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Class 9 Hindi Chapter 12 घर की याद Question Answer
घर की याद Class 9 Question Answer
Class 9 Ganga Chapter 12 Question Answer – Class 9 Hindi घर की याद Kavita Question Answer
अभ्यास (पृष्ठ 199-204)
रचना से संवाद
मेरे उत्तर मेरे तर्क
निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं?
प्रश्न 1.
भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता कहाँ और क्यों लिखी?
(क) विदेश से मित्र के लिए
(ख) युद्धभूमि से जनता के लिए
(ग) जेल से परिवार के लिए
(घ) यात्रा से किसी संबंधी के लिए
उत्तर:
(ग) जेल से परिवार के लिए
तर्क – कविता का सारा वातावरण जेल का है। कवि ने स्वयं लिखा है- ‘बँधा बैठा हूँ अभागा।’
प्रश्न 2.
लगातार बरसता पानी कवि के मन की किस भावना का परिचायक है?
(क) उत्साह और आवेग
(ख) भय और क्रोध
(ग) साहस और उमंग
(घ) चिंता और बेचैनी
उत्तर:
(घ) चिंता और बेचैनी
तर्क – इस कविता में कवि को बारिश में घर के सदस्यों की याद आ रही है। वह बाड़े में जाकर बीज बोता था। माँ उसके साथ नए फूल देखने आती थी। बारिश ने ये यादें ताजा कर दीं।
प्रश्न 3.
कविता में माँ की कैसी छवि उभरती है?
(क) कमजोर और निष्क्रिय
(ख) स्नेहमयी और दृढ़
(ग) शिक्षित और अनुशासनप्रिय
(घ) सरल और उदासीन
उत्तर-
(ख) स्नेहमयी और दृढ।
तर्क – कवि की माँ ने अपने भावुक पति को ढाढ़स बँधाया होगा। उसने पति को कमज़ोर न करके दृढ़ किया होगा।
प्रश्न 4.
“वज्र – भुज नवनीत-सा उर” पंक्ति के माध्यम से पिता के व्यक्तित्व की कैसी छवि प्रस्तुत की गई है?
(क) कर्मठ और सृजनशील
(ख) साहसी और पराक्रमी
(ग) दृढ़ और संवेदनशील
(घ) प्रसन्नचित्त और सक्रिय
उत्तर:
(ग) दृढ़ और संवेदनशील।
तर्क – भवानी के पिता का शरीर पहाड़ जैसा मज़बूत था, किंतु हृदय बहुत भावुक था।
प्रश्न 5.
“एक पत्ता टूट जाए” बस कि धारा फूट जाए” पंक्ति किस ओर संकेत करती है।
(क) पिता की कठोरता
(ख) पिता की भावुकता
(ग) वर्षा की तीव्रता
(घ) पिता की निर्बलता
उत्तर:
(ख) पिता की भावुकता
तर्क – कवि के पिता इतने भावुक हैं कि वे अपने आठ बच्चों में से किसी एक का भी वियोग सहन नहीं कर पाते। वे भावुक होकर रोने लगते हैं।
प्रश्न 6.
“बहिन आई बाप के घर, हाय रे परिताप के घर” पंक्ति में ‘परिताप’ शब्द से क्या संकेत मिलता है?
(क) घर का समृद्ध होना
(ख) घर की सजावट
(ग) घर में दुख का वातावरण
(घ) घर की शांति
उत्तर:
(ग) घर में दुख का वातावरण
तर्क – कवि की बहन ने भवानी की कमी महसूस की होगी। कवि के बिना घर का समूचा वातावरण बहुत शोकमय रहा होगा।
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प्रश्न 7.
“और कहना मस्त हूँ मैं” पंक्ति में कवि का ऐसा कहना किस शब्द की ओर संकेत करता है?
(क) कवि अपने जीवन में बहुत खुश है।
(ख) अपने दुख को परिजनों से छिपाना चाहता है।
(ग) घर के लोगों के प्रति उदासीन है।
(घ) कवि प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत है।
उत्तर:
(ख) अपने दुख को परिजनों से छिपाना चाहता है।
तर्क – भवानी के पिता अंदर ही अंदर बहुत भावुक और तरल हैं, किंतु वे अपने आँसू दिखाकर घर के शेष सदस्यों को रुलाना नहीं चाहते।
प्रश्न 8.
इस कविता में किस बात को प्रमुखता से वर्णित किया गया है?
(क) घर की शांति और सुरक्षा
(ख) घर के सदस्यों के बीच का संबंध
(ग) घर के निर्माण की प्रक्रिया
(घ) घर की याद और अकेलेपन की पीड़ा
उत्तर:
(घ) घर की याद और अकेलेपन की पीड़ा
तर्क – इस कविता में जेल में बँधे कवि को अपने परिवार के सदस्यों की याद आती है। वे अपने पिता – माँ और भाई-बहनों को याद करके भावुक हैं।
मेरी समझ मेरे विचार
नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए-
प्रश्न 1.
कविता में वर्णित पिता के व्यक्तित्व की उन विशेषताओं का वर्णन कीजिए जिनसे उनका बहुआयामी रूप सामने आता है।
उत्तर:
बलिष्ठ शरीर और साहसी – कवि के पिता डीलडौल में विशालकाय हैं। ये नित्य व्यायाम करते हैं। 260 दंड नित्य पेलना उसकी दिनचर्या है। वे बड़ी उम्र में भी दौड़ सकते हैं, खिलाखिला सकते हैं। उनकी वाणी में बादलों जैसी गर्जन और काम में तूफान – सी तेजी है। वे निडर हैं। उनके सामने शेर या मौत भी आ जाए तो वे घबराएँ नहीं। सच तो यह है कि वे बड़ी उम्र में भी युवा हैं। बुढ़ापे का एक भी लक्षण उनके जीवन में प्रकट नहीं हुआ।
उदार हृदय – भवानी प्रसाद मिश्र के पिता मन से भी विशाल और उदार हैं। वे अत्यंत सरल भोले, सहृदय और भावुक हैं। वे अपने परिवार जनों से गहरा लगाव रखते हैं। यद्यपि उनके पाँच पुत्र हैं, पुत्रवधुएँ हैं, पोते हैं- परंतु वे सबसे गहरे जुड़े हुए हैं। उनसे किसी का रंचमात्र कष्ट भी नहीं देखा जाता। वे रोज गीता – पाठ करते हैं। इससे स्पष्ट है कि वे शरीर, मन और बुद्धि- तीनों में सशक्त हैं।
प्रश्न 2.
“दुख डटकर ठेलता हूँ” यह कथन मनुष्य के संघर्षशील स्वभाव को उजागर करता है। कविता के आधार पर बताइए कि कठिन परिस्थितियों में कवि किस प्रकार धैर्य, साहस और त्याग का परिचय देता है?
उत्तर:
कवि भावुक है। वह अपने घर के सभी सदस्यों से बहुत गहरे जुड़ा हुआ है। इसलिए उसे अपनी माँ, बहनों भाइयों और पिता की बहुत याद आती है। वह जेल में अकेलेपन की वेदना सह रहा है। ऐसे समय में बड़े-बड़े क्रांतिकारी हार जाते थे। परंतु कवि वियोग- वेदना को सहकर भी देश की आज़ादी के लिए दृढ़ रहा । उसने एक बार भी माफ़ी माँगकर घर जाने की बात मन में नहीं आने दी। इससे पता चलता है कि कवि संघर्षशील और दृढ़ है।
प्रश्न 3.
कविता में बार-बार वर्षा का वर्णन कवि के भावों को किस प्रकार व्यक्त करता है?
उत्तर:
इस कविता में बार-बार वर्षा का वर्णन आया है। वास्तव में वर्षा का बरसना कवि के आँसुओं से जुड़ा हुआ है। वर्षा कवि के हृदय में छिपी ममता, वात्सल्य और स्नेह को जगाती है। बारिश कवि को अपने आत्मीय जनों की याद दिलाती है। उसे अपने पिता-माता के साथ बिताए आत्मीय क्षण याद आते हैं। इधर पानी बरसता है, उधर कवि की आँखें बरसती हैं। उसका अपने घर के सदस्यों के बीच रहने का मन होता है।
कवि ने बारिश और सावन को अपना अंतरंग साथी बना लिया है। वे वर्षा से कहते हैं-
त बरस ले वे न बरसें।
प्रश्न 4.
कविता से उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए और भाव स्पष्ट कीजिए जिनसे माँ की भावनात्मक मजबूती का परिचय मिलता है।
उत्तर:

प्रश्न 5.
कविता का कौन-सा अंश आपको सबसे अधिक भावनात्मक और प्रभावी लगता है और क्यों?
उत्तर:
मुझे कविता का अंतिम अंश सबसे अधिक भावनात्मक और प्रभावी लगता है। कवि सावन को कहता है-
कह न देना मौन हूँ मैं,
खुद न समझैं कौन हूँ मैं,
देखना कुछ बक न देना,
उन्हें कोई शक न देना,
हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पाँचवें को वे न तरसें।
क्यों – इन पंक्तियों में कवि की भावुकता और पारिवारिक स्नेह तो उमड़ता है ही, उसका संयम, त्याग और दृढ़ता भी प्रकट होती है। सावन के माध्यम से कही गई यह बात बहुत प्रभावशाली बन गई है।
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विधा से संवाद
कविता का सौंदर्य
“गिर रहा पानी झरा झर, हिल रहे पत्ते हरा-हर,
बह रही है हवा सर-सर, काँपते हैं प्राण थर-थर”
उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यानपूर्वक पढ़िए। यहाँ शब्दों का चयन और संयोजन इस प्रकार किया गया है। कि कविता में ध्वन्यात्मकता और नाद सौंदर्य की सृष्टि हुई है। शब्दों के ऐसे प्रयोग से कविता आकर्षक बनती है। कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ हैं जो इसे जीवंत और प्रभावपूर्ण बनाती हैं। ऐसी कुछ विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है। कविता से ऐसी विशेषताओं वाली पंक्तियों को ढूँढ़कर लिखिए।
विशेषताएँ-

उत्तर:
• स्मृति और दृश्य बिंब-
खुले सिर नंगे बदन वह,
घूमता फिरता मगन वह,
बड़े बाड़े में कि जाता,
बीज लौकी के लगाता।
– युवक भवानी के वर्षा में नहाते हुए दृश्य की स्मृति का चित्र आँखों के सामने आ जाता है।
• लोकभाषा की सहजता-
और माँ बिन, पढ़ी मेरी
दुख में वह गढ़ी मेरी,
माँ कि जिसकी गोद में सिर,
रख लिया तो दुख नहीं फिर।
• पंक्तियों का दोहराव-
आज पानी गिर रहा है
बहुत पानी गिर रहा है
रात भर गिरता रहा है
प्राण मन घिरता रहा है।
• आलंकारिक प्रयोग-
एक पत्ता टूट जाए,
बस कि धारा फूट जाए,
एक हल्की चोट लग ले,
दूध की नद्दी उमग ले।
– यहाँ पत्ता टूटना, धारा फूटना प्रतीक हैं। ये पत्तों के बहाने कवि के पिता के कोमल हृदय का वर्णन कर रहे हैं।
‘दूध की नद्दी’ में रूपक अलंकार है। साथ ही पिता के फफक-फफक कर रोने का भी चित्रण है।
• प्राकृतिक दृश्यों और भावों का संयोजन-
हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पाँचवें को वे न तरसें।
– इसमें सावन का मानवीकरण किया गया है। ‘हरे और सजीले’ शब्दों से सावन की सुंदरता और तरलता दोनों प्रकट हुए हैं। साथ ही कवि की भावुकता भी प्रकट हुई है।
• संबोधनात्मकता-
उपर्युक्त अंश पर विचार करें। कवि सावन को मित्र मानकर उसे संबोधित कर रहा है।
कविता की संरचना
‘घर की याद’ कवि के भीतर उठते भावों की यात्रा है। कविता में प्रकृति के माध्यम से व्यक्त इस यात्रा के प्रमुख चरणों का वर्णन करें।
(संकेत – पानी का गिरना, सबेरा होना)
उत्तर:
कवि की भावना निम्नलिखित चरणों से होती हुई पूरी हुई है-
- पानी का गिरना
- घर के सदस्यों की याद आना
- माँ का स्नेह और दृढ़ता
- पिता का बलिष्ठ शरीर
- पिता की भावुकता
- माँ का पिता को ढाढ़स बँधाना
- भाई-बहनों की भावुकता
- झराझर पानी का बरसना
- फिर से पिता की याद
- घर में अपनी कुशलता का संदेश देना।
विषयों से संवाद
प्रश्न 1.
कविता में चित्रित ‘घर’ एक भौतिक स्थान से बढ़कर भावनाओं और संबंधों के केंद्र के रूप में चित्रित हुआ है। वर्तमान में एकल परिवारों के बढ़ते चलन के संदर्भ में संयुक्त परिवार और एकल परिवार की तुलना कीजिए और कारण सहित लिखिए कि दोनों की कौन-कौन-सी बातें आपको पसंद हैं और कौन-कौन सी नापसंद?
उत्तर:
इस कविता में संयुक्त परिवार का अत्यंत भाव-भरा चित्रण हुआ है। घर मानो बरगद का पेड़ है जिस पर सभी पंछी विहार कर रहे हैं। सबमें आपसी लगाव और स्नेह है।
संयुक्त परिवार सचमुच रस की खान है। इसमें रहने से मनुष्य कभी अकेला, उदास और निराश नहीं होता। एक के दुख में सभी सम्मिलित हो जाते हैं। दुख का दंश समाप्त हो जाता है और सुख उत्सव में बदल जाते हैं। ये संयुक्त परिवार की विशेषताएँ अब गायब हो गई हैं। आजकल लोग अकेले एकल परिवार में रहने लगे हैं।
एकल परिवार का अर्थ है – पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे विवाह हुआ कि बच्चे अलग। ऐसे परिवारों में एक ओर स्वतंत्रता का सुख है, किंतु दूसरी ओर अकेलेपन की उदासी और भय है। एकल परिवारों के बच्चे उदास, निराश और भयभीत हैं। वे आशंका और अकेलेपन से त्रस्त हैं। उनके चेहरों पर कभी उत्सव जैसा भाव नहीं आता।
प्रश्न 2.
कविता में बार-बार पानी गिरने का वर्णन है। लगातार बारिश होती रहे तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में किस प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?
उत्तर:
वर्षा हमारे लिए जीवन है और लगातार वर्षा मौत। जब बारिश लगातार आती है तो शहर की सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। लोगों के वाहन उसके बीच फँस जाते हैं। न दूध वाला आ पाता है, न ऑफिस जा पाते हैं। अत्यधिक बारिश शहरों को जाम कर देती है।
अत्यधिक बारिश गाँवों में बाढ़ ला देती है। खेत, कच्चे मार्ग, सड़कें सब पानी से लबालब भर जाते हैं। कभी-कभी तो वहाँ से पलायन करना पड़ता है। लोगों को नावों से सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। जब तक पानी सूख न जाए, गाँव वालों को विस्थापित-तसा नरक झेलना पड़ता है। तभी कवि अशोक बत्रा ने लिखा है-
कौशल्या को शाम है बारिश
राधा को घनश्याम है बारिश
पर जो डूबे, रोकर बोले
हाय-हाय कोहराम है बारिश!
प्रश्न 3.
कविता में सावन के बादल का प्रयोग एक संचार माध्यम के रूप में किया गया है जिसके द्वारा कवि अपने परिवार तक संदेश भेज रहा है। कक्षा में संचार के नए-पुराने माध्यमों में अंतर बताते हुए चर्चा कीजिए और लिखिए।
उत्तर:
मनुष्य संचार और संवाद के माध्यम खोजता रहा है। पुराने समय में, जब तकनीकी साधन नहीं थे, वह कबूतर, घोड़े आदि तीव्रगामी पशु-पक्षियों का सहारा लेता था। फिर युग बदला तो रेडियो, तार, टेलीफोन, दूरदर्शन और अब मोबाइल-इंटरनेट आदि साधन आ गए हैं। ये सभी साधन अधिक-से-अधिक कुशल होते जा रहे हैं। अब तो संदेश भेजने में समय नहीं लगता। इधर अपने ट्विटर पर लिखा, उधर पूरे संसार ने जाना।
वर्तमान संचार साधन तकनीकी साधनों पर आधारित हैं। इनके प्रयोग में समय नहीं लगता। पहले कबूतरों, घोड़ों पर संदेश भेजने में घंटे और दिन नहीं, महीनों लग जाते थे।
प्रश्न 4.
भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कारावास में लिखी थी। अपने शिक्षक और पुस्तकालय की सहायता से ‘भारत का स्वतंत्रता संग्राम’ विषय पर लेख लिखिए।
उत्तर:
भारत का स्वतंत्रता संग्राम 1857 से शुरू हुआ। भारतवासी अंग्रेजों से मुक्ति चाहते थे, किंतु वे स्वयं संगठित नहीं थे। अतः वह आंदोलन असफल हुआ। उसके बाद भारतीय जनता ने स्वराज्य-प्राप्ति के लिए संघर्ष तेज किया। इसमें दो प्रकार के क्रांतिकारी थे। एक गरमदल के क्रांतिकारी जो बंदूक के बल पर अंग्रेज़ों को बाहर खदेड़ना चाहते थे। तिलक, सुभाष, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, सावरकर उन क्रांतिकारियों में थे। उन्होंने आजादी के लिए गोलियाँ खाईं, कारावासों में जवानी बिताई और अन्यायी अंग्रेज़ों से लोहा लिया।
नरमदल के नेताओं में गाँधी, नेहरू आदि नेता थे, जिन्होंने अहिंसक आंदोलन चलाए। ये मारना नहीं मरना जानते थे। इन्होंने सत्याग्रह किया, जेल भरी, अंग्रेज़ी शासन का बहिष्कार किया। 1942 में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ आज़ादी का महत्वपूर्ण आंदोलन था, जिसमें कवि भवानीप्रसाद मिश्र ने भी भाग लिया था।
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सृजन
प्रश्न 1.
कल्पना कीजिए कि कवि की माँ को पत्र लिखना आता है। कविता में वर्णित उनकी छवि और अनुमान के आधार पर लिखिए कि वे कवि के लिए पत्र में क्या-क्या लिखतीं?
उत्तर:
प्रिय भवानी!
तुझे मेरा ढेर सारा प्यार!
तुझे मैं पल-पल याद करती हूँ। तू मेरी आँखों से बहकर निकलना चाहता है। पर मैं रोक लेती हूँ आँसुओं को। मैं रोऊँगी तो तेरे पिता का क्या होगा ? वे बहुत नरमदिल के हैं। किसी भी बच्चे का जरा-सा भी दर्द नहीं सह पाते। फिर तू तो उनका सबसे लाड़ला और होनहार बेटा है।
भवानी! तेरे पिता तुझ पर गर्व करते हैं। तूने उनका नाम ऊँचा किया है। मुझे भी गर्व है कि तू मेरा बेटा है। तूने मेरा दूध पिया है तू जो जेल में है, तो समझना मैं भी तेरे साथ हूँ। तू अकेला कहाँ है? मैं 24 घंटे तेरे दिल में रहती हूँ। मुझे तुझ पर बहुत ममता है। संतान हो तो ऐसी!
बेटे भवानी! तू यहाँ की चिंता न करना। तू भी अकेला नहीं है। सारा परिवार तेरे साथ है। कल तेरी बहन घर आई थी। तेरे जेल में जाने का समाचार सुनकर वह रुक नहीं सकी। भागी आई उसके आने पर घर में जो माहौल बना, उसमें तू न होकर भी तू ही तू था। तब मेरे मन में बहुत ममता जागी।
मेरे बेटे! सुखी रह। खुश रह! जीता रह! देश की चिंता तू नहीं करेगा तो कौन करेगा? हम हमेशा तेरे साथ हैं।
तुम्हारी माँ
प्रश्न 2.
कविता में माँ और पिताजी के बीच कवि के विषय में की जाने वाली बातचीत का वर्णन है। उनकी इस बातचीत को संवाद लेखन के रूप में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
पिता (सुबकते हुए) – आज भवानी यहाँ होता तो…. (फिर रुलाई)
माँ – आप इस तरह क्यों रो रहे हैं?
पिता – (आँख पोंछते हुए) नहीं।
माँ – भवानी वहाँ ठीक से है। आप चिंता न करो।
पिता – (रोते हुए) मैं रो कहाँ रहा हूँ?
माँ – देखो, वह आपका मन समझकर ही जेल गया है। आपकी ही इच्छा थी। आपकी ही तो सीख थी कि देश के लिए कुछ करो।
पिता – (आँसू पोंछते हुए – परंतु आँसू फिर उमड़ पड़ते हैं) हाँ, तुम ठीक…
माँ – देखो, आप इस तरह रोएँगे तो और बच्चे भी रो पड़ेंगे। आप खुद को संभालिए। सोचो, अगर वह कारावास से डरता तो मेरी कोख को भी लजाता। उसने तो मेरी भी लाज रख ली। अब मेरा माथा गर्व से ऊँचा हो गया है।
पिता – (भावुक होकर) हाँ! बहुत ऊँचा हो गया है मस्तक (फिर रोना)। मैं रो नहीं रहा हूँ। मुझे आज की बारिश में भवानी की बहुत याद आ रही है। यदि वह यहाँ होता…
माँ – छोड़ो यह बात ! वह वहाँ ठीक है, और एक आप हैं….
पिता – यदि आज भवानी यहाँ होता तो नंगे बदन वर्षा में भीगता ! बड़े बाड़े में जाकर लौकी के बीज रोंपता। तुझे आकर बताता – माँ, देखो नए फूल खिल आए हैं। फिर तू उसके साथ देखने जाती। मुझे तो बस (रुलाई फूट पड़ती है)।
माँ – आप बस करो!
पिता – नहीं, मैं रो कहाँ रहा हूँ। मैं नहीं रोऊँगा।
प्रश्न 3.
इस कविता में कवि ने सावन के बादल को संदेशवाहक बनाया है। अगर आपको किसी प्राकृतिक उपादान के माध्यम से अपने घर, मित्र या किसी संबंधी व्यक्ति को कोई संदेश भेजना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?
उत्तर:
मुझे हवा बहुत पसंद है। यदि मुझे किसी प्राकृतिक उपादान के माध्यम से संदेश देना होता तो मैं अवश्य हवा को संदेशवाहक बनाता। जब ठंडी हवा चलती है तो मुझे अपने प्रिय के संग घूमने का मन करता है। उस समय मेरे मन में तड़प उठती है, छटपटाहट होती है। मैं अपनी उस वेदना को हवा के माध्यम से प्रकट करता।
भाषा से संवाद
व्याकरण की बात
प्रश्न 1.
“आज सबका मन चुआ होगा।”
उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द कवि की क्षेत्रीय / स्थानीय भाषा का शब्द है। कविता में स्थानीय भाषा के शब्दों का सहज प्रयोग हुआ है। कविता से कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उनमें रेखांकित शब्दों का अर्थ स्पष्ट करते हुए उनसे नए वाक्य बनाइए।

उत्तर:
• छिन – मछली जल के बिना एक छन भी जीवित नहीं रहती।
• फलानी – माँ मुझे रोज बताती है कि उसे मेरी फलानी सहेली मिली थी।
• भौजी – मैंने भैया और भौजी के पाँव छुए।
• बड़ – मेरे घर के सामने जो छायादार पेड़ है, वह बड़ है।
प्रश्न 2.
नीचे दी गई कविता की पंक्तियों में आए शब्दों की व्याकरणिक पहचान लिखिए। आपकी सहायता के लिए एक उदाहरण नीचे दिया गया है।

(क) “बहुत पानी गिर रहा है”
• ‘पानी’ शब्द है – संज्ञा
• ‘बहुत’ शब्द है – विशेषण
• ‘गिर रहा है’ है – क्रिया
(ख) “पिताजी जिनको बुढ़ापा, एक क्षण भी नहीं व्यापा”
• ‘बुढ़ापा’ शब्द है –
• ‘व्यापा’ शब्द है –
• ‘जिनको’ शब्द है –
उत्तर:
• बुढ़ापा – संज्ञा (भाववाचक)
• व्यापा – क्रिया
• जिनको – सर्वनाम
(ग) “खुले सिर नंगे बदन वह, घूमता फिरती मगन वह”
• ‘खुले’ शब्द है –
• ‘वह’ शब्द है –
• ‘बदन’ शब्द है –
• ‘फिरता’ शब्द है –
उत्तर:
• खुले – विशेषण
• वह – सर्वनाम
• बदन – संज्ञा
• फिरता – क्रिया
(घ) “एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए”
• ‘एक’ शब्द है –
• ‘फूट जाए’ है –
• ‘पत्ता’ शब्द है –
उत्तर:
• एक – विशेषण
• फूट जाए – क्रिया
• पत्ता – संज्ञा
(ङ) “हे सजीले हरे सावन, हे कि मेरे पुण्य पावन”
• ‘सजीले’ शब्द है –
• ‘मेरे’ शब्द है –
• ‘सावन’ शब्द है –
उत्तर:
• सजीले – विशेषण
• मेरे – सार्वनामिक विशेषण
• सावन – संज्ञा
गतिविधियाँ
प्रश्न 1.
कवि ने कविता में अपने परिवार का उल्लेख किया है। आप भी अपना एक परिवार वृक्ष तैयार कीजिए और प्रत्येक सदस्य के व्यक्तित्व के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर:
मेरे घर में दादा-दादी, माता-पिता और एक बहन हैं। उनकी विशेषताएँ-
दादा – मेरे दादा मानो बरगद की छाँव हैं। मैं उनके कंधों पर कैसे भी झूल सकता हूँ।
दादी – मेरी दादी मिश्री वाला जल हैं। वे कभी नाराज नहीं होतीं। उनके आशीषों की छाया मेरे लिए बादल जैसी हैं।
पिता – मेरे पिता छत के समान हैं मजबूत, छायादार जिसकी छाया में मैं आराम से रहता हूँ और जिसके संग रहकर मैं आकाश छू सकता हूँ।
माँ – मेरी माँ मेरे पोर पोर में हैं। मुझे लोग कहते हैं- तू अपनी माँ पर गया है। मैं हँसता भी माँ जैसा हूँ और बोलता भी वैसा ही हूँ।
बहन – मेरी बहन छोटी है। मुझसे अक्सर झगड़ती है उसे मेरी हर चीज चाहिए। हर बात में तेरी मेरी पर मेरे बिना पल भर भी नहीं रह सकती।
प्रश्न 2.
कविता में प्रयुक्त ध्वनि-आधारित शब्द (जैसे-झरा-झर, थर-थर सर सर) को पढ़कर एक छोटी-सी ऑडियो रिकॉर्डिंग या मौखिक पाठ तैयार कीजिए। बताइए कि ये शब्द कविता में कैसे वातावरण का निर्माण करते हैं?
उत्तर:
और बच्चों के साथ मिलकर ऑडियो तैयार कीजिए।
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भाषा संगम
“घर कि घर में सब जुड़े हैं”
नीचे ‘घर’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।
मकान, गृह, निवास (हिंदी); गृहम् (संस्कृत); घर (पंजाबी); घर (उर्दू); गॅरु (कश्मीरी); घरु (सिंधी): घर (मराठी); घर (गुजराती); घर (कोंकणी); घर आवास (नेपाली); घर, बाड़ी (बांग्ला) घर (असमिया ) युम (मणिपुरी); घर, गृह, आलय आवास (ओड़िआ); इल्लु (तेलुगु); वीडु, इल्लम् (तमिल) वीडु, इल्लम (मलयालम); गृह, मने (कन्नड़)।
• इनके अतिरिक्त यदि आप ‘घर’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते है तो उस भाषा में भी लिखिए।
उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
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उत्तर:
पंजाबी घर कि घर विच सारे जुड़े होए ने।
खोजबीन
• शिक्षक की सहायता से ऐसी किसी अन्य कविता अथवा कहानी के बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए जिसमें घर, परिवार की याद जैसी भावनाएँ चित्रित हों। साथ ही पुस्तकालय अथवा इंटरनेट की सहायता से उस रचना को कक्षा में पढ़कर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दीजिए।
उत्तर:
संस्कृत की ‘मेघदूत’ जैसी रचनाओं के नाम एकत्र करें।
• ‘घर की याद’ कविता में कवि सावन के बादलों को दूत बनाकर अपने परिवार के पास संदेश ले जाने का आग्रह करता है। प्रकृति के उपादानों की कल्पना संदेशवाहक के रूप में करने के अनेक उदाहरण साहित्य में मिलते हैं। शिक्षक, पुस्तकालय और इंटरनेट की सहायता से ऐसी कुछ रचनाओं के बारे में पता लगाइए और बताइए कि इनमें प्रकृति के किन उपादानों को संदेशवाहक बनाया गया है?
उत्तर:
मेघदूत – कालिदास की इस रचना में मेघों का दूत बनाया गया है।
इसी के अनुकरण पर भक्तिकाल रीतिकाल और आधुनिक काल के अनेक कवियों ने कविताएँ लिखी हैं।
किसी कवि ने पवन को किसी ने सावन को, किसी ने कौए को किसी ने भँवरे को किसी ने कबूतर या काग को माध्यम बनाकर मार्मिक काव्य लिखा है। सूरदास का ‘भ्रमगीत’ भँवरे के माध्यम से लिखा गया गीतिकाव्य है।
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