Students revise important topics using Extra Questions for Class 7 Social Science and Class 7 SST Part 1 Chapter 4 नवारंभ नगर एवं राज्य Extra Questions before exams.
नवारंभ नगर एवं राज्य Class 7 Extra Question Answer
Class 7 SST Chapter 4 Extra Question Answer in Hindi नवारंभ नगर एवं राज्य
अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
प्राचीन भारत में कुल कितने महाजनपद थे?
उत्तर:
प्राचीन भारत में 16 महाजनपद् थे।
प्रश्न 2.
महाजनपदों का उल्लेख किन ग्रंथों में मिलता है?
उत्तर:
महाजनपदों का उल्लेख उत्तर वैदिक, बौद्ध तथा जैन साहित्य में प्राप्त होता है।
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प्रश्न 3.
महाजनपद किसे कहा जाता है?
उत्तर:
प्राचीन भारत के बड़े राज्यों या विशाल राजकीय ईकाइयों को महाजनपद कहा जाता है।
प्रश्न 4.
महाजनपदों की प्रशासन प्रणाली कैसी थी?
उत्तर:
महाजनपदों की प्रशासन प्रणाली सुव्यवस्थित और संगठित थी।
- राजतंत्र-जहाँ राजा सवोच्च शासक होता था जिसे मंत्रियों तथा वरिष्ठजनों की सभा का समर्थन प्राप्त होता था।
- गणतंत्र-इन महाजनपदों में राजा का चयन सभा अथवा समिति द्वारा किया जाता था।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
प्रारंभ में वर्णं-जाति व्यवस्था के मानदंड क्या थे?
उत्तर:
सभ्यता के विकास के साथ सामाजिक समूहों ने स्वयं को अलग-अलग समूहों में संगठित किया। शासन, शिक्षा, व्यापार, कृषि, कला, शिल्प आदि कार्यों के लिए अलग-अलग समूह बनाए गए। यह प्रणाली वर्ण व्यवस्था का आधार बनी। जाति-वर्ण व्यवस्था लचीली थी और व्यक्ति या समुदाय परिस्थितियों के अनुसार अपना व्यवसाय/काम बदल सकते थे।
वे अपनी क्षमता और कर्मों के आधार पर एक वर्ण से दूसरे वर्ण में जा सकते थे (जैसे एक ब्राह्मण योद्धा बन सकता था या क्षत्रीय व्यापार या खेतीबाड़ी कर सकता था।) व्यक्ति के गुण, स्वभाव और नैतिकता के आधार पर वर्ग तय होता था। कर्म, आचरण और उपलब्धियाँ सामाज़िक स्थान को प्रभावित करती थीं।
प्रश्न 2.
शिशुपालगढ़ वर्तमान समय में कहाँ है? यह नगर किसके लिए प्रसिद्ध था?
उत्तर:
शिशुपालगढ़ आज आधुनिक भुवनेश्वर, ओडिशा का एक नगर है। शिशुपालगढ़ प्राचीन कलिंग की राजधानी थी। यह नगर वर्गाकार किले और चौड़ी सड़कों की योजना के लिए जाना जाता था। इसकी शहरी योजना उस समय की उन्नत नगर नियोजन की मिसाल थी।
प्रश्न 3.
लगभग 400 ईसा पूर्व दक्षिण भारत में कौन-कौन से राज्य महत्वपूर्ण थे और उनकी व्यापार व्यवस्था कैसी थी?
उत्तर:
लगभग 400 सा.सं.पू. चोल, चेर और पांड्य प्रमुख दक्षिण भारत के प्रमुख तीन राज्य थे। पुरातात्विक साक्ष्यों व तमिल साहित्य में इन राज्यों तथा उनके राजाओं का उल्लेख है। ये राज्य सुगंधित मसाले, बहुमूल्य व अर्धबहुमूल्य रत्नों के लिए प्रसिद्ध थे। उनका व्यापार केवल भारतीय उपमहाद्वीप में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक फैला हुआ था।
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प्रश्न 4.
उत्तरी भारत के महाजनपदों का अंत कैसे हुआ और इसका महत्व क्या था?
उत्तर:
प्राचीन महाजनपद धीरे-धीरे समाप्त हो गए और उनके स्थान पर नए साम्राज्य विकसित हुए। इस काल ने भारत में राजनीतिक, आर्थिक और सास्कृतिक विकास का नया युग शुरू किया।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
द्वितीय सहस्त्राब्दी सा.सं.पू. के बाद लोगों के समान जीवन-शैली, भाषा, सांस्कृतिक व धार्मिक मान्यताओं के आधार पर संगठित होकर उत्तरी और मध्य भारत में बने जनपदों का महाजनपदों तक कैसे विकास हुआ?
उत्तर:
द्वितीय शताब्दी सा.सं.पू. के बाद, भारत के उत्तरी और मध्य भागों में समान भाषा, जीवन-शैली, धार्मिक परंपराओं के आधार पर लोग स्वयं को कुलों या वंशों के रूप में संगठित करने लगे। भिन्न समूहों या वंश में रहने वाले लोग एक भू-भाग से जुड़ गए अर्थात् एक ही स्थान पर बस्तियाँ बनाकर रहने लगे, जिसे ‘जनपद’ कहा गया। संस्कृत में जनपद का अर्थ है-जहाँ जन ने अपने पग/चरण रखे हों।
जनपदों का शासन
हर जनपद का अपना राजा होता था, जो जनता के जीवन और शासन की व्यवस्था सँभालता था और संतुलन स्थापित करता था। जनपदों में कृषि, पशुपालन, कला व्यापार आदि बढ़ा। व्यापारिक मार्गों और वाणिज्य व्यवस्था का विस्तार हुआ। विकसित जनपद आपस में जुड़ने लगे। 8 वीं या 7 वीं शताब्दी ईसा पूर्व जनपद मिलकर विशाल व शक्तिशाली राजकीय ईकाइयों में बदले, जिन्हें ‘महाजनपद’ कहा गया।
महाजनपदों का उदय
प्राचीन ग्रंथों में 16 महाजनपदों के नाम मिलते हैं। गंगा के उपजाऊ मैदानों के कारण कृषि का विकास हुआ। लोहे की उपलब्धता से सैन्य शक्ति बढ़ी। व्यापार मार्गों और वाणिज्य विस्तार ने महाजनपदों को बड़ा और सशक्त बनाया। कुछ महाजनपदों में राजतंत्रात्मक शासन था और कुछ महाजनपद गणतांत्रिक भी थे।
आर्थिक रूप से खुशहाल और विकसित महाजनपद आगे चलकर विशाल साम्राज्यों जैसे-मौर्य साम्राज्य की नींव बने। महाजनपदों की प्राचीन राजधानियाँ आज आधुनिक नगरों के रूप में विद्यमान हैं। ये आज के आधुनिक नगर 2500 साल प्राचीन हैं।
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प्रश्न 2.
प्राचीन भारत में प्रथम बार सिक्कों का प्रयोग नवाचार किस प्रकार था?
उत्तर:
प्राचीन भारत में सिक्कों का इस्तेमाल एक नवाचार था क्योंकि उनको एक मानकीकृत विनिमय माध्यम प्रदान किया, जिससे विभिन्न क्षेत्रों और यहाँ तक कि विदेशों के साथ भी व्यापार आसान हो गया। व्यापार के विस्तार जैसे-चाँदी, सोना, ताँबा से मुद्रा की आवश्यकता उत्पन्न हुई और धातु के सिक्के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों व्यापारों में खरीदने-बेचने के लिए इस्तेमाल होने लगो।
दक्षिण भारत में पाए गए रोमन सोने के सिक्के जो भारतीयों सिक्कों के अंतरराष्ट्रीय उपयोग को दर्शाते हैं। आहत सिक्कों और अन्य धातुओं के सिक्कों से अर्थव्यवस्था में स्थिरता और हर क्षेत्र में विकास को बढ़ावा दिया। इस प्रकार प्राचीन भारत में सिक्कों के प्रयोग से व्यापार का साधन या आर्थिक नवाचार और वैश्विक व्यापार के माध्यम बने।
अभियोग्यता पर आधारित प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
द्वितीय नगरीकरण की प्रक्रिया में लोहे की तकनीक को महत्वपूर्ण परिवर्तन क्यों माना गया?
उत्तर:
लोहे के निष्कर्षण और ढलाई की विधि विकसित होने से दैनिक जीवन में लोहा इस्तेमाल होने लगा। जिससे कृषि उपकरण और हथियार हल्के, मज़बूत और उपयोगी बने। इससे कृषि उत्पादन में काफी वृद्धि हुई।
भूमि का अधिक क्षेत्र जोता जाने लगा और कृषि कार्यों में लाभ बढ़ा। साथ ही लोहे के हथियार अधिक कांस्य की तुलना में हल्के, अधिक प्रभावशाली, मज़बूत और टिकाऊ थे। इस कारण युद्ध कौशल में बदलाव आया। लोहे की तकनीक ने आर्थिक, सैन्य, सामाजिक और राजनीतिक शक्ति को प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 2.
क्या कहा जा सकता है कि लौह तकनीक के बिना द्वितीय नगरीकरण संभव नहीं था?
उत्तर:
लोहे की तकनीक ने कृषि कार्य, उपकरण निर्माण, हथियारों का निर्माण उन्नत किया। दैनिक-जीवन में लोहे का उपयोग व्यापक हुआ। इन परिवर्तनों ने नगरों के विकास, व्यापार, आर्थिक और सामाजिक संरचना को सशक्त किया।
स्रोत आधारित प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
वर्ण-जाति व्यवस्था भारतीय समाज में कार्यरत एक प्रमुख व्यवस्था रही है, परंतु यह एकमात्र सामाजिक व्यवस्था नहीं रही है। अन्य अनेक व्यवस्थाएँ भी अस्तित्व में थीं। इसे ध्यान में रखते हुए ‘कास्ट’ शब्द की उत्पत्ति का अध्ययन कीजिए और अपने निष्कर्ष पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
अंग्रेजी शब्द ‘कास्ट’ मूल भारतीय शब्द नहीं है। यह शब्द पुर्तगाली भाषा के शब्द कास्टा से आया है। जब 16 वीं शताब्दी में पुर्तगाली यात्री और व्यापारी भारत आए, तो उन्होंने भारत के सामाजिक समूहों को कास्ट कहा।
प्रश्न 2.
ग्रंथों और अभिलेखों से मिले ऐतिहासिक प्रमाणों से क्या ज्ञात होता है?
उत्तर:
ग्रंथों और अभिलेखों से मिले प्रमाणों के अनुसार प्रारंभिक काल में व्यक्ति या समुदाय अपनी परिस्थिति के अनुसार अपने व्यवस्ताय को बदल सकते थे। प्राचीन काल में वर्ण-जाति व्यवस्था लचीली थी परंतु समय के साथ विशेष रूप से ब्रिटिश शासनकाल में यह अधिक कठोर और स्थिर हो गई।
चित्र पर आधारित प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
विए गए चित्र को पहचानिए।
उत्तर:
यह चित्र इरोड के निकट कोड्डमनाल, तमिलनाड़ु में शंख्य और रत्न उद्योग को दर्शाता है।
प्रश्न 2.
शंख्य उद्योग में मुख्य कार्य क्या थे?
उत्तर:
शंख उद्योग में शंखों से आभूषण, चूड़ियाँ और सजावटी वस्तुएँ बनाई जाती थीं।
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प्रश्न 3.
रत्न उद्योग में कारीगर क्या कार्य करते थे?
उत्तर:
रत्न उद्योग में कारीगर रत्नों की कटाई, पॉलिशिंग और आभूषण बनाने का काम करते थे।
प्रश्न 4.
कोडुमनाल में उद्योगों के विकास का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर:
कोडुमनाल व्यापार मार्गों के पास स्थित था जिससे उद्योग का विकास हुआ। व्यापार भारत के साथ-साथ विदेशी राज्यों व साम्राज्यों के साथ भी किया जाता था।
प्रश्न 5.
कोडुमनाल के शंख और रत्न उद्योग से समाज के बारे में क्या जानकारी मिलती है?
उत्तर:
समाज में लोग हस्तशिल्पकला, तकनीकी कौशल और व्यापारिक क्षमता रखते थे। प्राचीन भारत में उद्योग और व्यापार-वाणिज्य का अच्छा नेटवर्क था।
नवारंभ नगर एवं राज्य Class 7 MCQ
बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर-
प्रश्न 1.
कौन-से महाजनपद ने मौर्य साम्राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी?
(i) मगध
(ii) गांधार
(iii) पुरु राष्ट्र
(iv) अंग प्रदेश
उत्तर:
(i) मगध
प्रश्न 2.
सेना को युद्ध में अधिक प्रभावशाली और शक्तिशाली बनाने में कौन-सी धातु के बने हथियारों ने मदद की?
(i) कांस्य
(ii) लौह
(iii) टिन
(iv) ताँबा
उत्तर:
(ii) लौह
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प्रश्न 3.
शासक या राजा को किसका सहयोग और सलाह मिलती थी?
(i) सम्मानित वरिष्ठ सदस्यों की सभा/समिति
(ii) सैन्य-बल
(iii) व्यापारी
(iv) किसी की नहीं
उत्तर:
(i) सम्मानित वरिष्ठ सदस्यों कीं सभा/ समिति
प्रश्न 4.
कौन-सा महाजनपद नहीं था?
(i) मगध
(ii) कुरू
(iii) मल्ल
(iv) पाटलिपुत्र
उत्तर:
(iv) पाटलिपुत्र
प्रश्न 5.
महाजनपदों की सुरक्षा हेतु राजा क्या निर्माण करवाता था?
(i) बाज़ार
(ii) इमारतें
(iii) दुर्ग और परिखाएँ
(iv) विद्यालय और पुस्तकालय
उत्तर:
(iii) दुर्ग और परिखाएँ
प्रश्न 6.
कौन-से जनपदों को ‘प्रारंभिक गणराज्य’ कहा गया है?
(i) वज्जि और मल्ल
(ii) कोसल और अंग
(iii) अवंति और कोसल
(iv) मगध और तक्षशिला
उत्तर:
(i) वज्जि और मल्ल
प्रश्न 7.
कौन-सी शताब्दी सा.सं.पू. तक कुछ प्रारंभिक जनपद मिलकर विशाल राजकीय इकाइयों में परिवर्तित हो गए?
(i) 12 वीं शताब्दी
(ii) 7 वीं या 8 वीं शताब्दी
(iii) द्वितीय शताब्दी
(iv) कोई नहीं
उत्तर:
(ii) 7 वीं या 8 वीं शताब्दी
प्रश्न 8.
भारत के प्रारंभिक आहत सिक्के कौन-सी धातु के बने होते थे?
(i) लौह
(ii) ताँबा
(iii) सोना
(iv) चाँदी
उत्तर:
(iv) चाँदी
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प्रश्न 9.
राजा के प्रमुख उत्तरदायित्व थे-
(i) कर (राजस्व) संग्रह करना।
(ii) राजधानी/राज्य में सुदृढ़ प्राचीरें (दुर्ग) और परिखाएँ बनवाना।
(iii) कानून, न्याय व्यवस्था बनाए रखना और राज्य की रक्षा हेतु सेना का संचालन और युद्ध करना।
(iv) उपर्युक्त सभी विकल्प सही हैं।
उत्तर:
(iv) उपर्युक्त सभी विकल्प सही हैं।
प्रश्न 10.
पुरातात्विक साक्ष्यों और प्राचीनतम तमिल साहित्य में कौन-से राज्यों का उल्लेख मिलता है?
(i) चोल और चेर
(ii) दक्षिण भारत
(iii) चोल, चेर और पांड्य
(iv) पांड्य और चोल
उत्तर:
(iii) चोल, चेर और पांडय
प्रश्न 11.
समाज में विभिन्न कार्यों को सँभालने के लिए लोगों का समूह में विभाजन किस उद्देश्य से किया गया था?
(i) केवल व्यापार बढ़ाने के लिए
(ii) धार्मिक अनुष्ठान आयोजन हेतु
(iii) केवल लोगों को अलग-अलग जगहों पर बसाने के लिए।
(iv) संसाधनों का प्रबंधन, जिम्मेदारियाँ साझा करना और विशेषज्ञता विकसित करना।
उत्तर:
(iv) संसाधनों का प्रबंधन जिम्मेदारियाँ साझा करना और विशेषज्ञता विकसित करना।
प्रश्न 12.
पांचाल महाभारत काल में किसके सहयोगी राज्य के रूप में जाना जाता था?
(i) मौर्य
(ii) मगध
(iii) कुरू
(iv) शक
उत्तर:
(iii) कुरू
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
प्रश्न 1.
महाभारत कालीन शक्तिशाली साम्राज्य बाद में ………… के रूप में विकसित हुए।
उत्तर:
महाजनपद
प्रश्न 2.
महाभारत काल में कुरू का प्रमुख नगर ………… था।
उत्तर:
इंद्रप्रस्थ
प्रश्न 3.
प्रारंभिक वैदिक समाज में राजा का चयन………… और सामूहिक व योग्यता पर आधारित प्रक्रिया से जुड़ा था।
उत्तर:
संगठित
प्रश्न 4.
‘सभा’ और ‘समिति’ शब्द सर्वप्रथम ………… में मिलते हैं।
उत्तर:
वेदों
प्रश्न 5.
राजा का चुनाव केवल जन्म के आधार पर नहीं होता था, बल्कि उसे अपनी ………… सिद्ध करनी पड़ती थी।
उत्तर:
योग्यता
सही कथन पर (✓) और गलत कथन पर (✗) का चिह्न लगाइए:
1. ग्रंथों के अनुसार यदि राजा अयोग्य होता था और कर्तव्यों का पालन नहीं करता था, तो उसे हटाया जा सकता था। (✓)
2. प्रारंभिक वैदिक समाज में राजा का पद् योग्यता और नेतृत्व पर आधारित था। (✓)
3. राजा के अधिकार निरकुंश नहीं थे। (✓)
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4. हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद गंगा के मैदान में द्वितीय शहरीकरण शुरू दुआ। (✓)
5. द्वितीय नगरीकरण के मुख्य स्रोत केवल पुरातात्विक उत्खनन थे। (✗)
6. द्वितीय नगरीकरण में प्रशासन, व्यापार, धार्मिक कला के केंद्र समृद्ध हुए। (✓)
कॉलम-I से कॉलम-II का सही मिलान कीजिए:

(क) 1 (iii), 2 (i), 3 (iv), 4 (ii), 5( v)
(ख) 1(i), 2(i i i), 3(i i), 4(v), 5(i v)
(ग) 1 (ii), 2 (iii), 3( v ), 4 (iv), 5 (i)
(घ) 1( v ), 2( ii ), 3( iv ), 4( i ), 5( iii )
(ङ) 1( i ), 2( iii ), 3( ii ), 4( v ), 5( iv )
उत्तर:
(क) 1 (iii), 2 (i), 3 (iv), 4 (ii), 5 (v)
अभिकथन और कारण से संबंधित प्रश्नोत्तर
नीचे दिए गए अभिकथन (A) और कारण (R) वाक्यों को ध्यान से पढ़िए और विकल्प के अनुसार उत्तर दीजिए:
प्रश्न 1.
अभिकथन (A): प्राचीन भारत में मुख्य मार्गों और समानांतर राज्यों ने व्यापार और सांस्कृतिक अदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।
कारण (R): ये रास्ते विशेषकर पश्चिमी और पूर्वी समुद्री तटों के बंदरगाहों तक जाते थे।
विकल्प:
(i) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) का सही कारण है।
(ii) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) का सही कारण नहीं है।
(iii) अभिकथन (A) सत्य है, कारण (R) असत्य है।
(iv) अभिकथन (A) असत्य है, कारण (R) सत्य है।
उत्तर:
(i) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और (R),(A) का सही कारण है।
(R) यह स्पष्ट करता है कि व्यापार और सांस्कृतिक अदान-प्रदान क्यों बढ़ा।
प्रश्न 2.
अभिकथन (A): शिशुपालगढ़ में मज़बूत दुर्ग और चौड़ी सड़कें बनाई गई थीं।
कारण (R): यह शहर व्यापार और सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण था।
विकल्प:
(i) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R), कथन (A) को सही समझाता है।
(ii) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R) सही व्याख्या नहीं करता।
(iii) अभिकथन (A) सत्य है, लेकिन कारण (R) असत्य है।
(iv) अभिकथन (A) और कारण (R) असत्य है।
उत्तर:
(i) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं तथा कारण (R) कथन (A) को सही समझाता है।स्पष्टीकरण: शिशुपालगढ़ एक महत्वपूर्ण नगर था। यह नगर व्यापारिक मार्ग पर स्थित था, व्यापार और लोगों की सुरक्षा के लिए नगर को सुरक्षित बनाना आवश्यक था। शहर का व्यापार और सुरक्षा का महत्व ही दुर्ग और सड़क बनाने का कारण था।
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प्रश्न 3.
अभिकथन (A): जनपद और महाजनपदों में प्रशासनिक प्रणाली के गठन ने राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित की।
कारण (R): प्रशासनिक व्यवस्था मज़बूत होने से समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था में प्रगति हुई।
विकल्प:
(i) अभिकथन (A) सही है, और कारण (R) भी सही है; कारण (R), कथन (A) का सही कारण है।
(ii) अभिकथन (A) सही है और कारण (R) भी सही है; लेकिन कारण (R), कथन (A) का कारण नहीं है।
(iii) अभिकथन (A) सही है लेकिन कारण (R) गलत है।
(iv) कथन (A) गलत है और कारण (R) भी गलत है।
उत्तर:
(ii) अभिकथन (A) सही है और कारण (R) भी सही है; लेकिन कारण (R), कथन (A) का कारण नहीं है।
स्पष्टीकरण: राजनीतिक स्थिरता प्रशासनिक संगठन से आई, जबकि सामाजिक-सांस्कृतिक प्रगति इसका परिणाम है।
Class 7 नवारंभ नगर एवं राज्य Extra Question Answer for Practice
बहुवैकल्पिक प्रश्न:
प्रश्न 1.
हड़प्पा सभ्यता के लोग किस धातुकला में दक्ष थे?
(i) सोने की धातुकला
(ii) चाँदी की धातुकला
(iii) ताँबे और काँसे की धातुकला
(iv) लोहे की धातुकला
प्रश्न 2.
भारत के अनेक क्षेत्रों में लोहे के निष्कर्षण और उसे ढालने की विधि कब तक विकसित हो चुकी थी?
(i) प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व
(ii) तृतीय शताब्दी ईसा पूर्व
(iii) द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व के प्रारंभ में
(iv) कोई नहीं
प्रश्न 3.
लोहे के औज़ारों व उपकरणों के प्रयोग से किस क्षेत्र का विस्तार हुआ?
(i) कृषि
(ii) व्यापार
(iii) सैन्य
(iv) उपर्युक्त सभी
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प्रश्न 4.
कौन-से महाजनपद में गणतांत्रिक प्रणाली थी?
(i) वज्जि
(ii) मगध
(iii) अंग
(iv) अवंति
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
प्रश्न 1. कौटिल्य के अनुसार राज्य की रक्षा के लिए राजधानी तथा सीमांत नगरों की ………… आवश्यक है।
प्रश्न 2. महाजनपद ………… में गांधार से लेकर पूर्व में अंग तक तथा मध्य भारत में ………… तक विस्तृत थे।
प्रश्न 3. नवीन नगरीकरण के साक्ष्य के दो प्रमुख स्रोत हैं………… तथा …………
प्रश्न 4. ………… के उपजाऊ मैदानों ने महाजनपदों और आगे चलकर साम्राज्यों के फलने-फूलने तथा समृद्ध होने में अहम भूमिका निभाई।
प्रश्न 5. सभ्यता के उदय के साथ मानव समाज बढ़ा और स्वयं को विभिन्न ………… में संगठित कर लेता है।
सही कथन पर ( ✓ ) और गलत कथन पर (✗) का चिह्न लगाइए:
1. मल्ल महाजनपद में सभा अथवा समिति को अधिक शक्तियाँ प्राप्त थीं।
2. भारत में प्रथम बार सिक्कों का प्रयोग नवाचार था।
3. भारत के प्रारंभिक आहत सिक्के चाँदी के बने होते थे।
4. महाजनपदों के अधिकांश नगर विशाल तथा मज़बूत प्राचीरों से युक्त थे, जिनके बाहर सुरक्षा के लिए परिखा बनाई जाती थी।
5. प्राचीन भारतीय इतिहास में कई क्षेत्रीय संस्कृतियाँ मौजूद थीं।
कॉलम-I से कॉलम-II का सही मिलान कीजिए-

अभिकथन और कारण संबंधी प्रश्न
नीचे दिए गए अभिकथन (A) और कारण (R) वाक्यों को ध्यान से पढ़िए और विकल्प के अनुसार उत्तर चुनिए-
प्रश्न 1.
अभिकथन (A): समाज के जटिल होते ही लोगों ने स्वयं को विभिन्न समूहों में विभाजित करना शुरू कर दिया।
कारण (R): इस विभाजन ने संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और कार्यों में दक्षता/विशेषज्ञा को संभव बनाया।
विकल्प:
(i) केवल अभिकथन (A) सही है, (R) गलत है।
(ii) केवल कारण (R) सही है, अभिकथन (A) गलत है।
(iii) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R) सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(iv) अभिकथन (A) और कारण (R) सही हैं और (R),(A) का सही स्पष्टीकरण है।
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प्रश्न 2.
अभिकथन (A): द्वितीय नगरीकरण की प्रक्रिया तकनीकी प्रगति के बिना उन्नत नहीं बन पाती।
कारण (R): लौह-धातु की उपलब्धता और उन्नत तकनीक ने कृषि उपकरणों के निर्माण और युद्ध सामग्री व हथियारों के विकास में विशेष भूमिका निभाई।
विकल्प:
(i) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों गलत हैं।
(ii) अभिकथन (A) सत्य है, कारण (R) भी सत्य है।
(iii) अभिकथन (A) व कारण (R) सत्य हैं और (R),(A) की सही व्याख्या करता है।
(iv) अभिकथन (A) व कारण (R) सत्य है लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न:
प्रश्न 1.
साँची स्तूप के पैनल में बनी कार्यशाला क्या प्रमाणित करती है?
प्रश्न 2.
‘आहत सिक्के’ किन्हें कहते हैं? ये किस विधि से बनाए जाते हैं?
प्रश्न 3.
प्राचीन भारत में दक्षिणी क्षेत्र कौन-कौन से संसाधनों से समृद्ध थे?
प्रश्न 4.
भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिणी क्षेत्रों में नगर-निर्माण की प्रक्रिया कब हुई।
प्रश्न 5.
महाजनपद और महाभारत काल के नामों में समानता क्या दर्शाती है?
लघु उत्तरीय प्रश्न:
प्रश्न 1.
धातु-कला विकास नगरीकरण में किस प्रकार जुड़ा हुआ था?
प्रश्न 2.
‘आहत सिक्कों’ को ढालने में कौन-सी पारंपरिक तकनीक का उपयोग होता था?
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प्रश्न 3.
विकसित समाज अपने लोगों को अलग-अलग समूहों में विभाजित क्यों करता है? प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व के व्यवसायों की जानकारी प्रदान कीजिए।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:
प्रश्न 1.
साँची स्तूप के पैनल में दिखाई गई लौह धातुकर्म कार्यशाला का वर्णन कीजिए।
प्रश्न 2.
प्राचीन भारत के पूर्वी क्षेत्र में स्थित शिशुपालगढ़ (आज का भुवनेश्वर, ओडिशा) की प्रमुख विशेषताएँ क्या थी? इस नगर की संरचना के बारे में जानकारी दीजिए।
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