Wednesday, 13 May 2026

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4

Students can keep Class 8 SST Important Questions and Class 8 SST Part 1 Chapter 4 भारत में औपनिवेशिक काल Extra Questions handy for quick reference during exams.

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Question Answer

Class 8 SST Chapter 4 Extra Question Answer in Hindi भारत में औपनिवेशिक काल

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उपनिवेशवाद के प्रमुख कारण क्या थे?
उत्तर:

  • नए प्राकृतिक संसाधनों की खोज और उनके लाभ के. लिए भौगोलिक विस्तार आवश्यक था।
  • स्थानीय जनसंख्या का ईसाई धर्म में परिवर्तन एक महत्वपूर्ण प्रेरणा थी।
  • वैज्ञानिक जिज्ञासा और भूगोल के ज्ञान का संग्रह भी उपनिवेशवाद का एक कारण था।

प्रश्न 2.
भारत में उपनिवेशवाद का प्रारंभ कैसे हुआ?
उत्तर:

  • पुर्तगाली अन्वेषक वास्को डी गामा ने 1498 में भारत में प्रवेश किया।
  • इसके बाद अन्य यूरोपीय शक्तियों ने भी भारत में व्यापारिक केंद्र स्थापित किए।
  • ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने धीरे-धीरे राजनीतिक नियंत्रंण स्थापित किया, जिससे उपनिवेशवाद की शुरुआत हुई।

प्रश्न 3.
औपनिवेशिक काल में भारत में अकाल की स्थिति का क्या कारण था?
उत्तर:

  • ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा लगाए गए कठोर कर लक्ष्यों ने किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर किया।
  • फसल विफलता और प्राकृतिक आपदाओं ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
  • 1770-72 के बीच बांग्ला में भयंकर अकाल में लगभग एक करोड़ लोग मारे गए।

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4

प्रश्न 4.
उपनिवेशवाद का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:

  • उपनिवेशवाद ने भारतीय संसाधनों का शोषण किया, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था कमजोर हुई।
  • ब्रिटेन को निरंतर अनाज निर्यात किया गया, जिससे भारत में खाद्य संकट बढ़ा।
  • औद्योगिक क्रांति के लिए आवश्यक धन का निष्कासन भारत से हुआ, जिससे विकास में रुकावट आई।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उपनिवेशवादी शासन के कारण भारतीय कृषि पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:

  • उपनिवेशवादी शासन ने भारतीय कृषि को एकतरफा बना दिया, जिससे किसानों को केवल ब्रिटिश उद्योगों के लिए कच्चा माल उगाने के लिए मजबूर किया गया।
  • किसानों को खाद्यान्न फसलों की जगह नील जैसी नकदी फसलें उगाने के लिए बाध्य किया गया।
  • इससे किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और वे ॠण जाल में फँस गए।
  • ब्रिटिश नीतियों के कारण कृषि उत्पादकता में कमी आई।
  • अंततः भारतीय कृषि का पारंपरिक ढाँचा नष्ट हो गया और किसान गरीबी में चले गए।

प्रश्न 2.
ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय उद्योगों के पतन के कारण क्या थे?
उत्तर:

  • ब्रिटिश नीतियों ने भारतीय वस्त्र उद्योग पर भारी कर लगाए, जिससे भारतीय उत्पाद महँगे हो गए।
  • भारत को ब्रिटिश निर्मित वस्त्रों का बाजार बना दिया गया, जिससे स्थानीय उद्योगों को नुकसान हुआ।
  • भारतीय कारीगरों को उनके कौशल से वंचित कर दिया गया, जिससे वे बेरोजगार हो गए।
  • निर्यात में कमी आई, जबकि आयात में तेजी आई, जिससे व्यापार असंतुलित हो गया।
  • इस प्रकार, भारत का औद्योगिक विकास रूक गया और देश आर्थिक रूप से कमजोर हो गया।

प्रश्न 3.
उपनिवेशवादी शासन ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को कैसे प्रभावित किया?
उत्तर:

  • ब्रिटिश शासन ने भारतीय शिक्षा को अपने हितों के अनुसार ढालने का प्रयास किया।
  • मैकॉले की नीति के तहत अंग्रेजी शिक्षा को प्राथमिकता दी गई, जिससे भारतीय भाषाओं की उपेक्षा हुई।
  • पारंपरिक विद्यालयों और मदरसों का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होने लगा।
  • शिक्षा का उद्देश्य ऐसे भारतीयों का निर्माण करना था जो ब्रिटिश हितों की सेवा कर सकें।
  • इसने भारतीय समाज में एक विभाजन पैदा किया, जहाँ अंग्रेजी शिक्षित वर्ग और सामान्यजन के बीच दूरी बढ़ गई।

प्रश्न 4.
उपनिवेशवादी शासन के दौरान भारतीय समाज में क्या परिवर्तन हुए?
उत्तर:

  • ब्रिटिश शासन ने पारंपरिक शासन संरचनाओं को नष्ट किया और केंद्रीकृत प्रशासन स्थापित किया।
  • ग्राम पंचायतों की स्वायत्तता समाप्त कर दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
  • न्यायालयों की स्थापना ने पारंपरिक विधियों की उपेक्षा की, जिससे सामान्यजन की न्यायिक पहुँच कम हो गई।
  • सामाजिक संरचना में बदलाव आया, जिससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं का ह्रास हुआ।
  • इसने भारतीय समाज में असंतोष और विद्रोह की भावना को जन्म दिया, जो आगे चलकर स्वतंत्रता संग्राम का कारण बना।

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4

प्रश्न 5.
1857 के विद्रोह के कारण और परिणाम क्या थे?
उत्तर:

1857 का विद्रोह मुख्यतः सिपाहियों के बीच असंतोष के कारण हुआ, जो ब्रिटिश नीतियों से प्रभावित थे।
विद्रोह की शुरुआत मेरठ से हुई, जहाँ सिपाहियों ने ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ बगावत की।
विद्रोह ने भारतीयों में एकता की भावना को जागृत किया, जो पहले कभी नहीं देखी गई थी।
ब्रिटिश शासन ने विद्रोह को क्रूरता से दबाया, जिससे हजारों लोगों की जानें गई।
इस विद्रोह ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी और ब्रिटिश शासन की नीतियों में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।

स्थिति अध्ययन

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4 3

प्रश्न 1.
‘बुजुर्ग पिता थेम्स’ का क्या प्रतीक है?
उत्तर:
व्यापार और यात्रा का प्रतीक।

प्रश्न 2.
उपनिवेशों की संपत्ति को ब्रिटेन ने किस प्रकार प्राप्त किया?
उत्तर:
बलपूर्वक या छल से।

प्रश्न 3.
उपनिवेशों की स्थिति और भारतीयों की त्वचा के रंग के संदर्भ में दो महत्वपूर्ण बिंदु बताएँ।
उत्तर:
(i) उपनिवेशों की स्थिति निम्न थी, जबकि ब्रिटेन ने उन्हें अपनी संपत्ति के रूप में देखा और बलात् उनके संसाधनों का दोहन किया।
(ii) भारतीयों की त्वचा का गहरा रंग ब्रिटेन के गोरे लोगों की तुलना में ‘स्थानीय’ लोगों पर श्रेष्ठता की धारणा को दर्शाता है, जो उपनिवेशी मानसिकता का एक हिस्सा था।

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 MCQ

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में औपनिवेशिक काल में उपनिवेशवाद का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(क) धार्मिक प्रसार
(ख) आर्थिक शोषण
(ग) सांस्कृतिक विकास
(घ) सामाजिक सुधार
उत्तर:
(ख) आर्थिक शोषण

प्रश्न 2.
इस व्यंग्यचित्र का औपनिवेशिकता के संदर्भ में सबसे संभावित अर्थ क्या है?
भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4 1.1
(क) ब्रिटेन और अफ्रीकी देशों के बीच एकता और सहयोग।
(ख) अफ्रीकी संसाधनों का शोषण और महाद्वीप पर ब्रिटिश नियंत्रण का थोपना।
(ग) तकनीकी उन्नति जो ब्रिटेन और अफ्रीका दोनों को समान रूप से लाभान्वित करती है।
(घ) ब्रिटिश उपनिवेशकों द्वारा अफ्रीकी संस्कृति और परपराओं का उत्सव।
उत्तर:
(ख)अफ्रीकी संसाधनों का शोषण और महाद्वीप पर ब्रिटिश नियंत्रण का थोपना।

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4

प्रश्न 3.
इस चित्र में बैंगलोर में राहत के लिए प्रतीक्षा कर रहे लोगों का दूश्य क्या दर्शाता है?
भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4 2.1
(क) ब्रिटिश सरकार ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त खाद्य आपूर्ति प्रदान की।
(ख) कई लोग भूख से पीड़ित थे और सरकारी राहत प्रयासों पर निर्भर थे।
(ग) अकाल राहत शिविर अच्छी तरह से संगठित और कुशलता से प्रबंधित थे।
(घ) अकाल का बैंगलोर की जनसंख्या पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा।
उत्तर:
(ख)कई लोग भूख सें पीड़ित थे और सरकारी राहत प्रयासों पर निर्भर थे।

प्रश्न 4.
किस वर्ष में ईस्ट इंडिया कंपनी ने बांग्ला में राजस्व एकत्र करने का अधिकार प्राप्त किया?
(क) 1757
(ख) 1770
(ग) 1498
(घ) 1857
उत्तर:
(ख) 1770

प्रश्न 5.
किसके नेतृत्व में भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की शुरुआत हुई?
(क) वास्को डी गामा
(ख) रॉबर्ट क्लाइव
(ग) डुप्ले
(घ) लार्ड लिटन
उत्तर:
(ख) रॉबर्ट क्लाइव

प्रश्न 6.
उपनिवेशवाद के दौरान भारत में अकालों का मुख्य कारण क्या था?
(क) प्राकृतिक आपदाएँ
(ख) ब्रिटिश शासन की नीतियाँ
(ग) कृषि तकनीक में कमी
(घ) जनसंख्या वृद्धि
उत्तर:
(ख) ब्रिटिश शासन की नीतियाँ

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4

प्रश्न 7.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : उपनिवेशवाद ने भारत में आर्थिक शोषण को बढ़ावा दिया।
कथन II : औपनिवेशिक काल में भारत की जनसंख्या में वृद्धि हुई।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(क) कथन I सही है और II गलत है।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : ब्रिटिश शासन ने भारत में कृषि उत्पादन को बढ़ावा दिया।
कथन II : ब्रिटिश शासन के दौरान कई अकालों का सामना करना पड़ा।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(ख) कथन I गलत है और II सही है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : उपनिवेशवाद ने भारत में सामाजिक सुधारों को बढ़ावा दिया।
कथन II : उपनिवेशित क्षेत्रों में प्रतिरोध की भावना प्रबल हुई।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(ख) कथन I गलत है और II सही है।

प्रश्न 10.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : औपनिवेशिक काल से पहले भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) विश्व के GDP का एक चौथाई था।
कथन II : भारत की औद्योगिक क्रांति ब्रिटिश उपनिवेशवाद के कारण हुई।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(क) कथन I सही है और II गलत है।

अभिकथन-कारण प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में, अभिकथन (A) के बाद कारण
(R) दिया गया है। सही विकल्प का चयन इस रूप में करें-
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
(ख) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परंतु कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) अभिकथन (A) सही है परंतु कारण (R) गलत है।
(घ) अभिकथन (A) गलत है परंतु कारण (R) सही है।

प्रश्न 1.
(A) : उपनिवेशवादी शासन भारतीय उद्योगों के पतन का कारण बना।
(R) : ब्रिटिश नीति ने भारतीय वस्त्र उद्योग पर भारी कर लगाए और भारतीय व्यापारियों को ब्रिटिश निर्मित वस्तुएँ स्वीकार करने के लिए बाध्य किया।
उत्तर:
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

प्रश्न 2.
(A) : ब्रिटिश शासन ने भारत में स्थानीय स्वशासन की व्यवस्थाओं को नष्ट कर दिया।
(R) : ब्रिटिश शासन ने एक केंद्रीकृत नौकरशाही स्थापित की, जिसका मुख्य उद्देश्य कर-संग्रह और विधि-व्यवस्था बनाए रखना था।
उत्तर:
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4

प्रश्न 3.
(A) : भारतीय शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन ने भारतीय समाज में विभाजन उत्पन्न किया।
(R) : मैकॉले की नीति के अनुसार, भारतीयों को अंग्रेजी शिक्षा दी गई, जिससे एक अंग्रेजी शिक्षित वर्ग का निर्माण हुआ।
उत्तर:
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

प्रश्न 4.
(A) : 1857 का विद्रोह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
(R) : विद्रोह के परिणामस्वरूप, ब्रिटिश राज ने ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत का शासन अपने अधीन ले लिया।
उत्तर:
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

प्रश्न 5.
(A) : उपनिवेशवादी शासन ने भारतीय संस्कृति की समृद्धि को बढ़ावा दिया।
(R) : ब्रिटिश विद्वानों ने भारतीय ग्रंथों का अध्ययन किया और उन्हें यूरोपीय भाषाओं में अनुवादित किया।
उत्तर:
(घ) अभिकथन (A) गलत है परंतु कारण (R) सही है।

सत्य/असत्य संबंधी प्रश्न

1. पुर्तगालियों ने भारत में केवल व्यापारिक लाभ के लिए उपनिवेश स्थापित किए और उन्होंने स्थानीय जनसंख्या पर कोई दमन नहीं किया।
उत्तर: असत्य।

2. 1770 से 1772 के बीच बंगाल में हुए अकाल में लगभग एक करोड़ लोग मारे गए।
उत्तर: सत्य

3. ब्रिटिश शासन ने भारत में कृषि उत्पादों के निर्यात को पूरी तरह से रोक दिया था।
उत्तर: असत्य।

4. भारतीय वस्त्र उद्योग का पतन 18 वीं शताब्दी से शुरू हुआ।
उत्तर: असत्य।

5. 1857 का विद्रोह केवल सिपाहियों द्वारा किया गया था।
उत्तर: असत्य।

रिक्त स्थान भरिए

1. भारतीय वस्त्र उद्योग का पतन ब्रिटिश नीति के कारण हुआ, जिसमें भारतीय वस्त्रों पर ______ लगाए गए।
उत्तर: भारी कर

2. 1830 के दशक में, कार्यवाहक गवर्नर-जनरल ______ ने भारतीय ग्राम पंचायतों की प्रणाली का वर्णन किया।
उत्तर: चालर्स मेटकॉफ

3. 1857 के विद्रोह के दैरान, सिपाहियों ने ______ को अपना नेता घोषित किया।
उत्तर: बहादुर शाह जफर

4. 16 वीं शताब्दी तक, भारत एक ______ एवं समृद्ध आर्थिक तथा सांस्कृतिक केंद्र था।
उत्तर: शक्तिशाली

5. ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1757 में _______ की लड़ाई में विजय प्राप्त की।
उत्तर: प्लासी

भारत में औपनिवेशिक काल Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 4

6. 1876-1878 के भीषण अकाल में लगभग ______ लाख भारतीयों की मृत्यु हुई।
उत्तर: 80,8

7. उपनिवेशवाद के दौरान, भारत से लगभग ______ ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का धन निष्कासित हुआ।
उत्तर: 45

कॉलम मिलाएँ

कॉलम अ कॉलम ब
1. ब्रिटिश (क) धार्मिक परिवर्तन और सांस्कृतिक परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित किया
2. पुर्तगाली (ख) व्यापारिक केंद्र स्थापित किए और सैन्य महत्वाकांक्षाओं को छिपाया
3. फ्रांसीसी (ग) कोलाचल की लड़ाई में निर्णायक हार के बाद महत्वपूर्ण गिरावट का अनुभव किया
4. डच (घ) कठपुतली शासकों के माध्यम से अप्रत्यक्ष शासन की रणनीति विकसित की

उत्तर:

कॉलम अ कॉलम ब
1. ब्रिटिश (ख) व्यापारिक केंद्र स्थापित किए और सैन्य महत्वाकांक्षाओं को छिपाया
2. पुर्तगाली (क) धार्मिक परिवर्तन और सांस्कृतिक परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित किया
3. फ्रांसीसी (घ) कठपुतली शासकों के माध्यम से अप्रत्यक्ष शासन की रणनीति विकसित की
4. डच (ग) कोलाचल की लड़ाई में निर्णायक हार के बाद महत्वपूर्ण गिरावट का अनुभव किया

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भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 2

Students can keep Class 8 SST Important Questions and Class 8 SST Part 1 Chapter 2 भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Extra Questions handy for quick reference during exams.

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 Extra Question Answer

Class 8 SST Chapter 2 Extra Question Answer in Hindi भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
औरंगजेब के शासनकाल में धार्मिक नीतियों का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:

  • औरंगजेब ने इस्लामी नियमों का कड़ाई से पालन किया, जिससे धार्मिक असहिष्णुता बढ़ी।
  • उसने गैर-मुसलमानों पर जजिया कर लगाया और मंदिरों को ध्वस्त किया।
  • इसके परिणामस्वरूप, साम्राज्य में विद्रोह और असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई।

प्रश्न 2.
औरगजेब ने अपने भाइयों के साथ क्या किया और इसका क्या परिणाम हुआ?
उत्तर:

  • औरंगजेब ने अपने भाइयों को सत्ता से हटाने के लिए उन्हें बंदी बनाया या हत्या की।
  • उसने अपने पिता शाहजहाँ को आगरा के किले में बंदी बना दिया।
  • इस हिंसक उत्तराधिकार ने साम्राज्य में अस्थिरता को जन्म दिया।

प्रश्न 3.
औरंगजेब के शासनकाल में विद्रोहों का क्या कारण था?
उत्तर:

  • किसानों और आदिवासी समुदायों ने शोषण और करों के खिलाफ विद्रोह किया।
  • औरंगजेब की धार्मिक नीतियों ने विभिन्न समुदायों में असंतोष फैलाया।
  • विद्रोहों ने साम्राज्य की शक्ति को कमजोर किया और अंततः पतन की ओर ले गए।

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 2

प्रश्न 4.
अकबर की प्रशासनिक प्रणाली में कौन-कौन से प्रमुख तत्व शामिल थे?
उत्तर:

  • अकबर ने मनसबदारी प्रणाली स्थापित की, जिससे अधिकारियों को सैन्य और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ मिलीं।
  • दीवान और मीर बखशी जैसे मंत्रियों ने वित्त और सेना के मामलों का प्रबंधन किया।
  • इस प्रणाली ने साग्राज्य की दक्षता और नियंत्रण को बढ़ाया।

प्रश्न 5.
रानी दुर्गावती का योगदान भारतीय इतिहास में कैसे महत्वपूर्ण है?
उत्तर:

  • रानी दुर्गावती ने अपने राज्य की रक्षा के लिए साहसिकता से लड़ाई लड़ी।
  • उन्होंने कई आक्रमणों का सामना किया और अपने क्षेत्र को समृद्ध बनाया।
  • उनका बलिदान और नेतृत्व आज भी भारतीय इतिहास में वीरता का प्रतीक है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
दिल्ली सल्तनत के उदय और उसके महत्व को समझाइए।
उत्तर:

  1. दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1192 में राजा पृथ्वीराज चौहान की पराजय के बाद हुई।
  2. यह सल्तनत तुर्क-अफगान मूल के पाँच विदेशी राजवंशों द्वारा शासित थी।
  3. इसके अंतर्गत उत्तर भारत के कुछ हिस्से सीधे नियंत्रण में आए।
  4. दिल्ली सल्तनत ने कला, संस्कृति और प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
  5. यह भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र के रूप में उभरी।

प्रश्न 2.
अकबर के शासनकाल की विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर:

  • अकबर ने 13 वर्ष की आयु में सम्राट के रूप में शासन सँभाला।
  • उसने भारतीय उपमहाद्वीप को मुगल शासन के अधीन लाने का अभियान शुरू किया।
  • अकबर ने विभिन्न राजाओं के साथ विवाह संबंध स्थापित कर राजनीतिक स्थिरता बनाई।
  • उसने जजिया कर को समाप्त किया और सभी धर्मों के प्रति सहिण्णुता की नीति अपनाई।
  • उसकी शासन अवधि में कला और संस्कृति का विकास हुआ. जिसमें ताजमहल जैसे निर्माण शामिल हैं।

प्रश्न 3.
तैमूर के आक्रमण का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:

  • तैमूर ने 14 वीं सदी के अंत में उत्तर: पश्चिम भारत पर आक्रमण किया।
  • उसके आक्रमण के दौरान कई नगरों को नष्ट किया गया और लोग मारे गए।
  • तैमूर के आक्रमण ने दिल्ली सल्तनत को कमजोर किया और अराजकता फैलाई।
  • इसके परिणामस्वरूप लोदी वंश का उद्य हुआ, जिसने दिल्ली सल्तनत के अंतिम शासक वंश के रूप में कार्य किया।
  • तैमूर के आक्रमण ने भारतीय उपमहाद्वीप के राजनीतिक मानचित्र को नया आकार दिया।

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 2

प्रश्न 4.
जौहर की प्रथा के पीछे के कारणों को समझाइए।
उत्तर:

  • जौहर एक परंपरा थी, जिसमें महिलाएँ अपने सम्मान की रक्षा के लिए आत्मदाह करती थीं।
  • यह प्रथा तब प्रचलित हुई जब आक्रमणकारी महिलाओं को गुलाम बनाकर ले जाते थे।
  • जौहर का उद्देश्य महिलाओं की पवित्रता और सम्मान की रक्षा करना था।
  • यह भारतीय इतिहास में प्रतिरोध और आत्म-समर्पण का प्रतीक बन गया।
  • अकबर के समय में चित्तौड़ पर विजय के दौरान सैकड़ों महिलाओं ने जौहर किया।

प्रश्न 5.
दिल्ली सल्तनत के पतन के क्या कारण थे?
उत्तर:

  • दिल्ली सल्तनत का पतन राजनीतिक अस्थिरता और क्षेत्रीय विद्रोहों के कारण हुआ।
  • कई स्वतंत्र क्षेत्रीय सल्तनतों का उदय हुआ, जैसे बहमनी सल्तनत।
  • राजनैतिक संघर्ष और उत्तराधिकार के लिए हिंसक युद्धों ने सल्तनत को कमजोर किया।
  • अकबर के समय में भी कई आक्रमणों ने सल्तनत की शक्ति को कम किया।
  • अंततः बाबर ने पानीपत की लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की।

स्थिति अध्ययन

I. अकबर ने अपने प्रशासनिक ढाँचे को सुधारने के लिए एक कुशल प्रणाली स्थापित की। दीवान वित्त का प्रभारी था, मीर बख्शी सेना की देखरेख करता था, और सार्वजनिक कार्यों, व्यापार, उद्योग और कृषि का ध्यान रखता था। प्रशासन को बारह प्रांतों में विभाजित किया गया था, जहाँ छोटी प्रशासनिक इकाइयाँ कार्यरत थीं। मनसबदारों को अपने पद् के अनुसार सेना के लिए घोड़ों और ऊँटों की संख्या बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। अकबर ने गैर-मुस्लिम अधिकारियों की संख्या को सीमित रखा और टोडरमल ने राजस्व प्रणाली को मजबूत किया।

प्रश्न 1.
अकबर के प्रशासन में वित्त मंत्री का नाम क्या था?
उत्तर:
टोडरमल

प्रश्न 2.
मनसबदारों को किस प्रकार की भूमि का अधिकार दिया जाता था?
उत्तर:
जागीर

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 2

प्रश्न 3.
अकबर के प्रशासनिक ढाँचे की दो प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर:

  • केंद्रीयकरण : अकबर ने एक केंद्रीकृत प्रशासनिक प्रणाली स्थापित की, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों को विभिन्न प्रांतों में नियुक्त किया गया था।
  • सामाजिक समावेशिता : प्रशासन के उच्च स्तर पर गैर-मुस्लिम अधिकारियों की संख्या सीमित थी. जिससे यह दर्शाता है कि अकबर ने धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देने का प्रयास किया।

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 MCQ

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
दिल्ली सल्तनत की स्थापना कब हुई थी?
(क) 1192
(ख) 1206
(ग) 1300
(घ) 1400
उत्तर
(क) 1192

प्रश्न 2.
अकबर को किस आयु में सम्राट घोषित किया गया?
(क) 10 वर्ष
(ख) 13 वर्ष
(ग) 15 वर्ष
(घ) 20 वर्ष
उत्तर:
(ख) 13 वर्ष

प्रश्न 3.
तैमूर ने भारत पर आक्रमण कब किया?
(क) 12 वीं सदी में
(ख) 14 वीं सदी के अंत में
(ग) 15 वीं सदी में
(घ) 16 वीं सदी में
उत्तर
(ख) 14 वीं सदी के अंत में

प्रश्न 4.
दिल्ली सल्तनत के अंत में किसने मुगल साम्राज्य की स्थापना की?
(क) बाबर
(ख) अकबर
(ग) हुमायूँ
(घ) शाहजहाँ
उत्तर:
(क) बाबर

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 2

प्रश्न 5.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : दिल्ली सल्तनत ने उत्तर भारत के कुछ भागों पर शासन किया।
कथन II : अकबर ने अपने शासनकाल में केवल सैन्य विजय पर ध्यान केंद्रित किया।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(क) कथन I सही है और II गलत है।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : अकबर ने जजिया कर को समाप्त किया।
कथन II : तैमूर ने भारत में केवल लूटपाट की और कोई सांस्कृतिक योगदान नहीं दिया।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(क) कथन I सही है और II गलत है।

प्रश्न 7.
कथन I : अकबर ने अपने दरबार में कई विद्वानों को आर्मत्रित किया।
कथन II : दिल्ली सल्तनत का औसत शासनकाल 30 वर्षों से अधिक था।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(घ) दोनों I और II सही हैं।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने की।
कथन II : अकबर ने चित्तौड़गढ़ पर आक्रमण किया और वहाँ नरसंहार का आदेश दिया।
विकल्प :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर:
(घ) दोनों I और II सही हैं।

प्रश्न 9.
नीचे दिए गए चार्ट में खाली स्थानों को भरने के लिए उपयुक्त विकल्प चुनें :

साम्राज्य विशेषताएँ
दिल्ली सल्तनत 1192 में स्थापित, राजा पृथ्वीराज चौहान की पराजय के बाद।
? तैमूर के आक्रमण के बाद पतन।
? अलाउद्दीन खिलजी द्वारा उत्तर और मध्य भारत में सैन्य अभियान।

(क) लोदी वंश, तुगलक वंश
(ख) तुगलक वंश, लोदी वंश
(ग) खिलजी वंश, ममलुक वंश
(घ) ममलुक वंश, तुगलक वंश
उत्तर:
(ख) तुगलक वंश, लोदी वंश

अभिकथन-कारण प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में, अभिकथन (A) के बाद कारण
(R) दिया गया है। सही विकल्प का चयन इस रूप में करें-
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
(ख) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परंतु कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) अभिकथन (A) सही है परंतु कारण (R) गलत है।
(घ) अभिकथन (A) गलत है परंतु कारण (R) सही है।

प्रश्न 1.
(A) : औरंगजेब ने अपने शासनकाल में कई विद्रोहों का सामना किया।
(R) : विद्रोहों का मुख्य कारण किसानों का शोषण और करों का बढ़ता बोझ था।
उत्तर:
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

प्रश्न 2.
(A) : औरंगजेब ने अपने शासन में संगीत और नृत्य पर प्रतिबंध लगा दिया।
(R) : यह कदम उसने इस्लामी नियमों का पालन करने के लिए उठाया।
उत्तर:
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

प्रश्न 3.
(A) : रानी दुर्गावती को मध्य भारत की वीर रानी माना जाता है।
(R) : उन्होंने अकबर के सेनापति के आक्रमण का सफलतापूर्वक सामना किया।
उत्तर:
(ख) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परंतु कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 2

प्रश्न 4.
(A) : मुगल साम्राज्य के पतन का एक प्रमुख कारण औरगजेब का धार्मिक कट्टरपंथ था।
(R) : औरगजेब ने सभी गैर-मुस्लिम धार्मिक स्थलों को नष्ट करने का आदेश दिया।
उत्तर:
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

प्रश्न 5.
(A) : दिल्ली सल्तनत ने एक केंद्रीकृत प्रशासनिक प्रणाली स्थापित की।
(R) : इस प्रणाली में स्थानीय प्रशासकों को अधिक अधिकार दिए गए थे।
उत्तर:
(ग) अभिकथन (A) सही है परंतु कारण (R) गलत है।

सत्य/असत्य संबंधी प्रश्न

1. दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1192 में राजा पृथ्वीराज चौहान की पराजय के बाद हुई थी।
उत्तर: सत्य

2. अकबर ने जजिया कर केवल मुसलमानों से वसूला।
उत्तर: असत्य

3. तैमूर ने भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली को लूटकर लौट गया।
उत्तर: सत्य।

4. विजयनगर साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध शासक कृष्णदेवराय था।
उत्तर: सत्य।

5. औरंगजेब ने अपने शासनकाल में लगभग 49 वर्षों तक शासन किया।
उत्तर: सत्य।

रिक्त स्थान भरिए

1. दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1192 में राजा ________ की पराजय के बाद हुई।
उत्तर: पृथ्वीराज चौहान

2. _______ ने अपने विजय अभियानों में कई नगरों पर अधिकार किया।
उत्तर: अकबर

3. तैमूर ने भारत पर आक्रमण करते समय _________ को खंडहर में बदल दिया।
उत्तर: दिल्ली

4. विजयनगर साम्राज्य का शासक कृष्णदेवराय ने कई मदिरों को _______ दिया।
उत्तर: अनुदान

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 Extra Questions and Answers SST Chapter 2

5. बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई में _________ को हराया।
उत्तर: इब्राहिम लोदी।

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Class 8 SST Chapter 2 Question Answer in Hindi भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण

Chapter-wise NCERT Class 8 SST Solutions and Class 8 Social Science Chapter 2 Question Answer Hindi Medium भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण are useful for focused study.

Class 8 Social Science Chapter 2 Question Answer in Hindi भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Question Answer in Hindi

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान पाठ 2 के प्रश्न उत्तर भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण

प्रश्न और क्रियाकलाप (पृष्ठ 59)

प्रश्न 1.
दिल्ली सल्तनत और मुगल साम्राज्य की राजनैतिक रणनीतियों की तुलना कीजिए। इनमें क्या समानताएँ और भिन्नताएँ थीं?
उत्तर:
समानताएँ :

  • केंद्रित शक्ति : दोनों में शासक के पास महत्वपूर्ण अधिकार थे। मुगल सम्राटों ने भी अपने साम्राज्य पर मजबूत नियंत्रण बनाए रखा।
  • सैन्य अभियान : दोनों ने अपने क्षेत्रों का विस्तार करने के लिए सैन्य अभियानों का उपयोग किया।
  • कर प्रणाली : दोनों प्रणालियाँ अपने प्रशासन और सैन्य प्रयासों के लिए करों पर निर्भर थीं। मुगल साम्राज्य ने संसाधनों का प्रबंधन करने के लिए एक विकसित कर प्रणाली लागू की।

Class 8 SST Chapter 2 Question Answer in Hindi भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण 1

प्रश्न 2.
विजयनगर साम्राज्य और अहोम साम्राज्य जैसे अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक समय तक पराजित होने से कैसे बच सके? उनकी सफलता में किन भौगोलिक, सैन्य और सामाजिक कारकों का योगदान था?
उत्तर:

  • भौगोलिक लाभ : दोनों साम्राज्य कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में स्थित थे। अहोम ने घने जंगलों और नदियों का उपयोग किया, जबकि विजयनगर साम्राज्य के पास पहाड़ों जैसी प्राकृतिक सुरक्षा थी।
  • मजबूत सेना : अहोम साम्राज्य में एक अनूठी पैइक प्रणाली थी. जिसमें हर सक्षम पुरुष सेना में सेवा करता था। इससे उन्हें एक बड़ी और प्रशिक्षित सेना बनाए रखने में मदद मिली।
  • सामरिक गठबंधन : विजयनगर साम्राज्य ने पड़ोसी राज्यों के साथ गठबंधन बनाए, जिससे उनकी स्थिति मज़बूत हुई और दुश्मनों के खिलाफ रक्षा की जा सकी।
  • अनुकूलनशीलता : दोनों साम्राज्यों ने अपनी सैन्य रणनीतियों (गुरिल्ला रणनीति) और शासन को चुनौतियों के अनुसार अनुकूलित किया, जिससे वे बाहरी दबावों का सामना लंबे समय तक कर सके।

प्रश्न 3.
कल्पना कीजिए कि आप अकबर या कृष्णदेवराय के दरबार में एक विद्वान हैं। अपने किसी मित्र को पत्र लिखकर वहाँ की राजनीति, व्यापार, संस्कृति और समाज का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्रिय मित्र,
नमस्ते! मैं इस समय विजयनगर साम्राज्य में हूँ, जहाँ कृष्णदेवराय का शासन है। यहाँ की राजनीति बहुत मजबूत है। कृष्देवराय ने अपने साम्राज्य का विस्तार किया है और दक्कन पर प्रभुत्व स्थापित किया है।
व्यापार के लिए यहाँ विदेशी यात्री आते हैं, विशेषकर पुर्तगाली। वे यहाँ घोड़े बेचने आते हैं और राजा उनके साथ अच्छा व्यवहार करते हैं।
संस्कृति की दृष्टि से, यहाँ कला और साहित्य का बहुत विकास हुआ है। कृष्णदेवराय ने तेलुगु कवियों को संरक्षण दिया है।
समाज में लोग खुशहाल हैं और यहाँ के उद्यान, जलधाराएँ और बाजार बहुत सुंदर हैं।
आपका मित्र,
राम

Class 8 SST Chapter 2 Question Answer in Hindi भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण

प्रश्न 4.
अकबर, जो अपनी युवावस्था में एक क्रूर विजेता था, कुछ वर्षों बाद कैसे सहिष्णु और दयालु हो गया? ऐसे परिवर्तन का क्या कारण हो सकता है?
उत्तर:

  • राजनैतिक रणनीति : अकबर ने अपने साम्राज्य को स्थिर करने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ विवाह संबंध स्थापित किए और विभिन्न समुदायों के साथ सहिष्णुता की नीति अपनाई।
  • ज्ञान की खोज : अकबर ने फारसी और भारतीय ग्रंथों का अध्ययन किया, जिससे उसे विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों की समझ बढ़ी और वह अधिक दयालु बन गया।
  • सामाजिक सुधार : उसने ‘जजिया’ कर का उन्मूलन किया और सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता की नीति अपनाई, जिससे उसके शासन में शांति और एकता बढ़ी।
  • धार्मिक सहिष्णुता : अकबर ने ‘सुलह-ए-कुल’ (सभी के साथ शांति) की नीति अपनाई, जिससे उसने सभी धर्मों के प्रति सम्मान दिखाया।

प्रश्न 5.
यदि विजयनगर साम्राज्य तालीकोटा का युद्ध जीत जाता तो क्या होता? कल्पना कीजिए और दक्षिण भारत के राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास पर उसके प्रभाव का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

  1. राजनीतिक स्थिरता : विजयनगर साम्राज्य की जीत से दक्षिण भारत में राजनीतिक स्थिरता बनी रहती, जिससे अन्य छोटे राज्यों को एकजुट होने का मौका मिलता।
  2. संस्कृति का विकास : विजयनगर साम्राज्य की संस्कृति और कला को बढ़ावा मिलता। मंदिरों, साहित्य और संगीत में और भी समृद्धि होती।
  3. व्यापार में वृद्धि : विजयनगर की विजय से व्यापारिक मार्ग सुरक्षित होते, जिससे दक्षिण भारत में आर्थिक समृद्धि और व्यापारिक संबंधों में वृद्धि होती।

प्रश्न 6.
प्रारंभिक सिख पंथ द्वारा प्रचारित अनेक मूल्य जैसे समानता, सेवा और न्याय आज भी प्रासंगिक हैं। इनमें से किसी एक मूल्य का चयन कीजिए और चर्चा कीजिए कि यह समकालीन समाज में कैसे प्रासंगिक है?
उत्तर:

  • समानता का सिद्धांत : सिख धर्म में सभी मनुष्यों को समान माना जाता है, चाहे वे किसी भी जाति, लिंग या धर्म के हों। यह विचार आज भी समाज में भेदभाव के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करता है।
  • समुदाय का समर्थन : सिख धर्म में ‘सेवा’ (नि:स्वार्थ सेवा) का अभ्यास दूसरों की मदद् करने पर जोर देता है। यह मूल्य आज के समय में लोगों को स्वयंसेवी कार्य करने और जरूरतमंदों का समर्थन करने के लिए प्रेरित करता है।
  • वैश्विक आंदोलन : समानता का सिद्धांत मानव अधिकारों के लिए वैश्विक आंदोलनों को प्रभावित करता है। कई संगठन और व्यक्ति सिख शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर एक अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी दुनिया के लिए काम कर रहे हैं।

प्रश्न 7.
कल्पना कीजिए कि आप किसी बंदरगाह नगर (सूरत, कालीकट या हुगली) में एक व्यापारी हैं। वहाँ वस्तुओं, व्यापार करने वाले लोगों, जहाजों की आवा-जाही आदि के संबंध में आप जो दूश्य देखते हैं, उनका वर्णन कीजिए।
उत्तर:
बाजार मसाले, कपड़े, घोड़े और कीमती धातुओं से भरे होते हैं। व्यापारी कीमतों पर बातचीत करते हैं, जिससे माहौल जीवंत होता है।

  • यहाँ अरबी, फारसी और स्थानीय भारतीय व्यापारी मिलते हैं। वे केवल सामान ही नहीं, बल्कि कहानियाँ और संस्कृतियाँ भी साझा करते हैं।
  • जहाज लगातार आते-जाते रहते हैं, जिनमें घोड़े, विलासिता का सामान और मसाले होते हैं। लहरों की आवाज और नाविकों की चीत्कार से वातावरण गूँजता है।

भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Class 8 Question Answer in Hindi

Class 8 Samajik Vigyan Chapter 2 Question Answer

महत्वपूर्ण प्रश्न (पृष्ठ 21)

प्रश्न 1.
इस कालखंड में विदेशी आक्रमणों एवं नए राजवंशों के उद्य ने भारत की राजनैतिक सीमाओं को किस प्रकार नया आकार दिया?
उत्तर:
11वीं शताब्दी में तुर्क और अफगान बलों के आक्रमण शुरू हुए।

  • नए राजवंशों का उदय हुआ। उदाहरण के लिए, दिल्ली सल्तनत की स्थापना हुई, जिसने पृथ्वरीराज चौहान को हराकर सत्ता हासिल की।
  • लगातार युद्धों और आक्रमणों के कारण भारत का राजनीतिक मानचित्र बदल गया।
  • विभिन्न राजवंशों के बीच गठबंधन और विज़य ने भी सीमाओं को और अधिक बदल दिया।

प्रश्न 2.
भारतीय समाज ने विदेशी आक्रमणों का सामना किस प्रकार किया? राजनैतिक अस्थिरता के वातावरण में भारतीय अर्थव्यवस्था ने किस प्रकार सामंजस्य स्थापित किया?
उत्तर:

  • भारतीय समाज ने अपने शहरों को फिर से बनाया और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित किया।
  • लोगों ने कला और संस्कृति में स्थानीय और विदेशी तत्वों को मिलाकर नया रूप दिया।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर थी।
  • व्यापार में वृद्धि हुईं, भारतीय वस्त्रों का निर्यात बढ़ा और नए व्यापारी समुदाय विकसित हुए।
  • गुरु गोबिंद सिंह ने 1699 में खालसा की स्थापना की, ताकि मुगलों के अत्याचार का सामना किया जा सके।

Class 8 SST Chapter 2 Question Answer in Hindi भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण

प्रश्न 3.
इस कालखंड ने लोगों के जीवन पर क्या प्रभाव डाला?
उत्तर:

  1. विदेशी आक्रमणों और राजनीतिक अस्थिरता के कारण लोगों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
  2. इस समय में विनाश के साथ-साथ सांस्कृतिक पुनरुद्धार भी हुआ, जिससे नए कला रूपों का विकास हुआ।
  3. कुछ समुदायों को अत्याचार का सामना करना पड़ा, जबकि अन्य सहिष्णु शासकों के अधीन हुए।
  4. कृषि और व्यापार में वृद्धि हुई. लेकिन आम लोगों को अक्सर संघर्ष करना पड़ा।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 26)

प्रश्न:
चित्र 2.6 को (पाठ्यपुस्तक में) ध्यानपूर्वक देखें। आप क्या सोचते हैं, अलाउद्दीन खिलजी ने स्वयं को ‘द्वितीय सिकंदर’ क्यों कहा?
उत्तर:
अलाउदीन खिलजी ने खुद को ‘द्वितीय सिकंदर’ कहा, क्योंकि :

  • जैसे सिकंदर ने अपने साम्राज्य का विस्तार किया. खिलजी ने भी सैन्य अभियानों के माध्यम से अपने साम्राज्य को बढ़ाने का लक्ष्य रखा।
  • खिलजी ने उत्तर और मध्य भारत के बड़े क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की, जो सिकंदर की विजय के समान था।
  • खिलजी ने इतिहास में एक स्थायी विरासत छोड़ने की इच्छा जताई, जैसे सिकंदर ने की थी।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 26)

प्रश्न:
आपके विचार से उन दिनों सेना को बनाए रखने एवं युद्ध संचालन के लिए किन प्रकार के संस्थनों की आवश्यकता होती होगी? समूहों में विभिन्न प्रकार के व्ययों पर चर्चा करें, जैसे- हथियारों या सैनिकों के लिए भोजन से लेकर युद्ध में पशुओं का उपयोग, सड़क निर्माण इत्यादि।
उत्तर:

  • हधियार : सैनिकों के लिए तलवारें, ढालें और तीर बहुत आवश्यक थे।
  • भोजन : सैनिकों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से भोजन की आपूर्ति जरूरी थी।
  • पशु : घोड़े और हाथी परिवहन और युद्ध में उपयोग के लिए महत्वपूर्ण थे।
  • चिकित्सा आपूर्ति : युद्ध के दौरान और बाद में घायल सैनिकों का इलाज करने के लिए चिकित्सा सामग्री की आवश्यकता होती थी।
  • प्रशिक्षण : सैनिकों को युद्ध कौशल में प्रशिक्षित करने के लिए हथियार, कवच आदि जैसे संसाधनों की आवश्यकता होती थी।

आइए विचार करें (पृष्ठ 29)

प्रश्न:
क्या आपको लगता है कि उस समय 75 मुखियाओं को एकजुट करना सरल कार्य रहा होगा?
उत्तर:
14 वीं शताब्दी में 75 मुखियाओं को एकजुट करना वास्तव में सरल नहीं था।

  • उस समय आधुनिक संचार के साधन नहीं थे। नेताओं को संदेशवाहकों पर निर्भर रहना पड़ता था।
  • प्रत्येक मुखिया के अपने स्वार्थ और प्राथमिकताएँ होती थीं। उन्हें एक सामान्य उद्देश्य के लिए एकजुट करना महत्वपूर्ण वार्ता की आवश्यकता थी।

Class 8 SST Chapter 2 Question Answer in Hindi भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 31)

प्रश्न:
आपको क्यों लगता है कि मध्यकाल में ऐसे स्थानों को दुर्गों के निर्माण के लिए चुना गया? इसके पक्ष-विपक्ष पर चर्चा कीजिए। (संकेत- रणनीति, सुरक्षा, भेद्यता इत्यादि विषयों पर विचार करें।)
उत्तर:
दुर्गों के स्थान चुनने के कारण :

  • दुर्ग अक्सर पहाड़ियों या नदियों के पास बनाए जाते थे ताकि व्यापार मार्गों और गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
  • ऊँची जगहें और खड़ी ढलानें दुश्मनों के हमले को कठिन बनाती थीं।
  • ऊँची जगहों पर होने से रक्षकों को आने वाले खतरों को जल्दी पहचानने का मौका मिलता था।

पक्ष और विपक्ष :
पक्ष :

  • दुगों में बेहतर सुरक्षा मिलती थी।
  • प्राकृतिक अवरोधों के कारण बचाव करना आसान था।
  • आसपास के क्षेत्रों पर नियंत्रण रखा जा सकता था।

विपक्ष :

  • आवश्यक वस्तुएँ पहुँचाना कठिन होता था।
  • विस्तार की संभावनाएँ कम होती थीं।
  • घिर जाने पर घेराबंदी का खतरा बना रहता था।

आइए विचार करें (पृष्ठ 32)

प्रश्न:
क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि इन तीन उपाधियों का क्या अर्थ है?
उत्तर:
उपाधियों का महत्व :

  • नरपति : जिसका अर्थ है ‘मनुष्य का स्वामी’। यह उनकी मानवता और न्याय के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
  • अश्वपति : जिसका अर्थ है ‘घोड़े का स्वामी’। यह उनकी सैन्य शक्ति और घुड़सवारी में कौशल को दर्शाता है।
  • छत्रपति : जिसका अर्थ है ‘छत्र का स्वामी’। यह उनके संरक्षण और साम्राज्य की रक्षा की जिम्मेदारी को दर्शाता है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 35)

प्रश्न:
चित्र 2.14 में (पाठ्यपुस्तक में) आप कौन-से तत्व देखते हैं? वे उस समय की जीवन-शैली के बारे में क्या बताते हैं? ( संकेत-शस्त्र, जानवर, गतिविधियों को ध्यान से देखें।)
उत्तर:
चित्र में तलवारें, धनुष और ढालें दिखाई देती हैं। यह दर्शाता है कि उस समय युद्ध और लड़ाइयाँ सामान्य थीं।

  • घोड़े और हाथी जैसे जानवरों का उपयोग युद्ध और यात्रा के लिए किया जाता था।
  • चित्र में नृत्य, संगीत और दैनिक जीवन के दृश्य भी हैं। इससे पता चलता है कि कला और संस्कृति उस समय के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण थीं।

आइए विचार करें (पृष्ठ 37)

प्रश्न:
भारत के विषय में बाबर के विचारों में आप क्या विशेष पाते हैं? समूहों में चर्चा करें।
उत्तर:

  • भारत की समृद्धि : बाबर ने भारत को समृद्ध देश माना, जहाँ सोने-चाँदी की भरपूरता थी।
  • प्राकृतिक सुंदरता : उसने भारत की जलवायु और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की, विशेषकर वर्षा ॠतु के समय।
  • कला और शिल्प : बाबर ने भारत में विभिन्न शिल्पकारों और कारीगरों की अनगिनत संख्या का उल्लेख किया, जो कला में कुशल थे।

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आइए विचार करें (पृष्ठ 40)

प्रश्न:
आपके विचार में अकबर ने साम्राज्य विस्तार हेतु अलग-अलग रणनीतियाँ क्यों अपनाईं, जबकि दिल्ली के पहले शासक प्राय: केवल सैन्य शक्ति पर ही निर्भर थे?
उत्तर:

  • राजनैतिक विवाह : अकबर ने पड़ोसी राज्यों की राजकुमारियों से विवाह कर संबंध स्थापित किए, जिससे साम्राज्य को स्थिरता मिली।
  • सहिष्णुता की नीति : उसने सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता दिखाई और ‘सुलह-ए-कुल’ नीति अपनाई, जिससे विभिन्न समुदायों का समर्थन मिला।
  • स्थानीय शक्तियों का समावेश : अकबर ने राजपूतों और अन्य स्थानीय शक्तियों को दरबार में शामिल किया, जिससे उनकी सहायता और सहयोग प्राप्त हुआ।

आइए पता लगाएँ (पूष्ठ 41)

प्रश्न:
चित्र 2.3,2.12 और 2.16 (पाठ्यपुस्तक में) के मानचित्रों की तुलना करें। आप क्या अंतर देखते हैं? इनमें क्या ‘परिवर्तन’ हुए हैं?
उत्तर:
यह मानचित्र दिखाते हैं कि कैसे सदियों में राजाओं के राज्य और उनकी सीमाएँ बदलती रहीं। पहले तुगलक वंश और लोदी वंश जैसे बड़े साम्राज्यों ने इलाकों को एक करने की कोशिश की। बाद में यह बड़े राज्य टूट गए और विजयनगर, बहमनी और राजपूत जैसे छोटे-छोटे राज्य बन गए। फिर मुगलों ने आकर इन छोटे राज्यों को फिर से एक साथ जोड़ा।

आइए विचार करें (पृष्ठ 43)

प्रश्न:
हमने ऊपर देखा कि दिल्ली के सुल्तानों का औसत शासनकाल लगभग नौ वर्ष था। यह आँकड़ा मुगल सम्राटों के विषय में औरंगजेब तक 27 वर्ष का हो जाता है और यदि हम 19 वीं शताब्दी में साम्राज्य के अंत तक के सभी मुगल शासकों को सम्मिलित करें तो 16 वर्ष सभी के शासनकाल का औसत था। शासन के वर्षों की इन संख्याओं से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर:

  • स्थिरता बनाम अस्थिरता : दिल्ली के सुल्तानों का औसत शासनकाल लगभग नौ वर्ष था। इसका कारण लगातार सत्ता संघर्ष और हिंसा थी। इसके विपरीत, मुगल सम्राटों जैसे कि औरगजेब का शासनकाल औसतन 27 वर्ष था, जो उनकी नेतृत्व में स्थिरता को दर्शाता है।
  • मजबूत नेतृत्व : मुगल सम्राट, जैसे अकबर और औरंगजेब. मजबूत नेता थे। उन्होंने अपने साम्राज्य का विस्तार किया और एक बड़े क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे वे सुल्तानों की तुलना में लंबे समय तक शासन कर सके।
  • शक्ति में कमी : 19वीं शताब्दी तक सभी मुगल शासकों का औसत शासनकाल 16 वर्ष हो जाता है। यह दिखाता है कि औरंगजेब के बाद साम्राज्य को चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे शक्ति और स्थिरता में कमी आई और शासकों का शासनकाल छोटा हो गया।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 45)

प्रश्न:
अपने दो पुत्रों को लिखे गए पत्रों में औरंगजेब ने लिखा है, “मैं अकेला आया था और अकेला जा रहा हूँ। मैं नहीं जानता कि मैं कौन हूँ और क्या कर रहा था… मैंने न देश के लिए और न ही लोगों के लिए अच्छा किया है। भविष्य के लिए भी मेरे पास कोई आशा नहीं है… मैं जीवनभर निराश रहा और दीन-हीन अवस्था में ही जा रहा हूँ।” ये शब्द उनके व्यक्तित्व के कौन-से पक्ष को उजागर करते हैं? आपको उनके बारे में कैसा महसूस होता है?
उत्तर:

  • निराशा और अकेलापन : औरंगजेब ने अपने पत्र में कहा है कि वह अकेला आया और अकेला जा रहा है। यह उनके जीवन में निराशा और अकेलेपन को दर्शाता है।
  • असफलता की भावना : उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने देश और लोगों के लिए कुछ अच्छा नहीं किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें अपनी शासकीय नीतियों और कार्यों में असफलता का अनुभव हुआ।
  • भविष्य के प्रति निराशा : औरंगजेब ने भविष्य के लिए कोई आशा नहीं दिखाई यह उनके समय में मुगल साम्राज्य के पतन की ओर इशारा करता है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 48)

प्रश्न:
कक्षा में चर्चा करें कि ‘पाइक’ प्रणाली ने अहोम साम्राज्य में लोगों के दैनिक-जीवन को चुनौतियों एवं लाभों के संदर्भ में कैसे प्रभावित किया तथा कैसे राजाओं को सेना और अर्थव्यवस्था दोनों का प्रबंधन करने में सहायता की?
उत्तर:
‘पाइक’ प्रणाली एक ऐसा तंत्र था जिसमें हर सक्षम व्यक्ति को श्रम या सैन्य सेवा के माध्यम से राज्य की सेवा करने के लिए कहा जाता था।
लाभ :

  • सामाजिक संरचना : इस प्रणाली ने समाज में एक प्रकार की जिम्मेदारी का अहसास कराया। लोग अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए प्रेरित हुए. जिससे सामदायिक भावना मजबूत हुई।
  • संस्कृति का समावेश : अहोमों ने स्थानीय संस्कृति को आत्मसात किया और विभिन्न धर्मों को प्रोत्साहित किया, जिससे सामाजिक समरसता बढ़ी।
  • चुनौतियाँ : सेवा की आवश्यकता कभी-कभी बोझिल हो सकती थी, जिससे पुरुषों को अपने खेतों और परिवारों से दूर जाना पड़ता था।

सेना और अर्थव्यवस्था का प्रबंधन :

  • सैन्य प्रबंघन : शासकों को बिना स्थायी सेना के भी एक मजबूत बल बनाए रखने का मौका मिला। जब आवश्यकता होती, तब पाइक प्रणाली के तहत लोग सेना में शामिल होते थे।
  • आर्थिक विकास : पाइक प्रणाली ने कृषि को बढ़ावा दिया। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ और कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई।
  • स्थायी आधारभूत संरचना : इस प्रणाली ने शासकों को सार्वजनिक आधारभूत संरचना का निर्माण करने में मदद की, जैसे सड़कों और पुल्लों का निर्माण।

Class 8 SST Chapter 2 Question Answer in Hindi भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 49)

प्रश्न:
अहोमों ने असम की नदियों, पहाड़ियों और जंगलों का उपयोग अपने लाभ के लिए कैसे किया? क्या आप उन उपायों के बारे में सोच सकते हैं, जिनसे भूगोल ने उनकी रक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने और युद्ध लड़ने में सहायता प्रदान की?
उत्तर:

  • जंगलों का उपयोग : अहोम योद्धाओं ने घने जंगलों का फायदा उठाया। यहाँ छिपकर वे मुगलों पर अचानक हमले कर सकते थे।
  • नदियों का ज्ञान : उन्होंने स्थानीय नदियों का ज्ञान और लगातार गुरिल्ला रणनीति का प्रयोग हमले को विफल करने के लिए किया। इससे वे जलमार्गों का सही उपयोग कर सकते थे और दुश्मनों को रोकने में मदद् मिली।
  • भौगोलिक स्थिति : पहाड़ियों और जंगलों ने उन्हें प्राकृतिक सुरक्षा दी। दुश्मन की सेना को इन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिससे अहोमों को लड़ाई में बढ़त मिली।

आइए विचार करें (पृष्ठ 52)

प्रश्न 1.
आपको ऐसा क्यों लगता है कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म परिवर्तन करने के स्थान पर यातनाएँ सहन कीं? उन्होंने क्यों सोचा कि उनका बलिदान कोई प्रभाव डालेगा?
उत्तर:
गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए यातनाएँ सहन कीं। उन्होंने सोचा कि उनका बलिदान लोगों को प्रेरित करेगा और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस देगा।

प्रश्न 2.
सिख गुरुओं एवं खालसा ने किन मूल्यों को अपनाया?
उत्तर:
सिख गुरुओं और खालसा ने न्याय, समानता, करुणा, विनम्रता और आत्म-नियंत्रण जैसे मूल्यों को अपनाया।

Class 8 SST Chapter 2 Question Answer in Hindi भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण

प्रश्न 3.
वर्तमान विश्व में वे कैसे प्रासंगिक हैं?
उत्तर:
सिख गुरुओं और खालसा ने न्याय, समानता, करुणा, विनम्रता, और आत्म-नियंत्रण जैसे मूल्यों को अपनाया। ये मूल्य सभी के लिए एक समानता का संदेश देते हैं।

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Tuesday, 12 May 2026

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

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Class 8 Social Science Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग Question Answer in Hindi

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान पाठ 1 के प्रश्न उत्तर प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न और क्रियाकलाप (पृष्ठ 19)

प्रश्न 1.
आज जो संसाधन नवीकरणीय हैं, उसे कल अनवीकरणीय कैसे बनाया जा सकता है? कुछ ऐसे उपायों का वर्णन कीजिए जिनसे ऐसा होने से रोका जा सकता है।
उत्तर:
i. नवीकरणीय संसाधनों को अनवीकरणीय बनाने के कारण :

  • अत्यधिक उपयोग : यदि हम जल या वृक्ष जैसे नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग तेजी से करेंगे, तो ये खत्म हो सकते हैं।
  • प्रदूषण : जब हम नदियों या मिट्टी को प्रदूषित करते हैं, तो ये उपयोग के लिए अनुपयुक्त हो जाते हैं।
  • जलवायु परिवर्तन : जलवायु में बदलाव से फसलों और जंगलों की वृद्धि प्रभावित होती है, जिससे संसाधनों की उपलब्धता कम होती है।

ii. इससे रोकने के उपाय :

  • संसाधनों का समझदारी से और संतुलित उपयोग करें, ताकि वे प्राकृतिक रूप से पुनः उत्पन्न हो सकें।
  • संरक्षण : पारिस्थितिकी तंत्र और आवासों की रक्षा करें ताकि प्राकृतिक संतुलन बना रहे।
  • शिक्षा : नवीकरणीय संसाधनों के महत्व और उनके जिम्मेदार उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाएँ।

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न 2.
पाँच पारिस्थितिकी तंत्र कार्यों के नाम बताइए जो मानव के लिए उपयकुत हैं।
उत्तर:

  • ऑक्सीजन उत्पादन : पेड़ और पौधे प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं, जो हमारे लिए साँस लेने के लिए आवश्यक है।
  • जल शुद्धिकरण : आर्द्रभूमि जैसे पारिस्थितिकी तंत्र पानी को साफ करते हैं, जिससे यह पीने के लिए सुरक्षित और जलीय जीवन के लिए सहायक बनता है।
  • मृदा कटाव रोकना : पौधों की जड़ें मृदा को पकड़कर रखती हैं, जिससे कटाव रुकता है और कृषि के लिए उपजाक भूमि बनी रहती है।
  • परागण : मधुमक्खियाँ, पक्षी और अन्य जीव पौधों का परागण करते हैं, जो फलों और सब्जियों के उत्पादन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
  • आवास प्रदान करना : पारिस्थितिकी तंत्र विभिन्न प्रजातियों के लिए घर प्रदान करते हैं, जिससे जैव विविधता बनी रहती है।

प्रश्न 3.
नवीकरणीय संसाधन क्या हैं? ये अनवीकरणीय संसाधनों से कैसे भिन्न हैं? लोग यह सुनिश्चत करने के लिए क्या कर सकते हैं कि नवीकरणीय संसाधन हमारे और आने वाली पीढ़ियों के उपयोग के लिए उपलब्ध रहें? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
नवीकरणीय संसाधन वे होते हैं जो प्राकृतिक रूप से पुनः उत्पन्न होते हैं; जैसे- सूरज की रोशनी. हवा. जल और जीवाश्म ईंधन। ये संसाधन कभी खत्म नहीं होते।
अनवीकरणीय संसाधन से भिन्नता

  • अनवीकरणीय संसाधन लंबी अवधि में निर्मित होते हैं। ये लाखों वर्षों में बनते हैं; जैसे-जीवाश्म ईंधन (कोयला, तेल) और खनिज (सोना, लोहा)।
  • नवीकरणीय संसाधन स्वाभाविक रूप से पुनर्निर्मित हो सकते हैं, जबकि अनवीकरणीय संसाधन सीमित होते हैं और अंतत: समाप्त हो जाएँगे।

नवीकरणीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपाय :

  • असंधारणीय प्रथाएँ : नवीकरणीय संसाधनों का समझदारी से उपयोग करें; जैसे-जब पेड़ काटें, तो नए पंड़ लगाएँ ताकि जंगल फिर से उग सकें।
  • संरक्षण : जल स्रोतों की रक्षा करें और ऊर्जा-कुशल तकनीकों का उपयोग करें ताकि अपशिष्ट कम हो सके।

उदाहरण :

  • सौर ऊर्जा : सूरज की रोशनी का उपयोग करके बिजली उत्पन्न करना।
  • जंगल : कटे हुए पेड़ों के स्थान पर नए पेड़ लगाना, जिससे लकड़ी की निरंतर अपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

प्रश्न 4.
अपने घर और पड़ोस में ऐसी सांस्कृतिक प्रथाओं की पहचान कीजिए जो प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की ओर इंगित करती हैं।
उत्तर:
सांस्कृतिक प्रथाएँ निम्नलिखित हैं :

  • वृष्टि जल संचयन : कई घर बारिश के पानी को इकट्ठा करते हैं। इससे पानी की बर्बादी कम होती है।
  • पारंपरिक खेती : गाय के गोबर का उपयोग खाद के रूप में और फसल चक्रण जैसी प्रथाएँ मृदा की सेहत बनाए रखने में मदद करती हैं।
  • सामुदायिक बाग : पड़ोसी मिलकर सब्जियाँ उगाते हैं, जिससे स्थानीय भोजन को बढ़ावा मिलता है।
  • त्योहार : तमिलनाडु में पोंगल जैसे त्योहार प्रकृति के उपहारों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
  • पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग : कई परिवार कागज और प्लास्टिक जैसी सामग्रियों का पुनर्चक्रण करते हैं, जिससे कचरे में कमी आती है।

प्रश्न 5.
वर्तमान उपयोग के लिए वस्तुओं के उत्पादन में किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?
उत्तर:

  • हमें प्राकृतिक संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए ताकि वे भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी उपलब्ध रहें। इसका मतलब है कि हमें अत्यधिक उपयोग से बचना चाहिए और सामग्रियों को पुनः चक्रित करने के तरीके खोजने चाहिए।
  • उत्पादन प्रक्रिया में प्रदूषण और पारिस्थितिकी को नुकसान कम करने पर ध्यान देना चाहिए। उदाहरण के लिए, साफ-सुथरी तकनीकों का उपयोग करके हम अपशिष्ट और उत्सर्जन को कम कर सकतें हैं।
  • उत्पादन में नौकरियों का सृजन करके स्थानीय समुदायों का समर्थन करना चाहिए।

प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग Class 8 Question Answer in Hindi

Class 8 Samajik Vigyan Chapter 1 Question Answer

महत्वपूर्ण प्रश्न (पृष्ठ 1)

प्रश्न 1.
हम प्राकृतिक संसाधनों का वर्गीकरण कैसे करते हैं?
उत्तर:
प्राकृतिक संसाधनों का वर्गीकरण कई तरीकों से किया जाता है :

  • जीवन के लिए आवश्यक : संसाधन हमारे जीवन के लिए जरूरी हैं; जैसे- वायु, पानी और भोजन।
  • सामग्री : संसाधन चीजें बनाने के लिए उपयोग होते हैं; जैसे- फर्नीचर के लिए लकड़ी या औज़ारों के लिए धातु।
  • ऊर्जा : संसाधन हमारी दैनिक गतिविधियों के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं; जैसे- कोयला, तेल, प्राकृतिक गैस, सूर्य की रोशनी और हवा।
  • नवीकरणीयता के आधार पर :
    • नवीकरणीय संसाधन : वे संसाधन, जो प्राकृतिक रूप से समय के साथ फिर से भर सकते हैं, जैसे- सौर ऊर्जा, हवा और पानी।
    • गैर-नवीकरणीय संसाधन : वे संसाधन, जो एक बार उपयोग करने के बाद जल्दी से नहीं भरे जा सकत हैं; जैसेकोयला, तेल और खनिज।

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न 2.
जीवन के विभिन्न पक्षों और प्राकृतिक संसाधनों के वितरण के मध्य क्या संबंध है?
उत्तर:

  • मानव बस्तियाँ : लोग प्राकृतिक संसाधनों के पास बसना पसंद करते हैं; जैसे- नदियों के किनारे या खनिजों से समृद्ध क्षेत्रों में शहर विकसित होते हैं।
  • व्यापार के पैटर्न : जिन देशों या क्षेत्रों में विशेष संसाधनों की प्रचुरता होती है, वे दूसरों के साथ व्यापार कर सकते हैं।
  • संघर्ष : प्राकृतिक संसाधनों का असमान वितरण विवादों का कारण बन सकता है; जैसे- पानी या भूमि के लिए। ये विवाद् कभी-कभी गंभीर संघर्ष में बदल सकते हैं।

प्रश्न 3.
प्राकृतिक संसाधनों के असंधारणीय उपयोग/ अतिशोषण से क्या आशय है?
उत्तर:

  • संसाधनों का क्षय : जब हम प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग करते हैं, तो वे तेजी से खत्म हो सकते हैं।
  • प्रदूषण : असंधारणीय प्रथाएँ वायु, जल और मिट्टी को प्रदूधित कर सकती हैं, जिससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • जैव विविधता का नुकसान, जिससे पौधों और जानवरों की प्रजातियों में कमी आती है।
  • जलवायु परिवर्तन : जीवाश्म ईंधनों का अत्यधिक उपयोग जलवायु परिवर्तन में योगदान देता है।
  • आर्थिक समस्याएँ : संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र हमेशा समृद्ध नहीं होते। गलत प्रबंधन के कारण ‘प्राकृतिक संसाधन शाप’ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

इसे अनदेखा न करें (पृष्ठ 3)

प्रश्न :
क्या आप ऐसी प्रथाओं के बारे में जानते हैं, जो इसे प्रतिबिंबित करती हैं?
उत्तर:
परंपराएँ हमें सिखाती हैं कि हमें अपने पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए। उदाहरण के लिए, कई आदिवासी समुदाय स्थायी खेती के तरीके अपनाते हैं। वे फसलों का चक्रण करते हैं, यानी हर साल अलग-अलग फसलें उगाते हैं। इससे मिट्टी की सेहत बनी रहती है और जैव विविधता भी बढ़ती है।

इसे अनदेखा न करें (पूष्ठ 6)

प्रश्न 1.
क्या आप ऐसी अन्य पारंपरिक प्रथाओं के विषय में जानते हैं, जो पारिस्थतिकी तंत्र को संतुलित रखने में सहायता करती हैं?
उत्तर:
पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने के लिए कई पारंपरिक प्रथाएँ हैं; जैसे- वृष्टि, जल संचयन, तालाबों का निर्माण और वृक्षारोपण।

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न 2.
अपने आस-पास के उन मानवीय कार्यकलापों की पहचान करें जिनके परिणामस्वरूप प्रकृति अपनी पुनर्स्थापन और पुनर्जनन की क्षमता खो रही है। प्रकृति के चक्र को पुनर्स्थापित करने के लिए किस प्रकार के हस्तक्षेप किए जा सकते हैं?
उत्तर:

  • प्रदूषण : कारखाने नदियों में कचरा छोड़ते हैं, जिससे जल की गुणवत्ता खराब होती है।
  • बनों की कटाई : पेड़ों को काटने से पारिस्थितिकी तंत्र में असंतुलन आता है और ऑक्सीजन का स्तर कम होता है।
  • शहरीकरण : शहरों का विस्तार प्राकृतिक आवासों को नष्ट कर सकता है और हरे क्षेत्रों को कम कर देता है।

प्रकृति के चक्र को पुनर्स्थापित करने के लिए :

  • वृक्षारोपण : पेड़ लगाना आवासों को पुनस्थापित करने और वायु गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करता है।
  • अपशिष्ट प्रबंधन : उचित निपटान और पुनर्चक्रण से प्रदूषण को कम किया जा सकता है।
  • समुदाय जागरूकता : लोगों को प्रकृति की रक्षा के बारे में शिक्षित करना जिम्मेदार कार्यों को बढ़ावा देता है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 8)

प्रश्न:
अपने क्षेत्र में नवीकरणीय संसाधनों के प्रकारों का आकलन करने के लिए एक छोटा शोध-अध्ययन करें। आप अपने शिक्षक के साथ अपने अध्ययन के भौगोलिक क्षेत्र और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के स्रोतों पर चर्चा कर सकते हैं। समय के साथ उनकी स्थिति में क्या परिवर्तन आया है? एक छोटी-सी रिपोर्ट बनाएँ- जिसमें परिवर्तन के कारणों तथा आगे क्या किया जा सकता है, इसका उल्लेख हो।
उत्तर:
1. पंजाब में नवीकरणीय संसाधनों के कई प्रकार हैं :

  • सौर ऊर्जा : यहाँ भरपूर धूप होती है, जिससे बिजली बनाई जा सकती है।
  • पवन ऊर्जा : पवन फार्म विकसित किए जा रहे हैं ताकि बिजली उत्पन्न की जा सके।
  • जल संसाधन : नदियाँ और नहरें सिंचाई और जल विद्युत के लिए उपयोगी हैं।
  • समय के साथ स्थिति में कई परिवर्तन हैं :

2. बढ़ती जागरूकता : लोग नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व को समझने लगे हैं।

  • सरकारी पहलकदमी : सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
  • गैर-नवीकरणीय संसाधनों की कमी : जीवाश्म ईंधन की कमी के कारण नवीकरणीय ऊर्जा की ओर रुख किया जा रहा है।
  • परिवर्तन के कुछ मुख्य कारण हैं :
    • पर्यावरणीय चिंताएँ : प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के कारण स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
    • आर्थिक कारक : नवीकरणीय ऊर्जा से लंबे समय में ऊर्जा लागत कम हो सकती है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 8)

प्रश्न-
वे कौन-से अनवीकरणीय संसाधन हैं जिनका आप प्रतिदिन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपयोग करते हैं उनके संभावित नवीकरणीय विकल्प क्या हैं? नवीकरणीय ऊर्जा की ओर अग्रसर होने के लिए हम कौन-से उपाय कर सकते हैं?
उत्तर:

  • अनवीकरणीय संसाधन जैसे जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोल और प्राकृतिक गैस) का हम रोजाना उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, गाड़ियों में पेट्रोल, खाना पकाने के लिए गैस और बिजली के लिए कोयला।
  • नवीकरणीय विकल्पों में सौर ऊर्जा (सूर्य की रोशनी से बिजली बनाना) और पवन ऊर्जा (हवा से बिजली बनाना) शामिल हैं।
  • हम ऊर्जा का कुशलता से उपयोग कर सकते हैं, जैसे- जब जरूरत न हो तो लाइट के उपकरण बंद करना। इसके अलावा, सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का समर्थन करना और दूसरों को नवीकरणीय संसाधनों के लाभ के बारे में जानकारी देना भी महत्वपूर्ण है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 9)

प्रश्न:
चित्र 1.11 (पाठ्यपुस्तक में) में दिए गए मानचित्र को ध्यान से देखिए। महत्वपूर्ण खनिजों के असमान वितरण पर ध्यान दीजिए। आपके क्षेत्र में किस प्रकार के संसाधन उपलब्ध हैं? उनका वितरण कैसे हुआ है?
उत्तर:
झारखंड क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों के प्रकार और उनका वितरण इस प्रकार है :

  • कोयला : झारखंड में कोयले के बड़े भंडार हैं, जो मुख्य रूप से पूर्वी भाग में पाए जाते हैं।
  • लोहे का अयस्क : यह सिंहभूम जिले में पाया जाता है।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 10)

प्रश्न 1.
किन्हीं दो प्राकृतिक संसाधनों का चयन कीजिए। भारत के विभिन्न भागों में उनकी उपलब्धता के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए। उन्हें मानचित्र पर अंकित कीजिए। आप उनके वितरण के बारे में क्या देखते हैं? उनसे जुड़ी आर्थिक गतिविधियाँ किस प्रकार की हैं?
उत्तर:
दो महत्वपूर्ण संसाधन- तेल और कोयला :
(i) तेल

  • भारत के प्रमुख तेल उत्पादक राज्य हैं-असम, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान।
  •  मुंबई हाई क्षेत्र, जो अरब सागर में स्थित है, एक महत्वपूर्ण अपतटीय तेल क्षेत्र है।
  • तेल का उत्पादन तटीय और अपतटीय में दोनों स्थानों से किया जाता है।

(ii) कोयला

  • भारत के प्रमुख कोयला उत्पादन राज्य हैं- झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश।
  • झरिया, बोकारो और कोरबा जैसी महत्वपूर्ण कोयला खदानें हैं।
  • कोयला मुख्य रूप से ऊर्जा उत्पादन के लिए खनन किया जाता है।

वितरण के बारे में अवलोकन :

  • तेल : पश्चिमी और पूर्वात्तर भारत में अधिकतर पाया जाता है।
  • कोयला : मुख्य रूप से मध्य और पूर्वी भारत में पाया जाता है।

आर्थिक गतिविधियाँ:

  • तेल : शोधशाला, परिवहन और शैल-रसायन उद्योग।
  • कोयला : बिजली उत्पादन, इस्पात निर्माण और सीर्मेंट निर्माण।

Class 8 SST Chapter 1 Question Answer in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

प्रश्न 2.
उन भागों में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के वर्तमान और भावी पीढ़ियों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा कीजिए। प्रकृति के उपहारों का विवेकपूर्वक उपयोग करने की विधियाँ सुझाइए।
उत्तर:
(i) प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के प्रभाव :
(क) पर्यावरणीय नुकसान : प्राकृतिक संसाधनों का दोहन प्रदूषण, आवास का विनाश और जैव विविधता की हानि का कारण बन सकता है।
(ख) संसाधनों की कमी : अधिक दोहन से संसाधनों की कमी हो सकती है, जैसे कि भूजल का अत्यधिक दोहन।

(ii) प्रकृति के उपहारों का विवेकपूर्ण उपयोग :
(क) सतत प्रथाएँ : संसाधनों का उपयोग इस दर से करें कि वे फिर से भर सकें।
(ख) पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग : सामग्री को पुनर्चक्रित करके और उत्पादों का पुनः उपयोग करके अपशिष्ट को कम करें।
(ग) पारंपरिक विधियाँ : प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए पारंपरिक कृषि तकनीकों को अपनाएँ, जो प्रकृति का सम्मान करती हैं।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 10)

प्रश्न:
अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में ऐसे किसी संघर्ष के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए। अपने अन्वेषण पर कक्षा में चर्चा करें।
उत्तर:
नील नदी का जल तीन देशों-मिस्र, सूडान और इथियोपिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मिस्न इस पर निर्भर है क्योंकि यह उसकी कृषि और पानी की जरूरतें पूरी करता है। इथियोपिया ने एक बड़ा बाँध बनाया है, जिससे जल प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इस पर विवाद है कि कौन-सा देश कितना जल उपयोग कर सकता है। इथियोपिया अपने विकास के लिए जल का उपयोग करना चाहता है, जबकि मिस्र और सूडान चिंतित हैं कि इससे उनकी जल आपूर्ति कम हो जाएगी।

आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 11)

प्रश्न:
आपके विचार से विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को सक्षम बनाने के लिए कौन-कौन से इनपुट आवश्यक हैं?
उत्तर:
निम्नलिखित इनपुट आवश्यक हैं :

  • प्रौद्योगिकी : संसाधनों को निकालने और संसाधित करने के लिए उपकरणों और विधियों की आवश्यकता होती है। जैसे-खनन के लिए मशीनें या कृषि के लिए सिंचाई प्रणाली।
  • ज्ञान और कौशल : लोगों को संसाधनों का सही प्रबंधन करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।
  • अच्छा शासन : प्रभावी नीतियाँ और नियम संसाधनों के उचित प्रबंधन में मदद करते हैं। इससे सभी लोगों को संसाधनों का लाभ मिलता है और संघर्षों को रोका जा सकता है।

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Class 8 SST Chapter 6 Notes in Hindi संसदीय प्रणाली विधायिका और कार्यपालिका

Reviewing Class 8 Social Science Notes and Class 8 SST Chapter 6 Notes in Hindi संसदीय प्रणाली विधायिका और कार्यपालिका regularly helps in retaining important facts.

The Parliamentary System: Legislature and Executive Class 8 Notes in Hindi

संसदीय प्रणाली विधायिका और कार्यपालिका Class 8 Notes

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान अध्याय 6 नोट्स संसदीय प्रणाली विधायिका और कार्यपालिका

→ राजदंड : यह राजा या रानी द्वारा समारोहों में अपनी शक्ति के प्रतीक के रूप में धारण की जाने वाली एक सज्जित छड़ी होती है।

→ विधेयक : विधेयक किसी प्रस्तावित कानून का प्रारूप होता है, जिसे कानून बनने से पूर्व संसद द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक होता है।

→ स्थायी समिति : यह सांसदों से बनी एक स्थायी समिति है (सांसद बदल सकते हैं, किंतु समिति का ढाँचा वही रहता है)। यह समिति सरकार की गतिविधियों की जाँच-पड़ताल करती है, सुझाव देती है और सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर प्रश्न पूछती है।

→ उत्पादकता : संसदीय संदर्भ में उत्पादकता को लोकसभा या राज्यसभा द्वारा निर्धारित समय के विरुद्ध वास्तव में किए गए कार्यों की संख्या से मापा जाता है।

→ संसद : संसद वह संस्था है जो देश के कानून बनाने का कार्य करती है। यह दो सदनों में विभाजित होती है – लोकसभा और राज्यसभा।

→ सत्र : संसद की बैठक को ‘सत्र’ कहा जाता है।

Class 8 SST Chapter 6 Notes in Hindi संसदीय प्रणाली विधायिका और कार्यपालिका

→ प्रस्तावित कानून : यह वह कानून है जिसे संसद में विचार के लिए प्रस्तुत किया गया है, लेकिन अभी तक इसे पारित नहीं किया गया है।

→ संसदीय उत्तरदायित्व : यह उस सिद्धांत को दर्शाता है जिसके अनुसार सरकार को संसद के प्रति उत्तरदायी होना चाहिए।

→ संसद
संविधान का निर्माण :
• स्वतंत्र भारत में प्रथम महत्त्वपूर्ण कदम, शासन के आधारभूत सिद्धांतों को स्थापित करने वाला एक व्यापक दस्तावेज।

संसद की भूमिका :
• भारत की सर्वोच्च विधायी संस्था, कानून बनाती है और सरकार के कार्यों को नियंत्रित और निर्देशित करती है, इसमें निर्वाचित प्रतिनिधि होते हैं और यह जनता की सहमति से कार्य करती है 1952 से अब तक 17 लोकसभाएँ हो चुकी हैं; 18वीं लोकसभा का गठन जून 2024 में हुआ।

→ संसद की संरचना
संरचना :

  • भारत के राष्ट्रपति
  • दो सदन : लोकसभा (निम्न सदन), राज्यसभा (उच्च सदन) → द्विसदनीय प्रणाली

लोकसभा :

  • प्रतिनिधियों का निर्वाचन प्रत्यक्ष मतदान, अधिकतम 550 सदस्य सीटें राज्य की जनसंख्या के अनुसार।
  • जिम्मेदारियाँ कानून निमार्ण, कार्यपालिका की निगरानी करना, अध्यक्षता स्पीकर द्वारा की जाती है।

राज्यसभा :

  • सदस्य राज्य विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं, कुछ राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होते हैं, क्षेत्रीय हितों का प्रतिनिधित्व करती है; कानूनों में संशोधन करती है।
  • प्रभाव : ब्रिटिश संसदीय प्रणाली. प्राचीन गणराज्य, और पंचायतें।

संघवाद
• शक्ति केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों के बीच साझा की जाती है, सत्ता का विभाजन केंद्र, राज्यों तथा स्थानीय सरकारों में किया जाता है।

पीठासीन अधिकारी / उनके कार्य
पीठासीन अधिकारी :

  • लोकसभा : अध्यक्ष → सत्रों का संचालन करते हैं, अनुशासन बनाए रखते हैं।
  • राज्यसभा : उपाध्यक्ष / अध्यक्ष कार्यवाही → कार्यवाही की देखरेख करते हैं।

संसद के कार्य :
विधायी कार्य :
• कानूनों का प्रस्ताव बहस, संशोधन करना।

कार्यपालिका :
• कानूनों के कार्यान्वयन और सरकारी खर्चों की निगरानी करना, बजट और व्यय को मंजूरी देना।

संघीय कार्यपालिका :

  • राष्ट्रपति : प्रधान होता है प्रधानमंत्री और मंत्रियों की नियुक्ति करते हैं।
  • उपाध्यक्ष : राज्यसभा के अध्यक्ष होते हैं।
  • मंत्रिपरिषद् : प्रधानमंत्री द्वारा नेतृत्व और लोकसभा के उत्तरदायी होती है।
  • सामूहिक जिम्मेदारी : परिषद को लोकसभा का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है।

सुलभता :
• कार्यवाही 18 भाषाओं में होती है ताकि सभी को शामिल किया जा सके।

→ संवैधानिक और कानून बनाने के कार्य
संवैधानिक कार्य

  • राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव करना।
  • संविधान में संशोधन करना।
  • संसदीय लोकतंत्र शक्तियों का पृथक्करण, संघीयता, मौलिक अधिकारों और नीति- निदेशक तत्वों को बनाए रखना।

कानून बनाने की प्रक्रिया :
विधेयक प्रस्तुतीकरण → वाचन → स्थायी → समिति को प्रेषण → विचार और मतदान → दूसरे सदन की प्रक्रिया → राष्ट्रपति की स्वीकृति → राजपत्र में अधिसूचना।

कार्यपालिका की जवाबदेही :

  • प्रश्नकाल : सांसद मंत्रियों से प्रश्न पूछते हैं।
  • विशेष समितियाँ : नीतियों और व्यय की जाँच करती हैं।

वित्तीय जवाबदेही :

  • सरकार के बजट को मंजूरी देना, धन का आवंटन।
  • सरकार को समय पर और सही जानकारी प्रदान करनी होती है।

Class 8 SST Chapter 6 Notes in Hindi संसदीय प्रणाली विधायिका और कार्यपालिका

→ संसद के कार्यकारी कार्य राष्ट्रपति :

  •  राज्य के प्रमुख कार्यपालिका का प्रधान।
  • प्रधानमंत्री और मंत्रियों की नियुक्ति करते हैं, संसद का सत्र बुलाते हैं, विधेयकों पर स्वीकृति देते हैं, राजनीतिक संकट के समय, विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग करते हैं।

प्रधानमंत्री :

  • वास्तविक कार्यकारी प्राधिकरण।
  • मंत्रियों की परिषद का नेतृत्व करते हैं, मंत्रालयों का समन्वय करते हैं, नीतियों का निर्माण करते हैं।
  • लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होते हैं।

मंत्रियों की परिषद :

  • कानूनों और नीतियों को लागू करते हैं।
  • अधिकांश विधेयक प्रस्तुत, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कार्य करते हैं।

विधायिका बनाम कार्यपालिका

पहलू विधायिका कार्यपालिका
संरचना राष्ट्रपति + लोकसभा + राज्यसभा राष्ट्रपति + उपराष्ट्रपति + मंत्रियों की परिषद (प्रधानमंत्री)
भूमिका कानून बनाना, कार्यपालिका की निगरानी करना कानूनों को लागू करना, विधेयक प्रस्तुत करना
कार्य बहस करना, नीतियों की जाँच करना प्रशासन करना, बजट का प्रबंधन करना, कानूनों को लागू करना

→ न्यायपालिका और सरकार की संरचना न्यायपालिका :

  • कानूनों की व्याख्या और लागू करता मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है।
  • संविधान के अनुपालन के लिए विधायिका और कार्यपालिका की जाँच करता है।

शक्तियों का पृथक्करण :

  • विधायिका : कानून बनाता है।
  • कार्यपालिका : कानूनों को लागू करता है।
  • न्यायपालिका : सुनिश्चित करता है कि संविधान का पालन किया जाए।

राज्य स्तर की संरचना :

  • विधान सभा : विधायक (MLAs ) राज्य सूची और समवर्ती सूची की शक्तियाँ।
  • कार्यपालिका : राज्यपाल (प्रधान), मुख्यमंत्री (वास्तविक)।

संघ, राज्य, समवर्ती सूचियाँ :

  • संघ सूची → केंद्रीय सरकार के विषय।
  • राज्य सूची → राज्य के विषय।
  • समवर्ती सूची → साझा; यदि संघर्ष हो तो केंद्रीय सरकार की प्राथमिकता होती है।

संघ और राज्य सरकारें :

स्तर प्रमुख (संवैधानिक) कार्यकारी प्रमुख विधायिका
संघ राष्ट्रपति प्रधानमंत्री द्विसदनीय : लोकसभा और राज्यसभा
राज्य राज्यपाल मुख्यमंत्री एकसदनीय / द्विसदनीय : विधान सभा + विधान परिषद

→ कार्यप्रणाली में चुनौतियाँ
चुनौतियाँ :

  • विधायकों की अनुपस्थिति खराब सहयोग ।।
  • चर्चा की गुणवत्ता कम महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी।
  • सत्रों और प्रश्नकाल के दौरान बार-बार बाधाएँ।

संसदीय सत्र

  • बजट, मानसून, शीतकालीन सत्र।
  • सामान्यत : 6 घंटे /दिन संसद की बैठक वर्ष में 3 बार होती है।

Class 8 SST Chapter 6 Notes in Hindi संसदीय प्रणाली विधायिका और कार्यपालिका

सामाजिक चिंताएँ

  • प्रतिनिधियों के बीच आपराधिक मामले।
  • पक्षपाती या अप्रभावी बहसें।

मीडिया की भूमिका :

  • मतदाताओं की चिंताओं को संप्रेषित करता है।
  • जनता की भावना को दर्शाने के लिए हास्य, व्यंग्य का उपयोग।

लोकतंत्र को मजबूत करना :

  • नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • बहसों और डिजिटल प्लेटफार्मों में भाग लेना।
  • उभरते नेताओं की आवाजों का समर्थन करना।

भविष्य की भागीदारी :

  • भविष्य के मतदाता संसद को मजबूत करने में महत्वपूर्ण हैं।
  • सुनिश्चित करें कि प्रतिनिधित्व सभी नागरिकों की सेवा करे।

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Class 8 SST Social Science Extra Questions Exploring Society India and Beyond

CBSE Class 8 SST Social Science Important Extra Questions Chapter Wise are part of Extra Questions. Here we have given Exploring Society India and Beyond Class 8 Extra Questions.

Class 8 Social Science SST Important Questions Chapter Wise

Class 8 SST Extra Questions

Class 8 SST Important Questions Theme A India and the World: Land and the People

Class 8 Social Science Extra Questions Theme B Tapestry of the Past

SST Class 8 Extra Questions Theme D Governance and Democracy

Class 8 SST Extra Questions Theme E Economic Life Around Us

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Class 8 SST Important Questions in Hindi

Class 8 Social Science Extra Questions in Hindi Medium

  • Chapter 1 प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग Extra Questions
  • Chapter 2 भारत के राजनैतिक मानचित्र का पुनर्निर्माण Extra Questions
  • Chapter 3 मराठा साम्राज्य का उदय Extra Questions
  • Chapter 4 भारत में औपनिवेशिक काल Extra Questions
  • Chapter 5 सार्वभौमिक मताधिकार और भारत की निर्वाचन प्रणाली Extra Questions
  • Chapter 6 संसदीय प्रणाली विधायिका और कार्यपालिका Extra Questions
  • Chapter 7 उत्पादन के कारक Extra Questions

Class 8 Social Science Important Questions Chapter Wise (Old Syllabus)

Extra Questions for Class 8 Social Science History

Extra Questions for Class 8 Social Science Geography

Extra Questions for Class 8 Social Science Civics

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Class 8 SST Chapter 3 Notes in Hindi मराठा साम्राज्य का उदय

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The Rise of the Marathas Class 8 Notes in Hindi

मराठा साम्राज्य का उदय Class 8 Notes

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान अध्याय 3 नोट्स मराठा साम्राज्य का उदय

→ साहित्यिक इतिहास : भाषा विशेष में गद्य या पद्य में लेखन का ऐतिहासिक विकास।

→ स्वराज्य : स्व-शासन या स्वतंत्रता का एक शब्द, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए मराठा राज्य का दृष्टिकोण था।

→ छत्रपति : राजाओं का राजा का एक शीर्षक जिसका उपयोग मराठा साम्राज्य के शासकों द्वारा किया गया, शिवाजी महाराज से शुरू होकर।

→ जागीर : एक भूमि का टुकड़ा जिसे राजा ने एक कुलीन या सैनिक को दिया, जिससे वे कर एकत्रित कर सकें और सेवा के बदले भूमि का प्रबंधन कर सकें।

→ दक्षिण दिग्विजय : शिवाजी के दक्षिण भारत में मराठा प्रभाव का विस्तार करने के अभियानों को संदर्भित करता है।

→ सर्जिकल स्ट्राइक : एक सैन्य हमला जो केवल एक विशिष्ट लक्ष्य को नुकसान पहुँचाने के लिए होता है, जिसमें अन्य लोगों या बुनियादी ढाँचे को न्यूनतम या कोई नुकसान नहीं होता।

Class 8 SST Chapter 3 Notes in Hindi मराठा साम्राज्य का उदय

→ मराठा

  • मराठा लोग डेक्कन पठार (वर्तमान महाराष्ट्र) के निवासी थे।
  • वे मराठी बोलते थे, जिसमें 12वीं शताब्दी से समृद्ध साहित्यिक परंपरा थी।

प्रारंभिक राजनीतिक

  • 13वीं शताब्दी में यह क्षेत्र यादव वंश द्वारा देवगिरी (दौलताबाद) से शासित था।
  • 14वीं शताब्दी के आरंभ में यादवों को खिलजी सल्तनत द्वारा पराजित किया गया, जिससे यह क्षेत्र दिल्ली सल्तनत के नियंत्रण में आ गया।

→ सांस्कृतिक परंपराएँ और भक्तिमार्ग
भक्ति परंपरा

  • संतों और साधकों ने अनुष्ठानवाद की अपेक्षा में भक्ति मार्ग को अधिक महत्व प्रदान किया।
  • संतों ने समानता, नैतिकता और आध्यात्मिक उन्नति का उपदेश दिया।
  • आम लोगों तक पहुँचने के लिए स्थानीय भाषाओं का उपयोग किया गया।

महाराष्ट्र के प्रमुख संत
• ज्ञानेश्वर, नामदेव, तुकाराम, रामदास आदि।

समाज पर प्रभाव

  • उपनिषदों और भगवद् गीता के मराठी में अनुवाद किए गए।
  • सांस्कृतिक एकता का निर्माण किया, जिसने बाद में मराठा राजनीतिक संगठन का समर्थन

→ शिवाजी महाराज का उदय
प्रारंभिक जीवन

  • शिवाजी महाराज का जन्म 1630 में भोसले कुल में हुआ।
  • उनके माता-पिता थे शाहजी और जीजाबाई।
  • उनका लालन-पालन पुणे में हुआ, जहाँ उन्हें उत्तम संस्कार और अच्छी शिक्षा प्राप्त हुई।

प्रारंभिक उदय

  • यह क्षेत्र दक्खन के सुलतानों के बीच संघर्षों से प्रभावित था।
  • आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
  • 16 वर्ष की आयु में पहले उपेक्षित और निर्जन दुर्गा पर कब्जा किया।
  • उनकी कल्पना थी ‘स्वराज्य’ की स्थापना करना।

सैन्य विस्तार

  • शिवाजी ने पश्चिमी तट के साथ अपने नियंत्रण का विस्तार किया।
  • उन्होंने भारत में एक मजबूत नौसेना की स्थापना की, जो अद्वितीय थी।
  • उन्होंने गुरिल्ला युद्ध की तकनीक का उपयोग किया, गति, आश्चर्य और क्षेत्र का ज्ञान।
  • उन्होंने प्रतापगढ़ में अफजल खान को पराजित किया।

→ मुगलों के साथ संघर्ष
मुख्य टकराव :

  • मुगल सरदार शाइस्ता खाँ ने मराठा क्षेत्र पर आक्रमण किया।
  • शिवाजी ने रात्रि में शाइस्ता खाँ के शिविर पर हमला किया।
  • उन्होंने सूरत एक समृद्ध मुगल बंदरगाह को लूट लिया, जिससे मुगलों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा।

मुगल दरबार की घटना:

  • पुरंदर में पराजित होने के बाद, जय सिंह के साथ एक संधि पर हस्ताक्षर किए गए।
  • मुगल दरबार में अपमानित हुए।
  • घर में नजरबंद होने से भाग निकले और प्रतिरोध फिर से शुरू किया।

राजतिलक एवं विरासत :

  • 1674 में रायगढ़ में उनका राज्याभिषेक हुआ।
  • उपाधि : श्री राजा शिव छत्रपति।
  • रणनीतिक रक्षा के लिए दक्षिणी विस्तार शुरू किया।
  • 50 वर्ष की आयु में देहावसान; एक कुशल रणनीतिकार और दूरदर्शी व्यक्ति थे।

Class 8 SST Chapter 3 Notes in Hindi मराठा साम्राज्य का उदय

→ शिवाजी के पश्चात मराठा
उत्तराधिकार और मुगलों का खतरा

  • शिवाजी के दो पुत्र थे— संभाजी और राजाराम।
  • संभाजी को औरंगजेब ने पकड़कर मार डाला।
  • राजाराम ने जिंजी से प्रतिरोध जारी रखा।

प्रतिरोध जारी रहा

  • औरंगजेब के लंबे अभियानों के बावजूद. मराठों को पराजित नहीं किया जा सका।
  • राजाराम की मृत्यु के बाद, ताराबाई ने प्रतिरोध का नेतृत्व किया।
  • केंद्रीय शासन से विकेंद्रीकृत शक्ति की ओर अग्रसर हुआ।

विस्तार

  • पेशवा शक्तिशाली प्रशासक बन गए।
  • बाजीराव प्रथम ने भारत भर में मराठा शक्ति का विस्तार किया।
  • महादजी शिंदे ने दिल्ली को पुनः प्राप्त किया (1771)|
  • पंजाब और अफगानिस्तान की सीमा तक क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित किया।

→ मराठा साम्राज्य का पतन

  • तीसरी पानीपत की लड़ाई में प्रमुख हार (1761)|
  • माधवराव प्रथम के शासनकाल में मराठे शीघ्र ही सशक्त हो उठे।
  • तीन आंग्ल-मराठा युद्ध हुए (1775 – 1818)
  • अंग्रेजी सैन्य और प्रशासनिक श्रेष्ठता ने मराठों को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • अंग्रेजों ने मराठों को भारत में प्रमुख शक्ति के रूप में प्रतिस्थापित किया।

→ मराठा प्रशासन
नागरिक प्रशासन

  • केंद्रीकृत प्रणाली थी जिसमें वंशानुगत पद थे।
  • अधिकारियों को वेतन और नियमित स्थानांतरण मिलते थे।
  • अष्टप्रधान मंडल (आठ मंत्रियों की परिषद) का गठन किया गया था।

राजस्व प्रणाली

  • चौथ (25 प्रतिशत) और सरदेशमुखी (10 प्रतिशत) कर वसूल किए जाते थे।
  • इसके बदले में सुरक्षा प्रदान की जाती थी।
  • मुगलों ने इस व्यवस्था को स्वीकृति दी।

सैन्य और नौसेना

  • पैदल सेना, घुड़सवार सेना और नौसेना।
  • बारगीर (भुगतान राज्य द्वारा) और शिलेदार (भुगतान स्वयं सैनिक)
  • नौसेना का नेतृत्व कान्होजी आंग्रे ने किया।
  • यूरोपीय नौसैनिक प्रभुत्व को चुनौती देती थी।

→ सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान
शिवाजी महाराज

  • प्रशासन में मराठी भाषा को बढ़ावा दिया।
  • धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा दिया।
  • मंदिरों का पुनर्निर्माण और कलाओं का समर्थन किया।

प्रभावशाली महिलाएँ

  • ताराबाई : सैन्य प्रतिरोध का नेतृत्व किया।
  • अहिल्याबाई होलकर : न्यायप्रिय शासक, मंदिरों का पुनर्निर्माण, हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया।

तंजावुर के मराठा
• सरफोजी द्वितीय : कर्नाटकी संगीत, चिकित्सा, मुद्रणालय और शिक्षा के संरक्षक।

→ मराठों की विरासत

  • मुगलों के प्रभुत्व को सफलतापूर्वक चुनौती दी।
  • आत्म-शासन और कुशल प्रशासन को बढ़ावा दिया।
  • भविष्य के प्रतिरोध आंदोलनों को प्रेरित किया।

Class 8 SST Chapter 3 Notes in Hindi मराठा साम्राज्य का उदय

→ समयरेखा
वर्ष – घटना का विवरण
1630 – शिवाजी महाराज का जन्म, जो मराठा साम्राज्य के संस्थापक हैं।
1646 – शिवाजी के शासन का आरंभ जिससे दक्कन पठार में एक मजबूत आधार स्थापित हुआ।
1657 – मराठा नौसेना की स्थापना, जो समुद्री रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
1666 – शिवाजी आगरा में मुगल दरबार में नजरबंद हुए, लेकिन चतुराई से भाग निकलते हैं।
1674 – रायगढ़ में शिवाजी का राज्याभिषेक होता है।
1677 – शिवाजी ने दक्षिण विजय यात्रा आरंभ की जिसे ‘दक्षिण दिग्विजय’ भी कहा जाता है।
1680 – शिवाजी महाराज का निधन, जिसके बाद साम्राज्य में चुनौतियाँ आती हैं।
1682-1707 – मुगल-मराठा युद्ध होते हैं, जिसमें दोनों शक्तियों के बीच लगातार संघर्ष होता है।
1754 – मराठा दिल्ली पर नियंत्रण स्थापित करना शुरू करते हैं, जो उनके प्रभाव के विस्तार का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
1761 – पानीपत की लड़ाई होती है, जिसमें मराठों को अफगान बलों के खिलाफ विनाशकारी हार का सामना करना पड़ता है।
1775-1782 – प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध होता है, जिसमें मराठों को विजय प्राप्त होती है।
1818 – तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त होता है, जिसके परिणामस्वरूप मराठा शक्ति का पतन और भारत में ब्रिटिश नियंत्रण की स्थापना होती है।

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Class 8 SST Chapter 1 Notes in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

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Natural Resources and Their Use Class 8 Notes in Hindi

प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग Class 8 Notes

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 नोट्स प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

→ प्राकृतिक संसाधन : वे सामग्री या पदार्थ हैं जो प्रकृति में पाए जाते हैं और मानव के लिए मूल्यवान होते हैं।

→ नवीकरणीय संसाधन : वे संसाधन हैं जिन्हें समय के साथ स्वाभाविक रूप से पुनः प्राप्त किया जा सकता है।

→ अनवीकरणीय संसाधन : वे संसाधन हैं जो सीमित मात्रा में होते हैं और पुन: उत्पन्न नहीं होते।

→ जैव विविधता हानि : पृथ्वी पर जीवन की विविधता में कमी।

→ पुनर्जनन अर्थव्यवस्था : एक आर्थिक प्रणाली जो प्रकृति के साथ सामंजस्य में कार्य करती है।

→ शोषण : संसाधनों का अत्यधिक या गैर-जिम्मेदाराना उपयोग, जो अक्सर पर्यावरणीय हानि की ओर ले जाता है।

→ भौगोलिक वितरण : प्राकृतिक संसाधनों का विभिन्न क्षेत्रों में फैलाव, जो स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं और समुदायों को प्रभावित करता है।

→ अपशिष्ट न्यूनतमकरण : अपशिष्ट उत्पन्न करने की मात्रा को कम करने के लिए रणनीतियाँ और प्रथाएँ इस प्रकार संसाधन के कुशल उपयोग को बढ़ावा देती हैं।

Class 8 SST Chapter 1 Notes in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

→ प्रकृति

  • प्रकृति जीवित और निर्जीव रूपों की समग्रता है, जो पर्यावरण का भाग है।
  • इसमें वायु, जल, भूमि, पौधे, जानवर और मनुष्य रूप में शामिल हैं।
  • प्रकृति मानवीय हस्तक्षेप से स्वतंत्र रूप से विद्यमान है, हालांकि मनुष्य उस पर निर्भर हैं।

प्रकृति : संसाधन के रूप में

  • प्रकृति मनुष्य के लिए संसाधन बन जाती है, जब :
    इसका उपयोग जीवन के लिए आवश्यक चीजों (खाना, पानी, आश्रय) के लिए किया जाता है।
    प्राकृतिक तत्वों को उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है।
  • उदाहरण : पेड़ → लकड़ी → फर्नीचर।

→ प्राकृतिक संसाधन

  • प्राकृतिक संसाधन वे सामग्रियाँ और पदार्थ हैं जो प्रकृति में पाए जाते हैं और जो मानव के लिए मूल्यवान होते हैं।
  • ये आवश्यक होते हैं जीवन सामग्री और ऊर्जा के लिए।

उपयोग के अनुसार वर्गीकरण

  • जीवन के लिए आवश्यक
    वायु, पानी, भोजन।
    जीवन और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक।
  • सामग्री का स्रोत
    लकड़ी, खनिज, धातुएँ।
    इनका उपयोग औजार, फर्नीचर, भवन और मशीनें बनाने के लिए।
  • ऊर्जा का स्रोत
  • कोयला, खनिज तेल, प्राकृतिक गैस, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा।
  • घरों उद्योगों और परिवहन ऊर्जा प्रदान करते हैं।

→ प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार
नवीकरणीय संसाधन

  • समय के साथ पुन : निर्माण हो सकते हैं।
  • उदाहरण : सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल, वन।
  • असंधारणीय उपयोग की आवश्यकता है ताकि अतिशोषण से बचा जा सके।
  • अपेक्षाकृत कम पर्यावरणीय नुकसान करते हैं।

अनवीकरणीय संसाधन

  • जिस अनुपात से हम उनका उपयोग करते हैं, उस अनुपात में उनकी पुनः पूर्ति नहीं की जा सकती।
  • उदाहरण: जीवाश्म ईंधन, खनिज जैसे लोहा और सोना।
  • उपलब्धता सीमित होती है, निर्माण लंबा समय लेता है।
  • उच्च प्रदूषण और पर्यावरणीय गिरावट का कारण बनते हैं।

→ भौगोलिक वितरण
प्राकृतिक संसाधन विश्व में असमान रूप से वितरित हैं।
प्रभाव
मानव बस्तियों पर, व्यापार और उद्योगों पर, राज्यों और देशों के बीच संबंधों पर।

  • उदाहरण :
  • भारत में कोयले का वितरण ऊर्जा उत्पादन को प्रभावित करता है, कावेरी नदी के जल वितरण को लेकर राज्यों के बीच विवाद है।

→ संसाधनों पर आधारित
आर्थिक गतिविधियाँ

  • निष्कर्षण : खनन, तेल की खुदाई।
  • कृषि : फसलों और खाद्य पदार्थों का उत्पादन।
  • निर्माण : कच्चे माल को सामान में बदलना।
  • व्यापार : संसाधनों का निर्यात और आयात।

→ पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव

  • संसाधनों का अत्यधिक उपयोग से क्षीण हो रहा है।
  • प्रदूषण : भूमि, जल, वायु और जैव विविधता को नुकसान पहुँचाता है।
  • संसाधनों के बँटवारे पर विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
  • जिम्मेदार प्रबंधन : भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।

→ सांस्कृतिक दृष्टिकोण

  • स्वदेशी और पारंपरिक समुदाय अक्सर प्रकृति को पवित्र मानते हैं।
  • संसाधनों के संरक्षण और सावधानीपूर्वक उपयोग पर जोर देते हैं।
  • सातत्व कृषि और जंगलों एवं जल की सुरक्षा को बढ़ावा देते हैं।

→ प्राकृतिक संसाधन का अभिशाप

  • विरोधाभास : संसाधन समृद्ध देश धीरे-धीरे विकसित होते हैं, संसाधनों की प्रचुरता विकास की गारंटी नहीं देती. कच्चे माल पर निर्भरता आर्थिक अस्थिरता का कारण बनती है।
  • उदाहरण : वेनेजुएला और नाइजीरिया
  • समाधान :
    औद्योगिक विकास और मूल्य वृद्धि।
    शिक्षा और प्रौद्योगिकी।
    पारदर्शी और जवाबदेह शासन।

Class 8 SST Chapter 1 Notes in Hindi प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग

→ पुनर्स्थापन और पुनर्जनन

  • पुनर्स्थापन : क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी तंत्रों की मरम्मत करना।
  • पुनर्जनन : प्रकृति की स्वयं को वीकृत करने की क्षमता।
  • मानव गतिविधियों जैसे अत्यधिक निष्कर्षण. प्रदूषण और वनों की कटाई प्राकृतिक को बाधित करती हैं।
  • पुनर्स्थापन के प्रयास
    भूजल पुनर्भरण, जैविक मृरा प्रबंधन, स्थानीय प्रजातियों का उपयोग करके पुनर्स्थापनकरण।

→ भूजल का अत्यधिक दोहन

  • कारण :
    जल-गहन फसलें।
    निःशुल्क विद्युत की आपूर्ति के कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ।
    रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक घरेलू और औद्योगिक माँग में वृद्धि।
  • प्रभाव :
    जलस्तर में गिरावट (जैसे-पंजाब) जल प्रदूषण कृषि लागत में वृद्धि जैवविविधता की हानि।

→ सीमेंट और पर्यावरण

  • सीमेंट आधुनिक अवसंरचना के लिए आवश्यक है।
  • अधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों में से एक है।
  • वायु मिट्टी और जल प्रदूषणका कारण बनता है।
  • प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश मौजूद हैं।
  • विकल्पों में मिट्टी, पत्थर और पुनीकरण सामग्री शामिल है।

→ वृक्षायुर्वेद और संधारणीय प्रधाएँ

  • प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो पौधों और पेड़ों की देखभाल पर केंद्रित है।
  • प्रकृति सामंजस्य और सतत कृषि पर जोर देता है।
  • उदाहरण सिक्किम का जैविक खेती की ओर बदलाव, जिससे स्वदा जैव विविधता और दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्राप्त हुए।

→ प्रबंधन और नवीकरणीय संक्रमण

  • प्रबंधन का अर्थ है संसाधनों का बुद्धिमान और सम्मानजनक प्रबंधन।
  • नवीकरणीय ऊर्जा जैसे; सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जैव ऊर्जा की और बदलाव।
  • स्थिरता ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास सुनिश्चित करता है।

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