Tuesday, 12 May 2026

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

Chapter-wise NCERT Class 8 SST Solutions and Class 8 Social Science Chapter 1 Question Answer Hindi Medium प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग are useful for focused study.

Class 8 Social Science Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग Question Answer in Hindi

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान पाठ 1 के प्रश्न उत्तर प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न और क्रियाकलाप (पृष्ठ 19)

प्रश्न 1.
आज जो संसाधन नवीकरणीय हैं, उसे कल अनवीकरणीय कैसे बनाया जा सकता है? कुछ ऐसे उपायों का वर्णन कीजिए जिनसे ऐसा होने से रोका जा सकता है।
उत्तर:
i. नवीकरणीय संसाधनों को अनवीकरणीय बनाने के कारण :

  • अत्यधिक उपयोग : यदि हम जल या वृक्ष जैसे नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग तेजी से करेंगे, तो ये खत्म हो सकते हैं।
  • प्रदूषण : जब हम नदियों या मिट्टी को प्रदूषित करते हैं, तो ये उपयोग के लिए अनुपयुक्त हो जाते हैं।
  • जलवायु परिवर्तन : जलवायु में बदलाव से फसलों और जंगलों की वृद्धि प्रभावित होती है, जिससे संसाधनों की उपलब्धता कम होती है।

ii. इससे रोकने के उपाय :

  • संसाधनों का समझदारी से और संतुलित उपयोग करें, ताकि वे प्राकृतिक रूप से पुनः उत्पन्न हो सकें।
  • संरक्षण : पारिस्थितिकी तंत्र और आवासों की रक्षा करें ताकि प्राकृतिक संतुलन बना रहे।
  • शिक्षा : नवीकरणीय संसाधनों के महत्व और उनके जिम्मेदार उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाएँ।

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न 2.
पाँच पारिस्थितिकी तंत्र कार्यों के नाम बताइए जो मानव के लिए उपयकुत हैं।
उत्तर:

  • ऑक्सीजन उत्पादन : पेड़ और पौधे प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं, जो हमारे लिए साँस लेने के लिए आवश्यक है।
  • जल शुद्धिकरण : आर्द्रभूमि जैसे पारिस्थितिकी तंत्र पानी को साफ करते हैं, जिससे यह पीने के लिए सुरक्षित और जलीय जीवन के लिए सहायक बनता है।
  • मृदा कटाव रोकना : पौधों की जड़ें मृदा को पकड़कर रखती हैं, जिससे कटाव रुकता है और कृषि के लिए उपजाक भूमि बनी रहती है।
  • परागण : मधुमक्खियाँ, पक्षी और अन्य जीव पौधों का परागण करते हैं, जो फलों और सब्जियों के उत्पादन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
  • आवास प्रदान करना : पारिस्थितिकी तंत्र विभिन्न प्रजातियों के लिए घर प्रदान करते हैं, जिससे जैव विविधता बनी रहती है।

प्रश्न 3.
नवीकरणीय संसाधन क्या हैं? ये अनवीकरणीय संसाधनों से कैसे भिन्न हैं? लोग यह सुनिश्चत करने के लिए क्या कर सकते हैं कि नवीकरणीय संसाधन हमारे और आने वाली पीढ़ियों के उपयोग के लिए उपलब्ध रहें? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
नवीकरणीय संसाधन वे होते हैं जो प्राकृतिक रूप से पुनः उत्पन्न होते हैं; जैसे- सूरज की रोशनी. हवा. जल और जीवाश्म ईंधन। ये संसाधन कभी खत्म नहीं होते।
अनवीकरणीय संसाधन से भिन्नता

  • अनवीकरणीय संसाधन लंबी अवधि में निर्मित होते हैं। ये लाखों वर्षों में बनते हैं; जैसे-जीवाश्म ईंधन (कोयला, तेल) और खनिज (सोना, लोहा)।
  • नवीकरणीय संसाधन स्वाभाविक रूप से पुनर्निर्मित हो सकते हैं, जबकि अनवीकरणीय संसाधन सीमित होते हैं और अंतत: समाप्त हो जाएँगे।

नवीकरणीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपाय :

  • असंधारणीय प्रथाएँ : नवीकरणीय संसाधनों का समझदारी से उपयोग करें; जैसे-जब पेड़ काटें, तो नए पंड़ लगाएँ ताकि जंगल फिर से उग सकें।
  • संरक्षण : जल स्रोतों की रक्षा करें और ऊर्जा-कुशल तकनीकों का उपयोग करें ताकि अपशिष्ट कम हो सके।

उदाहरण :

  • सौर ऊर्जा : सूरज की रोशनी का उपयोग करके बिजली उत्पन्न करना।
  • जंगल : कटे हुए पेड़ों के स्थान पर नए पेड़ लगाना, जिससे लकड़ी की निरंतर अपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

प्रश्न 4.
अपने घर और पड़ोस में ऐसी सांस्कृतिक प्रथाओं की पहचान कीजिए जो प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की ओर इंगित करती हैं।
उत्तर:
सांस्कृतिक प्रथाएँ निम्नलिखित हैं :

  • वृष्टि जल संचयन : कई घर बारिश के पानी को इकट्ठा करते हैं। इससे पानी की बर्बादी कम होती है।
  • पारंपरिक खेती : गाय के गोबर का उपयोग खाद के रूप में और फसल चक्रण जैसी प्रथाएँ मृदा की सेहत बनाए रखने में मदद करती हैं।
  • सामुदायिक बाग : पड़ोसी मिलकर सब्जियाँ उगाते हैं, जिससे स्थानीय भोजन को बढ़ावा मिलता है।
  • त्योहार : तमिलनाडु में पोंगल जैसे त्योहार प्रकृति के उपहारों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
  • पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग : कई परिवार कागज और प्लास्टिक जैसी सामग्रियों का पुनर्चक्रण करते हैं, जिससे कचरे में कमी आती है।

प्रश्न 5.
वर्तमान उपयोग के लिए वस्तुओं के उत्पादन में किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?
उत्तर:

  • हमें प्राकृतिक संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए ताकि वे भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी उपलब्ध रहें। इसका मतलब है कि हमें अत्यधिक उपयोग से बचना चाहिए और सामग्रियों को पुनः चक्रित करने के तरीके खोजने चाहिए।
  • उत्पादन प्रक्रिया में प्रदूषण और पारिस्थितिकी को नुकसान कम करने पर ध्यान देना चाहिए। उदाहरण के लिए, साफ-सुथरी तकनीकों का उपयोग करके हम अपशिष्ट और उत्सर्जन को कम कर सकतें हैं।
  • उत्पादन में नौकरियों का सृजन करके स्थानीय समुदायों का समर्थन करना चाहिए।

प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग Class 8 Question Answer in Hindi

Class 8 Samajik Vigyan Chapter 1 Question Answer

महत्वपूर्ण प्रश्न (पृष्ठ 1)

प्रश्न 1.
हम प्राकृतिक संसाधनों का वर्गीकरण कैसे करते हैं?
उत्तर:
प्राकृतिक संसाधनों का वर्गीकरण कई तरीकों से किया जाता है :

  • जीवन के लिए आवश्यक : संसाधन हमारे जीवन के लिए जरूरी हैं; जैसे- वायु, पानी और भोजन।
  • सामग्री : संसाधन चीजें बनाने के लिए उपयोग होते हैं; जैसे- फर्नीचर के लिए लकड़ी या औज़ारों के लिए धातु।
  • ऊर्जा : संसाधन हमारी दैनिक गतिविधियों के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं; जैसे- कोयला, तेल, प्राकृतिक गैस, सूर्य की रोशनी और हवा।
  • नवीकरणीयता के आधार पर :
    • नवीकरणीय संसाधन : वे संसाधन, जो प्राकृतिक रूप से समय के साथ फिर से भर सकते हैं, जैसे- सौर ऊर्जा, हवा और पानी।
    • गैर-नवीकरणीय संसाधन : वे संसाधन, जो एक बार उपयोग करने के बाद जल्दी से नहीं भरे जा सकत हैं; जैसेकोयला, तेल और खनिज।

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न 2.
जीवन के विभिन्न पक्षों और प्राकृतिक संसाधनों के वितरण के मध्य क्या संबंध है?
उत्तर:

  • मानव बस्तियाँ : लोग प्राकृतिक संसाधनों के पास बसना पसंद करते हैं; जैसे- नदियों के किनारे या खनिजों से समृद्ध क्षेत्रों में शहर विकसित होते हैं।
  • व्यापार के पैटर्न : जिन देशों या क्षेत्रों में विशेष संसाधनों की प्रचुरता होती है, वे दूसरों के साथ व्यापार कर सकते हैं।
  • संघर्ष : प्राकृतिक संसाधनों का असमान वितरण विवादों का कारण बन सकता है; जैसे- पानी या भूमि के लिए। ये विवाद् कभी-कभी गंभीर संघर्ष में बदल सकते हैं।

प्रश्न 3.
प्राकृतिक संसाधनों के असंधारणीय उपयोग/ अतिशोषण से क्या आशय है?
उत्तर:

  • संसाधनों का क्षय : जब हम प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग करते हैं, तो वे तेजी से खत्म हो सकते हैं।
  • प्रदूषण : असंधारणीय प्रथाएँ वायु, जल और मिट्टी को प्रदूधित कर सकती हैं, जिससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • जैव विविधता का नुकसान, जिससे पौधों और जानवरों की प्रजातियों में कमी आती है।
  • जलवायु परिवर्तन : जीवाश्म ईंधनों का अत्यधिक उपयोग जलवायु परिवर्तन में योगदान देता है।
  • आर्थिक समस्याएँ : संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र हमेशा समृद्ध नहीं होते। गलत प्रबंधन के कारण ‘प्राकृतिक संसाधन शाप’ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

इसे अनदेखा न करें (पृष्ठ 3)

प्रश्न :
क्या आप ऐसी प्रथाओं के बारे में जानते हैं, जो इसे प्रतिबिंबित करती हैं?
उत्तर:
परंपराएँ हमें सिखाती हैं कि हमें अपने पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए। उदाहरण के लिए, कई आदिवासी समुदाय स्थायी खेती के तरीके अपनाते हैं। वे फसलों का चक्रण करते हैं, यानी हर साल अलग-अलग फसलें उगाते हैं। इससे मिट्टी की सेहत बनी रहती है और जैव विविधता भी बढ़ती है।

इसे अनदेखा न करें (पूष्ठ 6)

प्रश्न 1.
क्या आप ऐसी अन्य पारंपरिक प्रथाओं के विषय में जानते हैं, जो पारिस्थतिकी तंत्र को संतुलित रखने में सहायता करती हैं?
उत्तर:
पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने के लिए कई पारंपरिक प्रथाएँ हैं; जैसे- वृष्टि, जल संचयन, तालाबों का निर्माण और वृक्षारोपण।

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न 2.
अपने आस-पास के उन मानवीय कार्यकलापों की पहचान करें जिनके परिणामस्वरूप प्रकृति अपनी पुनर्स्थापन और पुनर्जनन की क्षमता खो रही है। प्रकृति के चक्र को पुनर्स्थापित करने के लिए किस प्रकार के हस्तक्षेप किए जा सकते हैं?
उत्तर:

  • प्रदूषण : कारखाने नदियों में कचरा छोड़ते हैं, जिससे जल की गुणवत्ता खराब होती है।
  • बनों की कटाई : पेड़ों को काटने से पारिस्थितिकी तंत्र में असंतुलन आता है और ऑक्सीजन का स्तर कम होता है।
  • शहरीकरण : शहरों का विस्तार प्राकृतिक आवासों को नष्ट कर सकता है और हरे क्षेत्रों को कम कर देता है।

प्रकृति के चक्र को पुनर्स्थापित करने के लिए :

  • वृक्षारोपण : पेड़ लगाना आवासों को पुनस्थापित करने और वायु गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करता है।
  • अपशिष्ट प्रबंधन : उचित निपटान और पुनर्चक्रण से प्रदूषण को कम किया जा सकता है।
  • समुदाय जागरूकता : लोगों को प्रकृति की रक्षा के बारे में शिक्षित करना जिम्मेदार कार्यों को बढ़ावा देता है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 8)

प्रश्न:
अपने क्षेत्र में नवीकरणीय संसाधनों के प्रकारों का आकलन करने के लिए एक छोटा शोध-अध्ययन करें। आप अपने शिक्षक के साथ अपने अध्ययन के भौगोलिक क्षेत्र और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के स्रोतों पर चर्चा कर सकते हैं। समय के साथ उनकी स्थिति में क्या परिवर्तन आया है? एक छोटी-सी रिपोर्ट बनाएँ- जिसमें परिवर्तन के कारणों तथा आगे क्या किया जा सकता है, इसका उल्लेख हो।
उत्तर:
1. पंजाब में नवीकरणीय संसाधनों के कई प्रकार हैं :

  • सौर ऊर्जा : यहाँ भरपूर धूप होती है, जिससे बिजली बनाई जा सकती है।
  • पवन ऊर्जा : पवन फार्म विकसित किए जा रहे हैं ताकि बिजली उत्पन्न की जा सके।
  • जल संसाधन : नदियाँ और नहरें सिंचाई और जल विद्युत के लिए उपयोगी हैं।
  • समय के साथ स्थिति में कई परिवर्तन हैं :

2. बढ़ती जागरूकता : लोग नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व को समझने लगे हैं।

  • सरकारी पहलकदमी : सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
  • गैर-नवीकरणीय संसाधनों की कमी : जीवाश्म ईंधन की कमी के कारण नवीकरणीय ऊर्जा की ओर रुख किया जा रहा है।
  • परिवर्तन के कुछ मुख्य कारण हैं :
    • पर्यावरणीय चिंताएँ : प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के कारण स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
    • आर्थिक कारक : नवीकरणीय ऊर्जा से लंबे समय में ऊर्जा लागत कम हो सकती है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 8)

प्रश्न-
वे कौन-से अनवीकरणीय संसाधन हैं जिनका आप प्रतिदिन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपयोग करते हैं उनके संभावित नवीकरणीय विकल्प क्या हैं? नवीकरणीय ऊर्जा की ओर अग्रसर होने के लिए हम कौन-से उपाय कर सकते हैं?
उत्तर:

  • अनवीकरणीय संसाधन जैसे जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोल और प्राकृतिक गैस) का हम रोजाना उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, गाड़ियों में पेट्रोल, खाना पकाने के लिए गैस और बिजली के लिए कोयला।
  • नवीकरणीय विकल्पों में सौर ऊर्जा (सूर्य की रोशनी से बिजली बनाना) और पवन ऊर्जा (हवा से बिजली बनाना) शामिल हैं।
  • हम ऊर्जा का कुशलता से उपयोग कर सकते हैं, जैसे- जब जरूरत न हो तो लाइट के उपकरण बंद करना। इसके अलावा, सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का समर्थन करना और दूसरों को नवीकरणीय संसाधनों के लाभ के बारे में जानकारी देना भी महत्वपूर्ण है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 9)

प्रश्न:
चित्र 1.11 (पाठ्यपुस्तक में) में दिए गए मानचित्र को ध्यान से देखिए। महत्वपूर्ण खनिजों के असमान वितरण पर ध्यान दीजिए। आपके क्षेत्र में किस प्रकार के संसाधन उपलब्ध हैं? उनका वितरण कैसे हुआ है?
उत्तर:
झारखंड क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों के प्रकार और उनका वितरण इस प्रकार है :

  • कोयला : झारखंड में कोयले के बड़े भंडार हैं, जो मुख्य रूप से पूर्वी भाग में पाए जाते हैं।
  • लोहे का अयस्क : यह सिंहभूम जिले में पाया जाता है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 10)

प्रश्न 1.
किन्हीं दो प्राकृतिक संसाधनों का चयन कीजिए। भारत के विभिन्न भागों में उनकी उपलब्धता के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए। उन्हें मानचित्र पर अंकित कीजिए। आप उनके वितरण के बारे में क्या देखते हैं? उनसे जुड़ी आर्थिक गतिविधियाँ किस प्रकार की हैं?
उत्तर:
दो महत्वपूर्ण संसाधन- तेल और कोयला :
(i) तेल

  • भारत के प्रमुख तेल उत्पादक राज्य हैं-असम, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान।
  •  मुंबई हाई क्षेत्र, जो अरब सागर में स्थित है, एक महत्वपूर्ण अपतटीय तेल क्षेत्र है।
  • तेल का उत्पादन तटीय और अपतटीय में दोनों स्थानों से किया जाता है।

(ii) कोयला

  • भारत के प्रमुख कोयला उत्पादन राज्य हैं- झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश।
  • झरिया, बोकारो और कोरबा जैसी महत्वपूर्ण कोयला खदानें हैं।
  • कोयला मुख्य रूप से ऊर्जा उत्पादन के लिए खनन किया जाता है।

वितरण के बारे में अवलोकन :

  • तेल : पश्चिमी और पूर्वात्तर भारत में अधिकतर पाया जाता है।
  • कोयला : मुख्य रूप से मध्य और पूर्वी भारत में पाया जाता है।

आर्थिक गतिविधियाँ:

  • तेल : शोधशाला, परिवहन और शैल-रसायन उद्योग।
  • कोयला : बिजली उत्पादन, इस्पात निर्माण और सीर्मेंट निर्माण।

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न 2.
उन भागों में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के वर्तमान और भावी पीढ़ियों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा कीजिए। प्रकृति के उपहारों का विवेकपूर्वक उपयोग करने की विधियाँ सुझाइए।
उत्तर:
(i) प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के प्रभाव :
(क) पर्यावरणीय नुकसान : प्राकृतिक संसाधनों का दोहन प्रदूषण, आवास का विनाश और जैव विविधता की हानि का कारण बन सकता है।
(ख) संसाधनों की कमी : अधिक दोहन से संसाधनों की कमी हो सकती है, जैसे कि भूजल का अत्यधिक दोहन।

(ii) प्रकृति के उपहारों का विवेकपूर्ण उपयोग :
(क) सतत प्रथाएँ : संसाधनों का उपयोग इस दर से करें कि वे फिर से भर सकें।
(ख) पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग : सामग्री को पुनर्चक्रित करके और उत्पादों का पुनः उपयोग करके अपशिष्ट को कम करें।
(ग) पारंपरिक विधियाँ : प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए पारंपरिक कृषि तकनीकों को अपनाएँ, जो प्रकृति का सम्मान करती हैं।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 10)

प्रश्न:
अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में ऐसे किसी संघर्ष के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए। अपने अन्वेषण पर कक्षा में चर्चा करें।
उत्तर:
नील नदी का जल तीन देशों-मिस्र, सूडान और इथियोपिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मिस्न इस पर निर्भर है क्योंकि यह उसकी कृषि और पानी की जरूरतें पूरी करता है। इथियोपिया ने एक बड़ा बाँध बनाया है, जिससे जल प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इस पर विवाद है कि कौन-सा देश कितना जल उपयोग कर सकता है। इथियोपिया अपने विकास के लिए जल का उपयोग करना चाहता है, जबकि मिस्र और सूडान चिंतित हैं कि इससे उनकी जल आपूर्ति कम हो जाएगी।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 11)

प्रश्न:
आपके विचार से विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को सक्षम बनाने के लिए कौन-कौन से इनपुट आवश्यक हैं?
उत्तर:
निम्नलिखित इनपुट आवश्यक हैं :

  • प्रौद्योगिकी : संसाधनों को निकालने और संसाधित करने के लिए उपकरणों और विधियों की आवश्यकता होती है। जैसे-खनन के लिए मशीनें या कृषि के लिए सिंचाई प्रणाली।
  • ज्ञान और कौशल : लोगों को संसाधनों का सही प्रबंधन करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।
  • अच्छा शासन : प्रभावी नीतियाँ और नियम संसाधनों के उचित प्रबंधन में मदद करते हैं। इससे सभी लोगों को संसाधनों का लाभ मिलता है और संघर्षों को रोका जा सकता है।

The post Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग appeared first on Learn CBSE.



from Learn CBSE https://ift.tt/7eCgDjZ
via IFTTT