प्रक्रिया में कौन-से रोजगार सम्मिलित हैं, उसके विषय में भी लिखें।
उत्तर:
कच्चे माल के उत्पादन से लेकर विक्रय स्थल तक बँधाई एवं रंगाई उत्पाद की यात्रा कई चरणों में होती है। सबसे पहले, कच्चा माल जैसे कपास या रेशम उगाया जाता है। फिर, इसे काटा और प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद, कपड़े को बँधाई और रंगाई की प्रक्रिया से गुजारा जाता है। अंत में, तैयार उत्पाद को दुकानों में बेचा जाता है।
इस प्रक्रिया में कई रोजगार शामिल होते हैं। जैसे, किसान जो कच्चा माल उगाते हैं, कारीगर जो कपड़े को बँधाई और रंगाई करते हैं, और विक्रेता जो उत्पाद को बेचते हैं। इसके अलावा, फैशन डिजाइनर भी होते हैं जो नए डिजाइन बनाते हैं। इस तरह, यह प्रक्रिया कई लोगों के लिए रोजगार का अवसर प्रदान करती है।
प्रश्न 5.
आपके द्वारा किए गए कार्य से संबंधित नौकरियों के कुछ उदाहरणों को पहचानें। उदाहरण के लिए, शिल्पी, वेशभूषा अभिकल्पक, खुदरा और वस्त्र शोधकर्ता। अपने आस-पास के व्यक्तियों से चर्चा करें और अपना उत्तर लिखें।
उत्तर:
मैंने जो कार्य किया, उससे संबंधित कुछ नौकरियाँ है: शिल्पी, वेशभूषा अभिकल्पक, रंगाई विशेषज्ञ और खुदरा विक्रेता। ये सभी लोग बँधाई और रंगाई के क्षेत्र में काम करते हैं। मैंने अपने आस-पास के लोगों से भी इस बारें में चर्चा की।
बँधाई एवं रंगाई Class 7 Notes
→ बँधाई : यह एक रंगाई की तकनीक है जिसमें कपड़े को बाँधकर रंगा जाता है, ताकि रंग केवल उन हिस्सों में लगे जहाँ कपड़ा बंधा होता है।
→ रंगाई : यह एक प्रक्रिया है जिसमें वस्त्रों या अन्य सामग्रियों को रंगने के लिए रंग का उपयोग किया जाता है।
→ नखल : यह एक विशेष प्रकार का रंगाई का तरीका है जिसमें कपड़े पर विशेष पैटर्न बनाए जाते हैं।
→ लहरिया : यह एक पारंपरिक रंगाई तकनीक है जिसमें कपड़े पर लहरदार पैटर्न बनाए जाते हैं, जो देखने में बहुत सुंदर लगंते हैं।
→ शिबोरी : यह एक जापानी रंगाई तकनीक है जिसमें कपड़े को मोड़कर, बाँधकर या दबाकर रंगा जाता है, जिससे अनोखे पैटर्न बनते हैं।
→ ऐप्रन : यह एक प्रकार का कपड़ा है जो शरीर के सामने पहना जाता है ताकि कपड़े रंगों से सुरक्षित रहें।
→ रंग : यह एक तरल या पाउडर होता है जिसका उपयोग वस्त्रों या सामग्रियों को रंगने के लिए किया जाता है।
→ उपकरण : वे औजार होते हैं जिनका उपयोग बँधाई और रंगाई के काम में किया जाता है, जैसे कैंची, ब्रश, और बुनाई की मशीनें।
→ सजावट : यह किसी वस्तु को सुंदर बनाने के लिए की जाने वाली क्रिया है, जैसे रंगाई या अन्य सजावटी तत्वों का जोड़ना।
→ बुनाई : यह एक तकनीक है जिसमें धागों को एक साथ जोड़कर कपड़ा बनाया जाता है।
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