Students revise important topics using Extra Questions for Class 7 Social Science and Class 7 SST Part 1 Chapter 5 साम्राज्यों का उदय Extra Questions before exams.
साम्राज्यों का उदय Class 7 Extra Question Answer
Class 7 SST Chapter 5 Extra Question Answer in Hindi साम्राज्यों का उदय
अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
पाटलिपुत्र को राजधानी बनाने का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर:
चंद्रगुप्त मौर्य ने पाटलिपुत्र की भौगोलिक स्थिति, आर्थिक प्रणाली और व्यापारिक समृद्धि के कारण यह निर्णय लिया।
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प्रश्न 2.
कौटिल्य की प्रसिद्ध रचना कौन-सी है?
उत्तर:
कौटिल्य की प्रसिद्ध रचना ‘अर्थशास्त्र’ है।
प्रश्न 3.
इतिहासकार ग्रीक और भारतीय दर्शन परंपराओं को किस प्रकार देखते हैं?
उत्तर:
इतिहासकार ग्रीक और भारतीय दर्शन परंपराओं के मध्य एक महान बौद्धिक संगम देखतं है।
प्रश्न 4.
मेगस्थनीज ने किस पुस्तक में भारत की यात्रा का वर्णन किया?
उत्तर:
इंडिका।
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प्रश्न 5.
मेगस्थनीज के भारत के विवरण का महत्त्व क्या है?
उत्तर:
मेगस्थनीज के विवरण भारत के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन का प्राचीन और विश्वसनीय स्रोत है।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
अशोक ने प्रजा के कल्याण हेतु क्या-क्टा प्रयास किए?
उत्तर:
अशोक ने प्रजा के कल्याण हेतु धर्म और मूल्यों का पालन किया। उन्होंने न्याय व्यवस्था मजबूत की और कानून व रक्षा के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की। सड़कें, पुल, कुएँ, जलाशय व अस्पतालों के निर्माण करवाए। जनता के लिए अन्न और आश्रय की व्यवस्था की। शिक्षा का प्रचार किया और प्रेरक संदेशों को शिलालेखों व स्तंभों के माध्यम से जनता तक पहुँचाया।
प्रश्न 2.
सप्राट अशोक ने वन्यजीव संरक्षण को किस प्रकार बढ़ावा दिया?
उत्तर:
सम्राट अशोक ने प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के लिए पशुओं के शिकार और उन पर क्रूरता पर रोक लगाई। पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध करवाने का प्रयास किया और उनकी सुरक्षा के नियम बनाए।
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प्रश्न 3.
इतिहासकार मौर्य सम्राट अशोक को महान संचारक क्यों कहते है?
उत्तर:
इतिह्रासकार मौर्य सम्राट अशोक को महान संचारक इसलिए कहते हैं क्योंकि उन्होने अपने शिलालेखों और स्तंभों के माध्यम से धर्म, नैतिकता और न्याय के संदेश को प्रसारित किया। उनके शिलालेख भारत के विभिन्न भागों में लोकप्रिय ब्राही लिपि (प्राकृत भाषा) में लिखें गए थे।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
मौर्य काल की कलाकृतियाँ और मूर्तिकला की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मौर्य काल (लगभग 321-185 ई.पू.) भारतीय कला और स्थापत्य का सुनहरा काल माना जाता है। मौर्य कला कौशल, सुंदरता के साथ-साथ राजनीतिक शक्ति, धार्मिक भक्ति और विचारों का प्रतिबिंब है।
- शैली-मौर्य कला में रूपों को स्पष्ट रेखाओं और सटीक आकार में दर्शाया गया है।
उदाहरण-अशोक स्तंभों पर शिलालेख। - स्तंभ और शिलालेख कला-अशोक ने उपमहाद्वीप में पत्थर के स्तंभ बनवाए। ये स्तंभ भारत की वास्तुकला के महत्वपूर्ण स्मारक हैं, जिनमें से अधिकांश मौर्यकालीन मूल्यवान पौलिश किए गए चमकदार स्तंभ हैं।


उदाहरण-सारनाथ स्तंभ। अशोक स्वंभ पत्थर मूर्तिकला अवशेषों में से हैं।

- अशोक के शिलालेखों में पत्थर की नक्काशी और ब्राह्मी लिपि का उपयोग है। ये समाज, प्रशासन और धर्म की जानकारी देते हैं।
- मौर्य मूर्तिकला विशेषताओं में चमकदार पौिलश, मानव व पशु आकृतियाँ, नक्काशी और धार्मिक विषयों से जुड़ी आकृतियाँ हैं।
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उदाहरण-दीदारगंज देवी यक्षी की मूर्ति, घोड़े के सिर की कलाकृति, नृत्य करती बालिका की कलाकृति, धौली में चट्टान पर उकेरी गई हाथी की मूर्ति।

प्रश्न 2.
कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित विषयों और व्यवस्था की विशेषताओं पर चर्चा कीजिए। कौटिल्य के सप्तांग सिद्धांत ने विशाल मौर्य साम्राज्य के प्रभावी शासन में किस प्रकार योगदान दिया?
उत्तर:
कौटिल्य मौर्य साम्राज्य के महान राजनीतिक चितक और चंद्रगुप्त मौर्य के मार्गदर्शक थे। उनकी रचना अर्थशास्व भारत के प्रशासन, अर्थनीति और कूटनीति का आधार है। इस ग्रंथ में उन्होंने राज्य को सशक्त, संगठित और समृद्ध वनाने के लिए विस्तृत हाँचा प्रस्तुत किया।
कौटिल्य का सप्तांग सिद्धांत-कौटिल्य के अनुसार राज्य सात भागों से निर्मित होता है-
- स्वामी (राजा )-शासन का केंद्र, प्रजा का कल्याण उसका धर्म है।
- अमात्य ( मंत्री, पार्षंद, उच्च अधिकारी )नीति निर्माण और प्रशासनिक सलाहकार।
- जनपद (जनसंख्या )-भूमि और प्रजा।
- किलेबंद कस्बे (दुर्ग, नगर)-सुरक्षा और प्रशासनिक केंद्र।
- राजकोष ( राज्य की संपत्ति )-समृद्ध व मजबूत आर्थिक व्यवस्था। कर प्रणाली और व्यापार से आय।
- सैन्य शक्ति-आंतरिक और बाहरी सुरक्षा, कानून और व्यवस्था।
- मित्र ( सहयोगी राज्य)-युद्ध और शांति में सहयोगी। इन सातों अंगों का संतुलन, सहयोग राज्य की स्थिरता का आधार है।
कौटिल्य की प्रशासनिक व्यवस्था-
- सशक्त केंद्रीय शासन-राजा सर्वोच्च होता है कितु वह धर्म और नीति के अनुसार निर्णय ले। कौटिल्य के शासन का मूल दर्शन भारतीय मूल्यों के अनुरूप है-” अपनी प्रजा की प्रसन्नता में राजा की प्रसन्नता निहित है, प्रजा की भलाई में उसकी भलाई है…।”
- मंत्री परिषद – रान्य को सलाह देने वाले अमान्य। निर्णय लेने से पहले विचार-विमर्श आवश्यक है।
- गुप्तचर तंत्र-कौटिल्य ने संगठित गुप्तचर व्यवस्था का वर्णन किया ताकि राज्य में व्यवस्था व स्थिरता बनी रहे।
- अर्थशास्त्र, राजकोष व्यवस्था और नीति-कर प्रणाली, व्यापार-वाणिज्य नियंत्रण, कृषि और उद्योगों को संगठित रूप से चलाने पर बल। राजस्व के सही उपयोग से राज्य की उन्नति और समृद्धि के मार्ग खुलते हैं।
- कानून और बंड-विधान-कौटिल्य ने श्रप्टाचार से निपटने के लिए अनेक कानूनों का विवरण दिया और प्रजा की भलाई के विरुद्ध किए जाने वाले कार्य के लिए कठोर दंड बनाए। न्याय में निप्पक्षता पर बल दिया। कौटिल्य की प्रशासनिक प्रणासी ने मौर्य साप्रान्य को भारत का केंद्रीकृत, सुदृढ़ और संगठित साग्राज्य बनाया। कौटिल्य के सिद्धांत व दिशा-निर्देश आधुनिक प्रशासन और राजनीतिक दर्शन के लिए प्रेरणास्रोत एवं मार्गदर्शक हैं।
योग्यता आधारित प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
प्राचीन भारत में व्यापारिक मार्गों की स्थापना क्यों आवश्यक थी?
उत्तर:
व्यापारिक मार्ग की स्थापना से वस्तुओं की मात्रा, विविधता और माँग में वृद्धि होती थी, जिससे उत्पादकों की आय और शासकों के राजस्व दोनों में बढ़ोत्तरी होती थी। यह साम्रान्य की बुशहाली और स्थायित्व के लिए आवश्यक था।
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प्रश्न 2.
व्यापारियों ने क्षेणियों (गिल्द्स) का गठन क्यों किया?
उत्तर:
क्यापारियों ने सामूहिक व संगठित रूप से काम करना अधिक लाभदायक पाया। संसाधन, बाजार सूचना, माँग-आपूर्ति और श्रमिक व्यवस्था को साझा करना सभी के लिए लाभकारी था। इसलिए श्रेणियों का गठन का विकास हुआ।
प्रश्न 3.
क्या यह कहा जा सकता है कि श्रेणियों ने भारत में ‘स्वशासन’ की भावना को जन्म दिया। तर्क सहित उत्तर दीजिए।
उत्तर:
हाँ, क्योंकि श्रेणियों को अपने नियम बनाने की स्वतंश्रता थी। वे स्व-संगठित होने की अद्युत क्षमता का उदाहरण है। इससे समाज में आत्मशासन और लॉकतांत्रिक कार्यप्रणाली की भावना विकसित हुई।
कौशल आधारित प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
प्राचीन भारत की क्षेणियाँ आज के ‘स्टार्टअप नेटवर्क’ या ‘बिजनेस इकोसिस्टम’ से किस प्रकार मिलती-जुलती है?
उत्तर:
दोनों सामृहिक सहयोग, संसाधन-साझेदारी. नए विचार और बाज्ञार विस्तार पर आधारित हैं। जिस तरह श्रेणियाँ व्यापार को संगठित करती थीं, आज नेटवर्किंग प्लेटफार्म और इकोसिस्टम व्यापार को बढ़ावा देते है।
प्रश्न 2.
कल्पना कीजिए कि आप एक श्रेणी के मुखिया हैं। आपको कौन-कौन से नियम बनाने चाहिए ताकि सभी व्यापारी निष्पक्ष और सफल रहें?
उत्तर:
श्रेणी के मुखिया होने के नाते निम्नलिखित तत्वों का पालन करूमी:
- वस्तुओं की गुणवता की जाँच
- मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता
- श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा
- सद्युता के नियम
- बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा
केस/स्रोत आधारित प्रश्नोत्तर
नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
भविषा और ध्रुव ने इतिहास की पढ़ाई करते हुए देखा कि मौर्य काल में निर्मित स्तूप के केंद्र में स्थित बड़ी अर्धगोलाकार संरचना अंडाकार होती है। दोनों ने भारत में पत्थर से बनी प्राचीन संरचनाओं में से एक सांची का महान स्तूप के चित्रों का अध्ययन करने पर जाना कि यह भारतीय वास्तुकला के उत्कृष्ट उदाहरणों में से एक है।
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स्तूप की संरचना ब्रह्मांड का प्रतिनिधित्व करती है और इसके भीतर पवित्र अवशेष रखे जाते हैं। उपासक इसके चारों ओर परिक्रमा करते हैं। भविषा और ध्रव ने ध्यान दिया कि स्तूप की मूल संरचना ईटों से हुई और बाद में परथर के उपयोग से इसे विस्तार दिया गया। उन्होंने यह भी जाना कि सम्राट अशोक ने ऐसे स्तूप, चैत्य और विहार ध्यान, आराधना और अध्ययन के लिए बनवाए थे।
प्रश्न:
1. भविया और ध्रुव ने जिस परिक्रमा के बारे में जाना, उसे क्या कहते हैं?
2. अशोक ने स्तूप और विहार क्यों बनवाए शे?
3. स्तूप की अर्षगोलाकार संरचना का क्या महत्व है?
4. सांची के स्तूप का आध्यातिक और धार्मिक महत्व क्या है?
5. सांची के स्तूपों के स्थापत्व और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्रदान कीजिए।
उत्तर:
1. उपासक जो स्तूप के चारों और घड़ी की दिशा में चलते हैं और उसकी पूजा करते हैं, उसे ‘प्रदिक्षणा’ कहा जाता है। यह एक धार्मिक अनुष्ठान है जो श्रद्षा और ध्यान का प्रतीक है।
2.
- ब्यान और साधना के लिए
- धार्मिक आराधना और भिक्ष्ठ संगठनों (संघ) के लिए जो ध्यान, साधना, धर्म प्रचार और अध्ययन करते हैं।
सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार और सामाजिक, सांस्कृतिक जीवन में योगदान देने के उद्देश्य से स्तूप और विहार बनवाए।
3. यह संरचना ब्रह्मांड का प्रतीक मानी जाती है। इसमें पवित्र अवशेष रखे जाते हैं।
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4.
- सांची स्तूप महात्मा वुद्ध के अवशेषों का धाम है।
- यह भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक है।
- सांची के स्तूप वौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। धर्म के प्रसार और कला के विकास को दर्शाते हैं।
5.
- आरंभिक निर्माण-ये भारत के सखसे पुराने बौद स्थलों में से एक है, जो तीसरी शताब्दी इसा पूर्व में सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया था।
- आगे चलकर शुंग और सातवाहन जैसे राजवंशों ने इसका विस्तार और अलंकरण किया, और तोरणों का निर्माण कराया।
- कलात्मक प्रभाव-सांची स्तूप की वास्तुकला और कलात्मक रूपांकन भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य बौद्ध स्मारकों को प्रभावित करते हैं।
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल-इसे 1989 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई है जो सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।
चित्र आधारित प्रश्नोत्तर
नीचे दिए गए चित्र 5.27 को ध्यान से देखकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखें-

प्रश्न:
1. इस चित्र में दिख रहे व्यक्ति कौन हैं?
2. पाणिनी का समय लगभग किस शताब्दी और किस शासनकाल में माना जाता है?
3. इस चित्र में किस प्रसिद्ध संस्कृत ग्रंथ की पांडुलिपि दिखाई गई है?
4. संस्कृत ग्रंथ अष्टाध्यायी की विशेषताएँ लिखिए।
5. भारत सरकार ने पाणिनि की स्मृति में डाक टिकट क्यों जारी किया है?
उत्तर:
1. यह चित्र प्रसिद्ध संस्कृत व्याकरण के आचार्य पाणिनी का है।
2. इनका समय लगभग 5 वीं शताब्दी सा.सं.पू. में माना जाता है, जब भारत में नंद वंश का शासन था।
3. पाणिनी द्वारा रचित संस्कृत ग्रंथ ‘अष्टाध्यायी’ की पांडुलिपि दिखाई गई है।
4. अष्टाध्यायी में 39,996 सूत्रों के माध्यम से संस्कृत व्याकरण के नियमों को संकलित किया गया है।
- व्यवस्थित सूत्रबद्ध प्रणाली का प्रयोग करते हुए नियमों को आठ अध्यायों में बाँटा गया है।
- भाषा विज्ञान और कंप्यूटर भाषा विज्ञान के अध्ययन में भी पाणिनि के नियमों का इस्तेमाल होता है।
5. भारत सरकार ने पाणिनि की स्मृति में डाक टिकट जारी किया क्योंकि पाणिनि ने संस्कृत भाषा और भारतीय साहित्य को व्यवस्थित और स्थाई रूप दिया। उनके यांगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के साथ-साथ यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर व शिक्षा को बढ़ावा देने का एक प्रतीक भी है।
साम्राज्यों का उदय Class 7 MCQ
बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर:
प्रश्न 1.
भविषा और ध्रुव के नवीन यंत्र का क्या नाम था?
(i) इतिहास
(ii) काल-यत्र
(iii) पाटलिपुत्र
(iv) क्षत्रप
उत्तर:
(i) इतिहास
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प्रश्न 2.
पाटलिपुत्र में बालिका इरा ने भविषा और ध्रुव को क्या-क्या दिखाया?
(i) सैनिक
(ii) तलवारें
(iii) चलसेतु
(iv) सभी
उत्तर:
(iv) सभी
प्रश्न 3.
बालिका इरा ने पर्वत में खुले हुए भाग के बारे में क्या बताया?
(i) खुला हुआ भाग छिपने के लिए है।
(ii) पर्वत का खुला भाग हथियार रखने के लिए है।
(iii) पर्वत का खुला भाग सुरंग थी।
(iv) पर्वत में खुला भाग पाटलिपुत्र के राजा भिक्षुओं के लिए बनवा रहे हैं।
उत्तर:
(iv) पर्वत में खुला भाग पाटलिपुत्र के राजा भिक्षुओं के लिए बनवा रहे हैं।
प्रश्न 4.
भविषा और ध्रुव ने भव्य पाटलिपुत्र में घूमते हुए क्या-क्या निहारा?
(i) काष्ठ-प्राचीरें और प्रहरी मीनारें
(ii) भव्य महल और भवन
(iii) जीवंत सड़कें
(iv) सभी
उत्तर:
(iv) सभी
प्रश्न 5.
कौन-सा राज्य या शासक अधीन होता था? सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें-
(i) जो सम्राट के आधिपत्य को स्वीकार करते थे।
(ii) जो छोटे शासक थे।
(iii) जो सामंत रखते थे।
(iv) जो महँगी वस्तुओं का संचय करते थे।
उत्तर:
(i) जो सम्राट के आधिपत्य को स्वीकार करते थे।
प्रश्न 6.
निम्नलिखित विकल्पों में से सही कथन चुनिए-
(i) साम्राज्य विस्तृत भू-भागों में फैले हुए होते थे, जिनमें अनेक प्रकार की भाषाएँ, परंपराएँ और संस्कृतियों वाले जन रहते थे।
(ii) एक विशाल साम्राज्य का संचालन कठिनाइयों से भरा हुआ नहीं होता था।
(iii) प्रशिक्षित सेनाएँ पड़ोसी राज्यों को जीतने और उन पर नियंत्रण के लिए नहीं भेजी जाती थीं।
(iv) सम्राट स्थानीय राजाओं या प्रमुखों को महत्व नहीं देते थे।
उत्तर:
(i) साम्राज्य विस्तृत भू-भागों में फैले हुए होते थे, जिनमें अनेक प्रकार की भाषाएँ, परंपराएँ और संस्कृतियों वाले जन रहते थे।
प्रश्न 7.
सम्राटों ने अपने साम्राज्य के विस्तार के लिए युद्ध के अलावा और कौन-कौन से उपाय अपनाए होंगे?
I. वैवाहिक संबंध स्थापित करना।
II. व्यापारिक संबंध बढ़ाना।
III. कूटनीति और संधियाँ करना
IV. केवल युद्ध करना
(i) I और III सही हैं।
(ii) II और I सही हैं।
(iii) केवल IV सही है।
(iv) I, II और III तीनों सही हैं।
उत्तर:
(iv) I, II और III तीनों सही हैं।
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प्रश्न 8.
प्राचीन भारत में व्यापार की प्रमुख वस्तुएँ कौन-कौन सी थीं?
(i) मसाले, रेशम, रत्न, कपास, लोहा और कृषि उत्पाद
(ii) पेंसिल, कागज़, कोयला और हथियार
(iii) कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प, कपास, रत्न और कंप्यूटर
(iv) वस्त्र, सुगंधित पदार्थ, लोहा, कृषि उत्पाद और फोन
उत्तर:
(i) मसाले, रेशम, रत्न, कपास, लोहा और कृषि उत्पाद
प्रश्न 9.
प्राचीन भारत में व्यापार केवल भारत तक सीमित नहीं था। अनेक भारतीय वस्तुएँ स्थल मार्ग और जल मार्ग से दूरस्थ देशों तक जाती थीं और वहाँ लोकप्रिय थीं। यह तथ्य क्या दर्शाता है?
(i) प्राचीन भारत का व्यापार सीमित था।
(ii) प्राचीन भारत में केवल कृषि कार्य प्रमुख था।
(iii) प्राचीन भारत लोकप्रिय था।
(iv) प्राचीन भारत का व्यापार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तृत था।
उत्तर:
(iv) प्राचीन भारत का व्यापार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तृत था।
प्रश्न 10.
प्राचीन भारत में व्यापारी, शिल्पकार, साहूकार तथा कृषक सामूहिक रूप से संगठित होकर कार्य करते थे। इन प्रभावशाली संगठनों को क्या कहा जाता था?
(i) सभापद
(ii) श्रेणियाँ
(iii) समिति
(iv) मंडल
उत्तर:
(ii) श्रेणियाँ
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
प्रश्न 1.
भविषा और ध्रुव जानते थे कि पाटलिपुत्र नगर आधुनिक ………… है।
उत्तर:
पटना
प्रश्न 2.
साम्राज्य अनेक छोटे-छोटे राज्यों अथवा क्षेत्रों का एक ………… होता था।
उत्तर:
संघ
प्रश्न 3.
प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में सम्राट शब्द का प्रयोग हुआ है, जिसका अर्थ है ………… , अधिराज तथा ………… ।
उत्तर:
सर्वोच्च शासक, राजाधिराज
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प्रश्न 4.
पाटलिपुत्र के बाजारों में दक्षिण भारत के ……………..बहुमूल्य रत्न, चीन के ………… तथा विभिन्न क्षेत्रों के उत्तम वस्त्र उपलब्ध थे।
उत्तर:
मसाले, रेशमी वस्त्र
प्रश्न 5.
साम्राज्य की सीमाओं पर ………… नगर निर्मित किए जाते थे।
उत्तर:
दुर्ग
प्रश्न 6.
प्राचीन भारत में ………… और ………… महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग थे।
उत्तर:
उतसपथ, दक्षिणापथ
प्रश्न 7.
मगध साम्राज्य संसाधनों से समृद्ध ………… नदी के उपजाऊ मैदानों में स्थित था।
उत्तर:
गंगा
प्रश्न 8.
पर्वतीय क्षेत्रों से प्राप्त ………… एवं अन्य खनिज संसाधन मगध साम्राज्य के विस्तार में अत्यंत सहायक सिद्ध हुए।
उत्तर:
लौह अयस्क
प्रश्न 9.
ग्रीक विवरणों से ज्ञात होता है कि ………… वंश के पास विशाल सेना थी और आर्थिक शक्ति के प्रदर्शन हेतु ………… का प्रचलन किया।
उत्तर:
नंद, सिक्कों
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प्रश्न 10.
………… न ने कौटिल्य की सहायता से भारतीय इतिहास के महानतम साम्राज्यों में से एक……….. साम्राज्य है।
उत्तर:
चंद्रगुप्त, मौर्य
सही (✓) और गलत (✗) उत्तर चुनिए और कारण बताइए:
1. ग्रीक लोग भारतीय ॠषियों को ‘जिम्नोसोफिस्ट’ कहते थे और जो अपनी बुद्धिमता के लिए प्रसिद्ध थे।
उत्तर:
सही-एलेक्जेंडर ने भारतीय ॠषियों के बारे में सुना था, जिन्हें ग्रीक ‘जिम्नोसोफिस्ट’ या ‘नग्न दार्शनिक’ कहते थे। क्योंकि भारतीय ॠधि कम कपड़े पहनते थे और अपनी बुद्धिमत्ता, भारतीय दर्शन व ज्ञान के लिए जाने जाते थे।
2. अशोक की मृत्यु के बाद मौर्य साम्राज्य लगभग आधी शताब्दी तक चलता रहा।
उत्तर:
सही-अशोक के उत्तराधिकारी मौर्य जैसे विशाल साम्राज्य को एकजुट रखने में असमर्थ रहे और छोटे राज्य टूटकर अलग हो गए।
3. इतिहासकारों ने अशोक को ‘महान संचारक’ कहा है।
उत्तर:
सही-अशोक ने अपने साग्राज्य के कई स्थानों पर चट्टानों या स्तंभों पर शिलालेख उत्कीर्ण करवाए थे। इन शिलालेखों में जनसामान्य के लिए प्रेरक संदेश थे।
4. ब्राह्मी लिपि भारत की सभी क्षेत्रीय लिपियों की जननी मानी जाती है।
उत्तर:
सही-ब्राह्यी भारत की सबसं प्राचीन और मांलिक लिपियों में से एक है जिससे देवनागरी, तमिल, तलुग, कन्नड़ और वंगाली आदि आधुनिक भारतीय लिपियों का विकास हुआ।
5. अशोक ने वाराणसी के पास स्थित सारनाथ में सारनाथ स्तंभ बनवाया था। इस स्तंभ के शीर्ष को भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में चुना गया है।
उत्तर:
सही-अशोक ने सारनाथ में स्तंभ बनवाया था। उसके शीर्ष पर बने चार सिहों की मृति को भारत का राष्ट्रीय प्रतीक चुना गया। इसके चार सिंह राजकीय शक्ति के प्रतीक हैं।
6. सोहगौरा ताम्रपत्र अभिलेख, जो चौथी-तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. का है, भारत के सबसे प्राचीन प्रशासनिक अभिलेखों में से एक है।
उत्तर:
सही-सोहगौरा ताम्रपत्र अभिलेख चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में जारी किया गया था। इसमें खाद्य सुरक्षा और अन्नागार की स्थापना का उल्लेख है।
7. अपने शिलालेखों में अशोक को स्वयं को ‘देवानामपिय पियदसि’ कहा है।
उत्तर:
सही-‘देवानामपिय पियदसि’ दर्शाता है कि अशोक का शासन धार्मिकता, करुणा और कल्याण पर आधारित था।
8. धनानंद ने कौटिल्य के परामर्श को माना और अपने शासन के तौर-तरीके बदले।
उत्तर:
गलत-धनानंद ने कौटिल्य के परामर्श को नहीं माना, बल्कि उनका अपमान कर दरबार से निकाल दिया।
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9. एलेक्जेंडर को अपने विशाल ग्रीक साम्राज्य में विद्रोह और राजनीतिक उथल-पुथल का सामना नहीं करना पड़ा।
उत्तर:
गलत-एलेक्जेंडर को कई विद्रोह और सैनिक असंतोष का सामना करना पड़ा और उसकी मृत्यु के बाद ग्रीक साम्राज्य बिखर गया।
10. मगध साम्राज्य में अधिशेष (सरप्लस) अन्न उत्पादन ने जनता को कला एवं शिल्प की ओर उन्मुख नहीं होने दिया।
उत्तर:
गलत-मगध साम्राज्य को अधिशेष उत्पादन ने समृद्धी और उन्नति प्रदान की और कला एवं शिल्प को प्रोत्साहन मिला।
सूचि ‘अ’ से सूचि ‘ब’ का मिलान करें :

(क) 1 →( iv ), 2 →( iii ), 3 →( i ), 4 →( ii )
(ख) 1 →( iii ), 2 →( i ), 3 →( ii ), 4 →( iv )
(ग) 1 →( ii ), 2 →( iii ), 3 →( iv ), 4 →(i)
(घ) 1 →( i ), 2 →( iv ), 3 →( iii ), 4 →( ii )
उत्तर:
(क) 1 →( iv ), 2 →( iii ), 3 →( i ), 4 →(ii)
अभिकथन और कारण पर आधारित प्रश्नोत्तर
निम्नलिखित अभिकथन (A) और उसका कारण (R) दिया गया है। विकल्प के अनुसार अपना उत्तर चुनिए-
प्रश्न 1.
अभिकथन (A): कौटिल्य ने राज्य के शासन में सशक्त प्रशासन की आवश्यकता बताई।
कारण (R): उन्हॉने समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखनें के लिए दंड विधान और भ्रष्टाचार निवारण के उपाय सुझाए।विकल्प-
(क) अभिकथन (A) सही है, कारण (R) भी सही है और (R), (A) की सही तरीके से स्पष्ट करता है।
(ख) अभिकथन (A) सही है, कारण (R) सही है परंतु (R), (A) को सही तरह से स्पष्ट नहीं करता।
(ग) अभिकथन (A) गलत है और कारण (R) सही है।
(घ) अभिकथन (A) सही है परंतु कारण (R) गलत स्पष्टीकरण है।
उत्तर:
(क) अभिकथन (A) सही है, कारण (R) भी सही है और (R), (A) की सही तरीके से स्पष्ट करता है।
स्पष्टीकरण-कौटिल्य ने सशक्त प्रशासन की आवश्यकता इसलिए बताई क्योंकि कानून और व्यवस्था बनाए रखना ज़रूरी था और इसके लिए उन्होंने दंड और भ्रष्टाचार निवारण के उपाय बताए।
प्रश्न 2.
अभिकथन (A): कौटिल्य ने केवल युद्ध और राजनीति पर ध्यान वेंद्रित किया।
कारण (R): उन्होंने कृषि, व्यापार, नगरनियोजन, लोक-कल्याण जैसे विषयों पर भी दिशा-निर्देश दिए।
विकल्प-
(क) अभिकथन (A) सही है और कारण (R), (A) को सही स्पष्ट करता है।
(ख) अभिकथन (A) सही है, लेकिन कारण (R), (A) को सही तरीके से स्पष्ट नहीं करता।
(ग) अभिकथन (A) सही है परंतु कारण (R) गलत है।
(घ) अभिकथन (A) गलत है और कारण (R) सही है।
उत्तर:
(घ) अभिकथन (A) गलत है और कारण (R) सही है।
स्पष्टीकरण-अभिकथन गलत है क्योंकि कौटिल्य ने केवल युद्ध और राजनीति नहीं बल्कि कृषि, नगर-नियोजन, रक्षा और जन-कल्याण पर भी मार्गदर्शन किया।
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प्रश्न 3.
अभिकथन (A): चंद्रगुप्त मौर्य ने उत्तर-पश्चिम में एलेक्जेंडर द्वारा नियुक्त ग्रीक क्षत्रपों को हराया।
कारण (R): चंद्रगुप्त मौर्य का उद्देश्य भारत को एक ऐसे साम्राज्य के रूप में एकीकृत व संगठित करना था जो उत्तर के मैदानी भाग से लेकर दक्षिण के पठार तक फैला हुआ था।
विकल्प-
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) सही नहीं है।
(ख) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ग) अभिकथन (A) गलत है किंतु कारण (R) सही है।
(घ) अभिकथन (A) सही है और कारण (R) गलत है।
उत्तर:
(ख) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
स्पष्टीकरण-ग्रीक क्षत्रपों को हराकर भारत में एकीकृत और संगठित साम्राज्य स्थापित करना चंद्रगुप्त मौर्य और कौटिल्य का उद्देश्य था।
साम्राज्यों का उदय Class 7 MCQ
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
पाटलिपुत्र जैसे नगर किसके लिए प्रसिद्ध थे?
(i) धार्मिक यात्राओं
(ii) शासन और वाणिज्य के केंद्र के रूप में
(iii) संगीत के लिए
(iv) कृषि के लिए
प्रश्न 2.
मौर्य काल में कर प्रणाली कैसी थी?
(i) किसानों के लिए
(ii) अव्यवस्थित
(iii) सुव्यवस्थित
(iv) कर प्रणाली नहीं थी
प्रश्न 3.
मौर्य साप्राज्य में कृषक एक साल में कितनी फसलें बोते थे?
(i) चार
(ii) दो
(iii) एक ही
(iv) तीन
प्रश्न 4.
मौर्य साम्राज्य में नगर में घर कैसे होते थे?
(i) घर लकड़ी के बने होते थे और दो मंजिल तक ऊँचे हो सकते थे।
(ii) घर पत्थर के बने होते थे और एकमंजिला होते थे।
(iii) घर सीमेंट के बने होते थे और चार मंजिल तक ऊँचे होते थे।
(iv) उपर्युक्त सभी विकल्प गलत हैं।
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प्रश्न 5.
सारनाथ का प्रसिद्ध स्तंभ किसने निर्मित कराया था?
(i) चंद्रगुप्त मौर्य
(ii) बिंदुसार
(iii) अशोक
(iv) हर्षवर्धन
प्रश्न 6.
भारत के राष्ट्रीय प्रतीक का चिह्न कहाँ से लिया गया है?
(i) अमरावती स्तूप से
(ii) सारनाथ के अशोक स्तंभ से
(iii) नालंदा विश्वविद्यालय से
(iv) साँची के स्तूप से
प्रश्न 7.
‘सत्यमेव जयते’ यह आदर्श वाक्य किस उपनिषद् से लिया गया है?
(i) कठोपनिषद
(ii) मुंडक उपनिषद
(iii) ईशोपनिषद
(iv) वैदिक उपनिषद
प्रश्न 8.
सत्यमेव जयते का अर्थ है-
(i) सत्य की ही विजय होती है।
(ii) सत्य और ज्ञान
(iii) प्रेम सर्वोपरि है
(iv) सत्य हमेशा के लिए है।
प्रश्न 9.
एलेक्जेंडर और पोरस के बीच युद्ध कब हुआ था?
(i) 327 ई.पू.
(ii) 300 ई.पू.
(iii) 326 ई.पू.
(iv) 321 ई.पू.
प्रश्न 10.
पोरस किस राज्य का शासक था?
(i) पंजाब में झेलम और चिनाब नदियों के बीच के क्षेत्र
(ii) यह क्षेत्र अब वर्तमान में पाकिस्तान में है।
(iii) यह क्षेत्र वर्तमान में पंजाब का हिस्सा है, जिसकी राजधानी लाहौर के पास थी।
(iv) उपर्युक्त सारे विकल्प सही हैं।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
प्रश्न 1.
पाटलिपुत्र में जनसामान्य का मनोरंजन सड़कों पर कला दिखाने वाले ………… करते थे और लघु ………… भी प्रस्तुत करते थे।
प्रश्न 2.
एपायर शब्द की उत्पत्ति ………… के इपेरियम शब्द से हुई है।
प्रश्न 3.
राजाधिराज का अर्थ है …………
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प्रश्न 4.
शासक ………… तथा ………… मार्गों पर नियंत्रण करने का प्रयास करते थे।
प्रश्न 5.
मगध के प्रारंभिक शक्तिशाली राजाओं में………… का नाम उल्लेखनीय है।
सही (✓) और गलत (✗) उत्तर चुनिए:
1. श्रेणियाँ भारतीय समाज के स्व-संगठित होने की क्षमता का उदाहरण है।
2. श्रेणियों को अपने आंतरिक नियमों का निर्माण करने की स्वतंत्रता थी।
3. 5 वीं शताब्दी सा.सं.पू. के लगभग महापद्मनंद मगध में उभरे और नंद वंश की स्थापना की।
4. दुनिया के अंतिम छोर तक पहुँचने के लिए उत्सुक एलेक्जेंडर ने आगे पूर्व की ओर बढ़ते हुए भारत में अपना अभियान शुरू किया।
मिलान करें:

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