Saturday, 30 May 2026

भारति, जय, विजयकरे Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 10

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Class 9 Hindi भारति, जय, विजयकरे Extra Question Answer

Class 9 Hindi Chapter 10 भारति, जय, विजयकरे Extra Question Answer

NCERT Class 9 Hindi Chapter 10 Extra Question Answer अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘भारति, जय, विजयकरे!’ कविता के रचयिता कौन हैं?
उत्तर:
इस कविता के रचयिता सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ हैं।

प्रश्न 2.
कवि ने भारतमाता के चरणों में किसे स्थित बताया है?
उत्तर:
कवि ने लंका को भारतमाता के चरणों में एक कमल (शतदल) के समान बताया है।

प्रश्न 3.
भारतमाता के गले का हार किसे कहा गया है?
उत्तर:
गंगा की धवल (सफ़ेद) धार को भारतमाता के गले का हार कहा गया है।

प्रश्न 4.
‘कनक शस्य’ शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर:
‘कनक-शस्य’ का अर्थ है सोने के समान मूल्यवान फ़सलें।

प्रश्न 5.
कवि ने भारत का मुकुट किसे माना है?
उत्तर:
कवि ने हिमालय को भारत का शुभ्र मुकुट माना है।

प्रश्न 6.
भारतमाला के वस्त्र किन चीज़ों से बने हैं?
उत्तर:
तरु (वृक्ष), तृण (घास), वन और लताएँ भारतमाता के वस्त्र हैं।

भारति, जय, विजयकरे Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 10

प्रश्न 7.
दिशाओं में किसकी गूँज हो रही है?
उत्तर:
दिशाओं में प्रणव ‘ओंकार’ की गूँज हो रही है।

प्रश्न 8.
समुद्र का जल क्या कार्य कर रहा है?
उत्तर:
गर्जना करता हुआ समुद्र का जल भारतमाता के पवित्र चरणों को धो रहा है।

प्रश्न 9.
निराला जी का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर:
निराला जी का जन्म सन 1899 में बंगाल के महिषादल में हुआ था।

प्रश्न 10.
इस कविता में भारत को किस रूप में संबोधित किया गया है?
उत्तर:
कविता में भारत को ‘भारत’ कहकर एक चेतन देवी के रूप में संबोधित किया गया है।

भारति, जय, विजयकरे Extra Question Answer लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘कनक शस्य कमलधरे’ पंक्ति के माध्यम से कवि क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर:
इस पंक्ति के माध्यम से कवि भारत की कृषि संपन्नता और सांस्कृतिक पवित्रता को दर्शाते हैं। ‘कनक शस्य’ सुनहरी फसलों का प्रतीक है और ‘कमलधरे’ भारत की कोमलता और वैभव को प्रकट करता है।

प्रश्न 2.
कवि ने भारत के भौगोलिक स्वरूप का चित्रण कैसे किया है?
उत्तर:
कवि ने भारत को एक देवी के रूप में चित्रित किया है जिसके मस्तक पर हिमालय का मुकुट है, गले में गंगा की लहरों का हार है और जिसके चरणों को समुद्र धोता है।

प्रश्न 3.
शतमुख-शतरव-मुखरे पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
यह पंक्ति भारत की विविधता को दर्शाती है। भारत में अनेक भाषाएँ, विचार और उत्सव हैं, जो सैकड़ों मुखों और ध्वनियों के रूप में यहाँ की जीवंतता को प्रकट करते हैं।

प्रश्न 4.
निराला जी की काव्य-भाषा की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर:
निराला जी की काव्य भाषा संस्कृतनिष्ठ और सामासिक शब्दों से युक्त है। उन्होंने अपनी रचनाओं में मुक्त छंद का भी प्रयोग किया है।

प्रश्न 5.
कविता में ‘ओंकार’ का क्या महत्व बताया गया है?
उत्तर:
‘ओंकार’ भारत की आध्यात्मिक शक्ति और ज्ञान-परंपरा का प्रतीक है। कवि के अनुसार, भारत की उदार दिशाएँ इसी ओंकार की ध्वनि से गुंजायमान हैं।

प्रश्न 6.
“तरु-तृण वन लता वसन” पंक्ति में कौन-सा अलंकार है और क्यों?
उत्तर:
इसमें अनुप्रास अलंकार है क्योंकि ‘त’ वर्ण की आवृत्ति हुई है। साथ ही, यहाँ प्रकृति का मानवीकरण किया गया है क्योंकि इन्हें वस्त्रों के रूप में कल्पित किया गया है।

भारति, जय, विजयकरे Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 10

प्रश्न 7.
गंगा को ‘ज्योतिर्जल-कण’ क्यों कहा गया है?
उत्तर:
गंगा का जल अत्यंत निर्मल और प्रकाशमय है। इसकी धारा सूर्य की किरणों में चमकती हुई मोतियों के हार जैसी प्रतीत होती है, इसलिए इसे ज्योतिर्मय जल कहा गया है।

प्रश्न 8.
यह कविता पाठक के मन में कौन-सी भावना जाग्रत करती है?
उत्तर:
यह कविता पाठक के मन में राष्ट्र के प्रति गौरव, देशभक्ति और अपनी प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना जाग्रत करती है।

Class 9 Hindi Chapter 1 Extra Questions and Answers दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘भारति, जय, विजयकरे!’ कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
भारति, जय, विजयकरे!’ कविता निराला जी द्वारा रचित एक देशभक्तिपूर्ण रचना है। इसमें भारत को एक साक्षात देवी के रूप में मानवीकृत किया गया है। हिमालय इसका मुकुट, गंगा इसका हार और वन-उपवन इसके वस्त्र हैं। दक्षिण में स्थित श्रीलंका इसके चरणों में रखे कमल जैसा है और समुद्र निरंतर इसके पैर पखारता है। कवि कामना करता है कि ज्ञान और संपन्नता से युक्त भारत की चारों दिशाओं में जय-जयकार हो और यह राष्ट्र सदा विजयी रहे।

प्रश्न 2.
कविता में प्रकृति का मानवीकरण किस प्रकार किया गया है? उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
उत्तर:
कवि ने प्रकृति के विभिन्न अंगों को देवी (पृथ्वी) के आभूषणों और अंगों के रूप में दिखाया है। जैसे – समुद्र को चरण धोने वाले सेवक के रूप में गंगा की धारा को गले के हार के रूप में, वन और लताओं को वस्त्रों के रूप में और हिमालय को सिर के मुकुट के रूप में यह चित्रण भारत को एक जड़ भूखंड की बजाय एक जीवित और चेतन सत्ता बनाता है।

प्रश्न 3.
कविता के आधार पर भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपन्नता का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत केवल प्राकृतिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध है। यहाँ ‘प्रणव ओंकार’ की गूँज आध्यात्मिक श्रेष्ठता को दर्शाती है। ‘शतमुख-शतरव’ का अर्थ यहाँ की भाषायी और सांस्कृतिक विविधता है। भारत ज्ञान का केंद्र है जहाँ अनेक विचारधाराएँ एक साथ मिलकर राष्ट्र को मुखरित और गौरवशाली बनाती हैं।

आपकी सोच

प्रश्न 1.
क्या आप मानते हैं कि प्रकृति का संरक्षण करना भी देशप्रेम का एक रूप है? तर्क दीजिए।
उत्तर:
हाँ, प्रकृति का संरक्षण भी देशप्रेम है। यदि हम अपने देश की नदियों (जैसे गंगा) को प्रदूषित होने से बचाते हैं और वनों की रक्षा करते हैं, तो हम वास्तव में अपने देश की संपदा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित कर रहे होते हैं। एक स्वस्थ और हरा-भरा देश ही वास्तव में समृद्ध देश कहलाता है।

प्रश्न 2.
यदि आपको आज के संदर्भ में भारत की विशेषताओं का वर्णन करना हो, तो आप किन नए पहलुओं को जोड़ेंगे?
उत्तर:
आज के संदर्भ में, मैं भारत की प्राचीन संस्कृति के साथ-साथ उसकी तकनीकी प्रगति, वैज्ञानिक उपलब्धियों (जैसे इसरो), डिजिटल क्रांति और युवाओं की नवाचार शक्ति को जोड़ना चाहूँगा। आज का भारत ज्ञान और विज्ञान का संतुलित संगम है।

प्रश्न 3.
“ध्वनित दिशाएँ उदार” पंक्ति आज के वैश्विक समाज में भारत की भूमिका को कैसे दर्शाती है?
उत्तर:
यह पंक्ति दर्शाती है कि भारत के विचार हमेशा से ‘उदार’ रहे हैं। आज भी भारत शांति, सहयोग और मानवता का संदेश पूरी दुनिया को दे रहा है। भारत के विचार वैश्विक मंच पर एक सकारात्मक गूँज की तरह स्वीकार किए जा रहे हैं।

प्रश्न 4.
बढ़ते प्रदूषण ने कविता में वर्णित ‘हिमालय के मुकुट’ और ‘गंगा के हार’ को कैसे प्रभावित किया है?
उत्तर:
जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय के ग्लेशियर (मुकुट) पिघल रहे हैं, जिससे उसका शुभ्र स्वरूप संकट में है। वहीं, औद्योगिक कचरे के कारण गंगा की ‘धवल धार’ (श्वेत हार) मैली हो रही है। यह कविता हमें चेतावनी देती है कि यदि हमने इन प्रतीकों की रक्षा नहीं की, तो हम अपना सांस्कृतिक गौरव खो देंगे।

भारति, जय, विजयकरे Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 10

Class 9 Ganga Chapter 10 Extra Question Answer अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न

दिए गए काव्यांशों को पढ़कर उन पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

काव्यांश – 1

“भारति, जय, विजयकरे!
कनक-शस्य-कमलधरे!

लंका पदतल शतदल,
गर्जितोर्मि सागर-जल
धोता शुचि चरण युगल
स्तव कर बहु-अर्थ-भरे!” (पृष्ठ 167)

लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
‘कनक-शस्य’ पद के माध्यम से भारत की किस परंपरा और सौंदर्य को दर्शाया गया है?
उत्तर:
यह भारत की कृषि परंपरा और किसानों के श्रम के सौंदर्य को दर्शाता है।

प्रश्न 2.
कवि ने लंका और कमल ( शतदल) के बीच क्या संबंध स्थापित किया है?
उत्तर:
कवि कहते हैं कि लंका भारतमाता के चरणों में एक खिले हुए कमल (शतदल) के समान स्थित है।

प्रश्न 3.
“शुचि चरण युगल” को धोने का कार्य कौन कर रहा है और कैसे?
उत्तर:
गरजता हुआ समुद्र का जल भारतमाता के पवित्र चरणों को निरंतर धोता है।

काव्यांश – 2

“तरु-तृण-वन-लता वसन,
अंचल में खचित सुमन;
गंगा ज्योतिर्जल-कण
धवल धार हार गले।” (पृष्ठ 167)

लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
प्रकृति का मानवीकरण करते हुए कवि ने भारतमाता के ‘वसन’ (वस्त्र) किसे माना है?
उत्तर:
वृक्ष, घास, वन और लताओं को भारतमाता के वस्त्र माना गया है।

प्रश्न 2.
‘ज्योतिर्जल – कण’ विशेषण गंगा के स्वरूप के बारे में क्या बताता है?
उत्तर:
यह गंगा के जल को प्रकाशमय, चमकदार और अत्यंत पवित्र बताता है।

प्रश्न 3.
भारतमाता के ‘अंचल’ की सजावट का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर:
भारतमाता का आँचल खिले हुए सुंदर फूलों (सुमन) से जड़ा हुआ है।

काव्यांश – 3

“मुकुट शुभ्र हिम-तुषार,
प्राण प्रणव ओंकार,
ध्वनित दिशाएँ उदार,
शतमुख- शतरव-मुखरे!” (पृष्ठ 167)

लघूत्तरात्मक प्रश्नः
प्रश्न 1.
हिमालय को भारत का ‘शुभ्र मुकुट’ क्यों कहा गया है?
उत्तर:
क्योंकि हिमालय उत्तर में ऊँचा है और बर्फ से ढका होने के कारण सफ़ेद मुकुट जैसा दिखता है।

प्रश्न 2.
‘प्राण प्रणव ओंकार’ पंक्ति भारत की किस प्राचीन विरासत की ओर संकेत करती है?
उत्तर:
यह भारत की आध्यात्मिक चेतना और प्राचीन ज्ञान परंपरा की ओर संकेत करती है।

प्रश्न 3.
“ध्वनित दिशाएँ उदार” से कवि का क्या आशय है?
उत्तर:
भारत की दिशाएँ महान विचारों और सभी को अपनाने वाली उदारता से गूँज रही हैं।

भारति, जय, विजयकरे Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 10

Class 9 Hindi Chapter 10 Extra Question Answer for Practice

दिए गए काव्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

“तरु-तृण-वन-लता वसन,
अंचल में खचित सुमन;
गंगा ज्योतिर्जल-कण
धवल धार हार गले।

मुकुट शुभ्र हिम-तुषार,
प्राण प्रणव ओंकार” (पृष्ठ 167)

प्रश्न 1.
‘खचित सुमन’ का अर्थ कविता के संदर्भ में क्या है?
(क) बिखरे हुए फूल
(ख) आँचल में जड़े हुए फूल
(ग) मुरझाए हुए फूल
(घ) सुगंधित फूल

प्रश्न 2.
गंगा की ‘धवल धार’ की तुलना किससे की गई है?
(क) चाँदी की माला से
(ख) गले के हार से
(ग) रेशमी वस्त्र से
(घ) बादलों की गड़गड़ाहट से

प्रश्न 3.
कथन और कारण
कथन (A) : कवि ने हिमालय को भारतमाता का मुकुट कहा है।
कारण (R) : हिमालय की सफ़ेद बर्फ़ भारत के मस्तक पर ताज की तरह सुशोभित होती है।
विकल्पः
(क) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ग) कथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
(घ) कथन (A) और कारण (R) दोनों गलत हैं।

प्रश्न 4.
‘तरु-तृण-वन- लता वसन’ पंक्ति के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहते हैं?

प्रश्न 5.
भारत की आध्यात्मिक शक्ति का वर्णन कवि ने किन शब्दों में किया है?

बहुविकल्पी प्रश्न

प्रश्न 1.
‘भारत’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
(क) देवी सरस्वती
(ख) भारतमाता
(ग) भारतीय नारी
(घ) ‘क’ और ‘ख’ दोनों

प्रश्न 2.
‘गर्जितोर्मि’ में कौन-से दो शब्द छिपे हैं?
(क) गरज और लहर
(ख) गर्जन और ऊर्मि (लहर)
(ग) गर्मी और सागर
(घ) वर्षा और गर्जन

प्रश्न 3.
‘कनक- शस्य’ से कवि का क्या तात्पर्य है?
(क) सोने के आभूषण
(ख) सुनहरी फसलें
(ग) रेतीली मिट्टी
(घ) सोने की खदान

प्रश्न 4.
भारतमाता के चरणों को कौन धोता है?
(क) गंगा का जल
(ख) वर्षा की बूँदें
(ग) सागर का जल
(घ) ओस की बूँदें

प्रश्न 5.
दिशाएँ किससे गुंजायमान (ध्वनित) हो रही हैं?
(क) शंख की ध्वनि से
(ख) उदार और पवित्र ध्वनियों से
(ग) युद्ध के नारों से
(घ) बादलों की गर्जना से

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
कविता के रचयिता का नाम लिखिए।

प्रश्न 2.
भारतमाता के वस्त्रों में क्या जड़े हुए हैं?

प्रश्न 3.
‘शतदल’ शब्द का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

भारति, जय, विजयकरे Class 9 Extra Question Answer Hindi Chapter 10

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
कविता में लंका की स्थिति का वर्णन कवि ने किस प्रकार किया है?

प्रश्न 2.
‘ज्योतिर्जल-कण’ का प्रयोग गंगा के लिए क्यों किया गया है?

प्रश्न 3.
कविता में ‘प्राण’ और ‘प्रणव’ का क्या संबंध बताया गया है?

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
पूरी कविता के आधार पर भारतमाता के स्वरूप का चित्रण अपने शब्दों में कीजिए।

प्रश्न 2.
निराला जी ने भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक महानता को किस प्रकार जोड़ा है? विस्तार से लिखिए।

आपकी सोच

प्रश्न 1.
यदि आपको आज के समय में भारत की वंदना के लिए कोई नया प्रतीक चुनना हो तो आप क्या चुनेंगे और क्यों?

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